Ban on replacement of smart meters in UP

यूपी में स्मार्ट मीटर बदलने पर रोक, सीएम योगी के निर्देश पर बनी कमेटी

उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर बदलने पर लगी रोक, तकनीकी कमेटी की रिपोर्ट का इंतजार; नए कनेक्शन होंगे प्रीपेड

लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

उत्तर प्रदेश में बिजली उपभोक्ताओं के भारी विरोध और शिकायतों के बाद, प्रदेश सरकार और पावर कॉरपोरेशन ने पुराने मीटर हटाकर स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया पर फिलहाल रोक लगा दी है।

यह रोक तब तक लागू रहेगी, जब तक कि इस मामले की जांच के लिए गठित तकनीकी कमेटी अपनी रिपोर्ट नहीं सौंप देती।

हालांकि, विभाग ने यह स्पष्ट किया है कि बिजली के सभी नए कनेक्शन स्मार्ट प्रीपेड मीटर के जरिए ही दिए जाएंगे।

उपभोक्ताओं का विरोध और सीएम योगी का हस्तक्षेप

दरअसल, पूरे प्रदेश में उपभोक्ता इस बात का विरोध कर रहे थे कि बिजली विभाग के कर्मचारी उनकी बिना अनुमति लिए मनमाने तरीके से पुराने मीटर बदलकर स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगा रहे हैं।

कई जगहों पर उपभोक्ताओं ने इसके खिलाफ आंदोलन भी शुरू कर दिया था, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई थी।

प्रदेश भर में बढ़ते बवाल का संज्ञान लेते हुए पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय समीक्षा की।

मुख्यमंत्री के कड़े निर्देशों के बाद उपभोक्ताओं की शिकायतों के समाधान के लिए 12 अप्रैल को एक विशेष तकनीकी कमेटी का गठन किया गया।

पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष का आदेश

उपभोक्ताओं के आक्रोश और मामले की गंभीरता को देखते हुए, शनिवार रात पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गोयल ने स्मार्ट मीटर बदलने के कार्य को तत्काल प्रभाव से रोकने का आदेश जारी कर दिया।

उन्होंने प्रदेश के सभी विद्युत निगमों के प्रबंध निदेशकों को कड़े निर्देश दिए हैं कि जब तक तकनीकी कमेटी अपनी जांच रिपोर्ट नहीं दे देती, तब तक किसी भी उपभोक्ता का पुराना मीटर न बदला जाए। कमेटी की विस्तृत रिपोर्ट के आधार पर ही इस योजना पर आगे का निर्णय लिया जाएगा।

अब तक लग चुके हैं 78 लाख मीटर

गौरतलब है कि प्रदेश भर में उपभोक्ताओं के पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलने का बड़ा अभियान चल रहा था।

आंकड़ों के अनुसार, अब तक राज्य में कुल 78 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं, जिनमें से 70.50 लाख कनेक्शन स्मार्ट प्रीपेड मीटर वाले हैं।

नए कनेक्शन पर क्या है नियम?

डॉ. आशीष गोयल ने यह साफ किया है कि मीटर बदलने के काम पर रोक है, लेकिन किसी भी उपभोक्ता का नया बिजली कनेक्शन नहीं रोका जाएगा।

जो भी उपभोक्ता नए कनेक्शन के लिए आवेदन कर रहे हैं, उन्हें अनिवार्य रूप से स्मार्ट प्रीपेड मीटर के जरिए ही कनेक्शन दिया जाएगा।

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