अयोध्या राम मंदिर गबन मामला : मंदिर कर्मी के घर से 12 लाख बरामद
🚨 राम मंदिर के दानपात्र में सेंध! कर्मी के घर से 12 लाख रुपये बरामद, ठेके पर उड़ाए थे 50 हजार, ‘घूर’ में छिपाई थी बोरी”
अयोध्या/रुदौली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
अयोध्या राम मंदिर (Ayodhya Ram Mandir) के दानपात्र से धन गबन का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है।
राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय (Champat Rai) और पुलिस प्रशासन की मौजूदगी में रुदौली क्षेत्र के मीनापुर ठकुरन फगौली गांव में एक बड़ी छापेमारी (Raid) की गई।
इस छापेमारी में मंदिर में ही काम करने वाले एक कर्मी के घर से करीब 10 से 12 लाख रुपये की भारी नकदी बरामद की गई है।
‘The Politics Again’ की इस रिपोर्ट में आइए जानते हैं कि आखिर रामलला के खजाने में यह सेंध कैसे लगी और कौन है इसका मास्टरमाइंड:
👤 कौन है आरोपी लवकुश मिश्रा?
आरोपी का नाम लवकुश मिश्रा (उम्र 27 वर्ष) है। वह पिछले 5-6 महीने से राम मंदिर में एक कर्मी के तौर पर कार्यरत था।
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कार मिस्त्री से बना मंदिर का कर्मी: ग्रामीणों के मुताबिक, लवकुश पहले एक साधारण कार मिस्त्री (Mechanic) का काम करता था।
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शादी के बाद करीब एक साल पहले उसे मंदिर ट्रस्ट में नौकरी मिली थी। उसे वहां उसके समधी रवि मिश्रा ने काम पर लगवाया था।
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अचानक बदली लाइफस्टाइल: मंदिर में नौकरी मिलने के बाद लवकुश की आर्थिक स्थिति में अचानक बड़ा बदलाव आ गया। जब वह गांव आता था, तो पानी की तरह पैसा बहाता था।
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ग्रामीणों का दावा है कि एक बार उसने शराब के ठेके पर एक ही झटके में 50 हजार रुपये उड़ा दिए थे।
💰 ‘घूर’ में छिपा रखी थी रुपयों की बोरी
छापेमारी के दौरान कुछ चौंकाने वाले खुलासे भी हुए। गांव में दबी जुबान यह चर्चा है कि लवकुश ने गबन के रुपयों की एक पूरी बोरी गांव के एक ‘घूर’ (कचरे या गोबर का ढेर) में छिपा कर रखी थी। पुलिस ने अपनी सख्ती से उस घूर से भी रुपये बरामद किए हैं।
लवकुश के बाबा जगदम्बा मिश्रा अक्सर गांव वालों के बीच यह शेखी बघारते थे कि “मेरा नाती मंदिर में बहुत पैसा कमा रहा है, जिसको भी वीआईपी दर्शन करना हो, वह करवा देगा।”
🗣️ पिता का बयान: ‘हमें नहीं थी पैसों की जानकारी’
लवकुश के पिता बच्चूलाल ने पुलिस और मीडिया को बताया कि वह गाजियाबाद में रहते थे और उन्हें इस धन के बारे में कोई जानकारी नहीं थी।
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ताला तोड़कर निकाले पैसे: बच्चूलाल ने कहा, “राम मंदिर से चंपत राय सहित तीन-चार लोग हमारे घर आए थे। उन्होंने ताला तोड़ा और घर में रखे पैसे अपने साथ ले गए।”
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मकान निर्माण पर सफाई: उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फैजाबाद में जिस नए मकान का निर्माण हो रहा है, उसका उनके बेटे के पैसों से कोई संबंध नहीं है।
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बच्चूलाल ने दावा किया कि उन्होंने वह जमीन बहुत पहले खरीदी थी और मकान बनवाने के लिए अपने 10-12 बीघा खेत गिरवी रखे हैं।
निष्कर्ष: रामलला के पवित्र दानपात्र से चोरी की इस घटना ने मंदिर की सुरक्षा और वहां काम करने वाले कर्मचारियों की निगरानी (Surveillance) व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।
पुलिस अब इस मामले की और गहराई से जांच कर रही है कि क्या इस गबन में लवकुश के साथ मंदिर के कुछ अन्य लोग भी शामिल हैं।
नोट: देशभर की राजनीति, अपराध जगत और अयोध्या राम मंदिर से जुड़ी हर बड़ी खबर के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन‘ (The Politics Again) पर।











