सेना प्रमुख की पाक को चेतावनी: भूगोल चुनोगे या इतिहास?
“भूगोल का हिस्सा बने रहना है या इतिहास का, पाकिस्तान खुद तय करे”- ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की वर्षगांठ पर सेना प्रमुख की खुली चेतावनी”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारतीय सेना प्रमुख (COAS) जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने सीमा पार से आतंकवाद को पनाह देने वाले पाकिस्तान को अब तक की सबसे कड़ी चेतावनी दी है।
‘ऑपरेशन सिंदूर’ (Operation Sindoor) की पहली वर्षगांठ के मौके पर सेना प्रमुख ने दो टूक लहजे में कहा है कि अगर पाकिस्तान भारत के खिलाफ आतंकवाद को बढ़ावा देना जारी रखता है, तो उसे यह तय करना होगा कि वह ‘भूगोल’ (Geography) का हिस्सा बनना चाहता है या ‘इतिहास’ (History) का।
यह कड़ा बयान नई दिल्ली के मानेकशॉ सेंटर में ‘यूनिफॉर्म अनवेल्ड’ द्वारा आयोजित एक विशेष सत्र के दौरान आया।
अगर फिर पैदा हुए ऐसे हालात तो क्या करेगी सेना?
सत्र के दौरान जब जनरल द्विवेदी से पूछा गया कि अगर पिछले साल ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को जन्म देने वाली परिस्थितियां फिर से उत्पन्न होती हैं, तो भारतीय सेना की क्या प्रतिक्रिया होगी?
इसके जवाब में सेना प्रमुख ने कड़े शब्दों में कहा, “मैंने पहले भी जो कहा है… वह यह है कि पाकिस्तान, यदि वह आतंकवादियों को पनाह देना और भारत के खिलाफ अभियान चलाना जारी रखता है, तो उसे यह तय करना होगा कि वह भूगोल का हिस्सा बनना चाहता है या इतिहास का।”
क्या था ‘ऑपरेशन सिंदूर’ और कैसे टेके थे पाक ने घुटने?
पिछले साल 7 मई को भारतीय सशस्त्र बलों ने ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को अंजाम दिया था। यह ऑपरेशन खूंखार ‘पहलगाम आतंकी हमले’ के प्रतिशोध में शुरू किया गया था, जिसमें 26 मासूमों की जान गई थी।
सटीक प्रहार: भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) में घुसकर लश्कर-ए-तैयबा (LeT) और जैश-ए-मोहम्मद (JeM) के कई आतंकी ठिकानों को नेस्तनाबूद कर दिया था।
88 घंटे चला संघर्ष: जब पाकिस्तान ने बौखलाहट में भारत के सैन्य और नागरिक ठिकानों को निशाना बनाने की कोशिश की, तो भारतीय सेना ने ऐसा मुंहतोड़ जवाब दिया कि यह सैन्य संघर्ष लगभग 88 घंटों तक चला।
पाक DGMO ने मांगी भीख: भारतीय सेना के जबरदस्त प्रहारों से घबराकर अंततः 10 मई को पाकिस्तान के DGMO (डायरेक्टर जनरल ऑफ मिलिट्री ऑपरेशन्स) को अपने भारतीय समकक्ष को फोन करके युद्धविराम (Ceasefire) की गुहार लगानी पड़ी थी।
“ऑपरेशन खत्म नहीं, केवल स्थगित हुआ है”
भले ही चार दिवसीय यह सैन्य संघर्ष 10 मई को समाप्त हो गया हो, लेकिन भारतीय सैन्य नेतृत्व का स्पष्ट मानना है कि ‘ऑपरेशन सिंदूर’ को केवल ‘स्थगित’ किया गया है, खत्म नहीं।
हाल ही में 7 मई को सेना के उप प्रमुख (रणनीति) लेफ्टिनेंट जनरल राजीव घई ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में साफ किया था कि,
“नियंत्रण रेखा (LoC) के पार अब कोई भी सुरक्षित ठिकाना नहीं है। हम हर जगह हमला करेंगे। हम हर चीज़ को निशाना बनाएंगे… लेकिन परिस्थितियां, समय और तरीका हमारा होगा।”
यह बयान प्रधानमंत्री द्वारा स्थापित किए गए ‘नए नॉर्मल’ (New Normal) को पूरी तरह स्पष्ट करता है।
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