असम: 18+ वालों को नहीं मिलेगा आधार कार्ड, CM का ऐलान
🚨 असम में अवैध प्रवासियों पर CM हिमंत का ‘सर्जिकल स्ट्राइक’: 18 साल से अधिक उम्र वालों को अब नहीं मिलेगा आधार कार्ड “
गुवाहाटी: द पॉलिटिक्स अगेन :संतोष सेठ की रिपोर्ट
असम में अवैध प्रवासियों (Illegal Immigrants) और खास तौर पर बांग्लादेशी घुसपैठियों पर नकेल कसने के लिए मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा (Himanta Biswa Sarma) की कैबिनेट ने एक बेहद सख्त और बड़ा फैसला लिया है।
राज्य सरकार ने तय किया है कि अब असम में 18 वर्ष से अधिक आयु वाले लोगों को सामान्य प्रक्रिया के तहत आधार कार्ड (Aadhaar Card) जारी नहीं किए जाएंगे।
‘The Politics Again’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए जानते हैं कि सरकार ने यह सख्त फैसला क्यों लिया और इसके क्या मायने हैं:
🛑 क्यों लिया गया आधार कार्ड रोकने का फैसला?
शनिवार को कैबिनेट की अहम बैठक की अध्यक्षता करने के बाद मुख्यमंत्री हिमंत विश्व शर्मा ने इस बड़े फैसले की जानकारी दी।
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100% का आंकड़ा पार: सीएम ने बताया कि राज्य में आधार कार्ड जारी करने की प्रक्रिया अपनी चरम सीमा पर पहुंच गई है। कुछ जिलों में तो यह आंकड़ा 100 प्रतिशत को भी पार कर गया है।
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अतिरिक्त कार्ड का रहस्य: उन्होंने चिंता जताते हुए कहा, “हमें यह पता लगाना होगा कि ये लोग कौन हैं जो अतिरिक्त आधार कार्ड ले रहे हैं। यह सख्त कदम सिर्फ इसलिए उठाया जा रहा है ताकि किसी भी अवैध बांग्लादेशी को आधार कार्ड न मिल सके।”
📝 किन मामलों में मिलेगी छूट?
इस प्रतिबंध के बावजूद कुछ खास समुदायों और परिस्थितियों में छूट का प्रावधान रखा गया है:
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विशेष अनुमति: बहुत ही असाधारण मामलों में आधार कार्ड जारी किया जा सकेगा, लेकिन इसके लिए जिला आयुक्त (DC) को राज्य सरकार के पास प्रस्ताव भेजना होगा। सरकार ही तय करेगी कि आवेदक पात्र है या नहीं।
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इन समुदायों को राहत: चाय बागान समुदाय, अनुसूचित जनजाति (ST), अनुसूचित जाति (SC) और दिव्यांग जनों को फिलहाल आधार कार्ड जारी किए जाते रहेंगे।
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बच्चों के लिए नियम: 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों को पहले की तरह आधार कार्ड जारी किए जाएंगे।
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1 अप्रैल 2027 की डेडलाइन: मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 1 अप्रैल 2027 से यह प्रतिबंध पूर्णतः लागू हो जाएगा और उसके बाद छूट प्राप्त समुदायों के वयस्कों को भी आधार कार्ड मिलना बंद हो जाएगा।
💼 राज्य में लागू होगा ‘वीबी जी राम जी अधिनियम’, मिलेंगे 125 दिन के रोजगार
कैबिनेट बैठक में रोजगार सृजन को लेकर भी एक बड़ा फैसला लिया गया। सीएम ने बताया कि राज्य में वीबी जी राम जी अधिनियम के लिए एक नया कार्यढांचा लागू करने को मंजूरी दे दी गई है।
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1 जुलाई से लागू: इस अधिनियम को 1 जुलाई से पूरे राज्य में लागू किया जाएगा।
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2000 करोड़ का बजट: इसके लिए सरकार ने 2,000 करोड़ रुपये का भारी-भरकम बजट रखा है।
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क्या होगा फायदा?: इस नए ग्रामीण रोजगार सृजन कानून के तहत लोगों को प्रत्यक्ष मजदूरी वाले रोजगार के लिए 125 मानव-दिवस (Man-days) उपलब्ध कराए जाएंगे।
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इस दौरान न सिर्फ रोजगार दिया जाएगा, बल्कि ग्रामीण क्षेत्रों में स्थायी परिसंपत्तियों (Assets) के निर्माण पर भी जोर दिया जाएगा।
नोट: पूर्वोत्तर राज्यों की राजनीति, सरकारी योजनाओं और कड़े प्रशासनिक फैसलों से जुड़ी हर बड़ी अपडेट के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।











