MoS Finance Pankaj Chaudhary sharing data on universal banking coverage and cyber security in Lok Sabha.

99.92% गांवों में पहुंची बैंकिंग सुविधा, सरकार ने लोकसभा में बताया

देश में बड़ी उपलब्धि: 99.92% गांवों तक पहुंची बैंकिंग सेवाएं, साइबर सुरक्षा पर भी सरकार सख्त”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की  रिपोर्ट

भारत ने वित्तीय समावेशन (Financial Inclusion) की दिशा में एक ऐतिहासिक मुकाम हासिल कर लिया है।

देश में अब लगभग सार्वभौमिक बैंकिंग कवरेज (Universal Banking Coverage) का लक्ष्य पूरा हो चुका है।

मंगलवार को लोकसभा में जानकारी देते हुए वित्त मंत्रालय में राज्य मंत्री श्री पंकज चौधरी ने बताया कि देश के 99.92 प्रतिशत आबाद गांवों में अब 5 किलोमीटर के दायरे में बैंकिंग सुविधाएं उपलब्ध हो गई हैं।

गांव-गांव तक फैला बैंकिंग नेटवर्क

सरकार द्वारा ‘जन धन दर्शक’ (JDD) ऐप पर अपलोड किए गए आंकड़ों के अनुसार:

  • देश के कुल 6,01,328 आबाद गांवों में से 6,00,868 गांवों (99.92%) के 5 किमी के दायरे में एक बैंक शाखा, बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट (BC) या इंडिया पोस्ट पेमेंट्स बैंक (IPPB) मौजूद है।

  • इस मजबूत बुनियादी ढांचे में 1.81 लाख से अधिक बैंक शाखाएं, 17.36 लाख बिजनेस कॉरेस्पोंडेंट और 1.65 लाख IPPB केंद्र शामिल हैं।

  • आरबीआई (RBI) ने बैंकों को बिना पूर्व अनुमति के कहीं भी शाखाएं खोलने की छूट दी है, बशर्ते 25% शाखाएं बैंकिंग सुविधाओं से वंचित ग्रामीण क्षेत्रों में हों।

जनधन खातों में जमा हैं 3.12 लाख करोड़ रुपये

वित्तीय समावेशन की सबसे बड़ी योजना ‘प्रधानमंत्री जन धन योजना’ (PMJDY) के तहत 17 जुलाई 2026 तक देश में कुल 58.77 करोड़ खाते खोले जा चुके हैं।

इन खातों में कुल 3,12,414 करोड़ रुपये की भारी-भरकम राशि जमा है, जो ग्रामीण अर्थव्यवस्था की मजबूती को दर्शाती है।

किसानों के लिए आसान हुआ कर्ज (डिजिटल पहल)

कृषि ऋण के वितरण में पारदर्शिता लाने के लिए सरकार ने कई डिजिटल कदम उठाए हैं:

  • जन समर्थ पोर्टल: सभी सरकारी ऋणों और सब्सिडी योजनाओं को एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया गया है, जिससे ऋण स्वीकृति में तेजी आई है।

  • डिजिटल एप्लिकेशन: नाबार्ड द्वारा ‘ई-केवाईसी’ (e-KYC) और कृषि विभाग द्वारा ‘कृषिका’ जैसी डिजिटल पहल शुरू की गई हैं।

  • किसान ऋण पोर्टल (KRP): डिजिटल लाभार्थी सत्यापन के माध्यम से ब्याज सब्सिडी योजना (MISS) के तहत तेजी से क्लेम का निपटान किया जा रहा है।

साइबर फ्रॉड रोकने के लिए RBI के ‘ब्रह्मास्त्र’

बढ़ते डिजिटल लेनदेन के साथ साइबर अपराधों को रोकने के लिए सरकार और RBI ने कई कड़े कदम उठाए हैं:

  1. IDPIC की स्थापना: AI और मशीन लर्निंग का उपयोग कर बैंकों के साथ रियल-टाइम में धोखाधड़ी के अलर्ट साझा करने के लिए ‘इंडिया डिजिटल पेमेंट इंटेलिजेंस कॉर्पोरेशन’ बनाया गया है।

  2. म्यूलहंटर (MuleHunter): मनी म्यूल (अवैध खातों) की पहचान के लिए RBI ने यह उन्नत AI टूल लॉन्च किया है।

  3. हेल्पलाइन 1930 और पोर्टल: गृह मंत्रालय का I4C विंग अवैध लोन ऐप्स पर नजर रख रहा है। नागरिक धोखाधड़ी की शिकायत ‘1930’ डायल करके या www.cybercrime.gov.in पर कर सकते हैं।

  4. ई-बीएएटी (e-BAAT): RBI लगातार साइबर अपराध की रोकथाम के लिए जागरूकता अभियान चला रहा है।