'राष्ट्रीय वयोश्री योजना' के तहत वरिष्ठ नागरिकों को निःशुल्क सहायक उपकरण वितरित किए जा रहे हैं; एल्डरलाइन (14567) और प्रशिक्षित देखभालकर्ताओं के जरिए सरकार कर रही है बुजुर्गों को सशक्त।
वरिष्ठ नागरिकों को सशक्त बना रही सरकार: ‘अटल वयो अभ्युदय योजना’ से 8.5 लाख बुजुर्गों को मिले सहायक उपकरण, एल्डरलाइन (14567) बनी बड़ा सहारा”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारत में वरिष्ठ नागरिकों को सुरक्षित, स्वतंत्र और गरिमापूर्ण जीवन प्रदान करने के उद्देश्य से सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय की ‘अटल वयो अभ्युदय योजना’ (AVYAY) एक मील का पत्थर साबित हो रही है।
इस वृहद योजना के अंतर्गत राष्ट्रीय वयोश्री योजना (RVY), एल्डरलाइन (राष्ट्रीय हेल्पलाइन) और वृद्धावस्था देखभालकर्ताओं के प्रशिक्षण जैसे तीन प्रमुख घटकों के जरिए बुजुर्गों को समय पर और प्रभावी सहायता सुनिश्चित की जा रही है।
वर्ष 2017 में शुरू की गई ‘राष्ट्रीय वयोश्री योजना’ बीपीएल (BPL) श्रेणी और कम आय वाले उन बुजुर्गों के लिए वरदान बनी है, जो उम्र संबंधी शारीरिक दुर्बलताओं का सामना कर रहे हैं।
भारतीय कृत्रिम अंग निर्माण निगम (ALIMCO) के माध्यम से कार्यान्वित इस योजना के तहत बुजुर्गों को व्हीलचेयर, छड़ी, श्रवण यंत्र और चश्मे जैसे उपकरण बिल्कुल मुफ्त दिए जाते हैं।
आंकड़ों में सफलता: वित्तीय वर्ष 2017-18 से 2025-26 के बीच देश भर में कुल 589 विशेष शिविर आयोजित किए गए।
इन शिविरों के माध्यम से 8,53,728 वरिष्ठ नागरिकों को लाभान्वित करते हुए कुल 46,32,716 सहायक उपकरण वितरित किए गए।
अकेले वित्त वर्ष 2025-26 में 156 शिविरों के जरिए 3.36 लाख से अधिक बुजुर्गों को 16.42 लाख उपकरण सौंपे गए हैं, जो योजना की बढ़ती पहुंच को दर्शाता है।
बुजुर्गों के प्रति होने वाले दुर्व्यवहार, परित्याग या भावनात्मक संकट के समय उन्हें त्वरित मदद पहुंचाने के लिए 1 अक्टूबर 2021 को ‘एल्डरलाइन’ (14567) राष्ट्र को समर्पित की गई थी।
लगभग सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में सक्रिय यह टोल-फ्री हेल्पलाइन बुजुर्गों के लिए एक मजबूत सहायता तंत्र बन गई है।
वित्त वर्ष 2021-22 से 2025-26 तक इस पहल के लिए राष्ट्रीय सामाजिक रक्षा संस्थान को 162.21 करोड़ रुपये जारी किए गए हैं।
इस अल्पावधि में ही हेल्पलाइन पर 29 लाख से अधिक कॉल्स प्राप्त हुए हैं, जिन पर त्वरित कार्रवाई कर बुजुर्गों को कानूनी, भावनात्मक और जमीनी स्तर पर सुधारात्मक सेवाएं प्रदान की गई हैं।
बुजुर्गों की देखभाल के लिए प्रशिक्षित पेशेवरों की बढ़ती मांग को पूरा करने के लिए वित्त वर्ष 2023-24 में ‘वृद्धावस्था देखभालकर्ताओं का प्रशिक्षण’ कार्यक्रम शुरू किया गया।
वित्त वर्ष 2023-24 से 2025-26 तक इस कार्यक्रम के तहत कुल 35,480 उम्मीदवारों को पेशेवर ट्रेनिंग दी जा चुकी है।
इस महत्वपूर्ण कार्य के सुचारू संचालन के लिए 81.34 करोड़ रुपये का फंड आवंटित किया गया है।
सहायक उपकरणों के वितरण, 24×7 हेल्पलाइन की सुलभता और प्रशिक्षित देखभालकर्ताओं की उपलब्धता के साथ सरकार एक ऐसा व्यापक इकोसिस्टम तैयार कर रही है, जिससे देश के वरिष्ठ नागरिक अब खुद को असहाय या अकेला महसूस न करें।
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