“बद्दी के एचपीएसआईडीसी औद्योगिक क्षेत्र में एक उद्योग ने केमिकल युक्त पानी को गंदे पानी की नाली में छोड़ दिया। इससे गंदे पानी का रंग नीला हो गया। यह जहरीला पानी नाली से बहता हुआ जलस्रोतों व लोगों को खेतों तक पहुंच गया”
बद्दी /सोलन 11 / 10 / 2024 नीतू कौशल की रिपोर्ट
अचानक आए इस रसायनयुक्त पानी को देखकर लोगों ने इसकी शिकायत प्रदूषण विभाग से की है। बद्दी के कैलाश विहार में एक पैकेजिंग उद्योग ने यह केमिकल युक्त पानी छोड़ा और वहां से सरसा खड्ड तक पहुंच गया।
भारतीय मजदूर संघ के प्रदेश इकाई के सदस्य मेला राम चंदेल ने बताया कि कुछ उद्योगों ने ईटीपी प्लांट प्रदूषण बोर्ड को दिखाने के लिए लगाए हैं। यह दूषित पानी को सीधा जमीन पर छोड़ रहे हैं। इससे यहां पर महामारी फैलने का खतरा बना हुआ है।
बद्दी में सभी पेयजल योजनाएं ट्यूबवेल से हैं। ट्यूबवैल का पानी जमीन से आता है। यह दूषित पानी भी जमीन में ही मिलता है। इससे यहां पर गंभीर बीमारियाें का खतरा बना हुआ है।
उधर, प्रदूषण बोर्ड के वरिष्ठ अभियंता प्रवीण गुप्ता ने बताया कि शिकायत मिलते ही पानी के सैंपल भरकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही कंपनी के खिलाफ कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
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