B.Tech student Anu Priya studying with focus after receiving NSP government scholarship.

7.50 लाख की सरकारी छात्रवृत्ति से संवरा B.Tech छात्रा अनु का भविष्य

आर्थिक तंगी को मात देकर अनु प्रिया ने भरी उड़ान: 7.50 लाख की सरकारी छात्रवृत्ति से साकार हो रहा B.Tech का सपना”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

उच्च शिक्षा युवाओं के लिए एक मजबूत करियर और आत्मनिर्भर भविष्य की नींव रखती है। लेकिन, समाज के आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए इंजीनियरिंग जैसी महंगी उच्च शिक्षा का खर्च उठाना किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं होता।

हालांकि, सरकार की सही समय पर मिलने वाली वित्तीय सहायता कैसे किसी होनहार छात्र का जीवन बदल सकती है, इसकी एक जीती-जागती मिसाल हैं 20 वर्षीय अनु प्रिया।

आर्थिक तंगी ने रोका था रास्ता, पर नहीं हारी हिम्मत

ओबीसी (OBC) श्रेणी से आने वाली अनु प्रिया वर्तमान में बी.टेक द्वितीय वर्ष की छात्रा हैं। ग्रामीण क्षेत्र और एक आर्थिक रूप से कमजोर परिवार से ताल्लुक रखने वाली अनु के लिए यहां तक का सफर आसान नहीं था।

  • एक समय था जब उनके परिवार की वार्षिक आय मात्र 99,000 रुपये थी।

  • इस सीमित आय में घर चलाने के साथ-साथ ट्यूशन फीस, महंगी किताबें, यात्रा और पढ़ाई से जुड़ी अन्य जरूरतों को पूरा करना बेहद चुनौतीपूर्ण था।

  • ग्रामीण परिवेश में गुणवत्तापूर्ण संसाधनों और उचित मार्गदर्शन की कमी ने उनकी राह और मुश्किल बना दी थी।

इन तमाम कठिनाइयों के बावजूद, अनु प्रिया ने कभी हार नहीं मानी। उनका लक्ष्य स्पष्ट था— अपनी शिक्षा पूरी करना, एक स्थिर करियर बनाना और आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होकर अपने परिवार का सहारा बनना।

7.50 लाख रुपये की छात्रवृत्ति बनी जीवन की नई दिशा

अनु के इस दृढ़ संकल्प को तब नई उड़ान मिली जब उन्हें राष्ट्रीय छात्रवृत्ति पोर्टल (NSP) के माध्यम से 2024-2026 के दौरान 7,50,000 रुपये की भारी-भरकम छात्रवृत्ति सहायता प्रदान की गई।

इस सरकारी सहायता ने उनके परिवार पर पड़े वित्तीय बोझ को लगभग खत्म कर दिया। इस छात्रवृत्ति से अनु अपनी शैक्षणिक फीस, किताबें और अध्ययन सामग्री से जुड़े तमाम खर्च आसानी से पूरे कर पा रही हैं।

अब उन्हें पैसों की चिंता नहीं सताती, जिससे वे अधिक आत्मविश्वास और बेहतर एकाग्रता के साथ अपनी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित कर पा रही हैं।

उज्ज्वल भविष्य की ओर मजबूत कदम

वर्तमान में अनु के परिवार की आय थोड़ी बढ़कर लगभग 1,20,000 रुपये हुई है, जो अभी भी बी.टेक जैसी पढ़ाई के लिए नाकाफी है। ऐसे में यह छात्रवृत्ति उनके लिए एक संजीवनी साबित हुई है।

अनु प्रिया की यह संघर्ष और सफलता की कहानी स्पष्ट रूप से दर्शाती है कि समय पर मिलने वाली शैक्षिक सहायता किस तरह आर्थिक रूप से कमजोर पृष्ठभूमि के छात्रों की बाधाओं को दूर कर उन्हें एक सुरक्षित और उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जाती है।