संसद के मानसून सत्र में भारी हंगामे के बीच दोनों सदनों से 'एंटी पेपर लीक बिल' पास हो गया है। वहीं, लोकसभा ने आज 'वंदे मातरम् बिल' को भी अपनी मंजूरी दे दी है।
संसद मानसून सत्र: भारी हंगामे के बीच दोनों सदनों से पास हुआ ‘एंटी पेपर लीक बिल’, लोकसभा से ‘वंदे मातरम् बिल’ को भी मंजूरी”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
संसद के मानसून सत्र का नौवां दिन भी भारी हंगामे और राजनीतिक गतिरोध का गवाह बना। एक तरफ जहां विपक्ष ने छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और राम मंदिर चंदा विवाद को लेकर संसद के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया।
वहीं दूसरी तरफ सरकार ने शोरगुल के बीच अपने महत्वपूर्ण विधायी कार्यों को सफलता से पूरा कर लिया है।
लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों से युवाओं के भविष्य से जुड़ा बहुचर्चित ‘एंटी पेपर लीक बिल’ पास हो गया है। इसके अलावा आज लोकसभा ने ‘वंदे मातरम् बिल’ को भी अपनी मंजूरी दे दी है।
कार्यवाही शुरू होते ही विपक्षी दलों ने आक्रामक रुख अपना लिया। विपक्षी नेताओं ने दिल्ली में प्रदर्शनकारी छात्रों पर पुलिस लाठीचार्ज और राम मंदिर के चंदे में कथित चोरी के मुद्दे पर संसद भवन के बाहर तख्तियां लेकर प्रदर्शन किया।
लोकसभा के अंदर भी विपक्षी सांसदों ने जमकर नारेबाजी की। इस भारी शोरगुल के कारण सदन का कामकाज सुचारू रूप से नहीं चल सका और कार्यवाही दोपहर दो बजे तक के लिए स्थगित करनी पड़ी।
लोकसभा से बुधवार को ही पास हो चुके ‘एंटी पेपर लीक बिल’ को आज दोपहर तीन बजे केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने राज्यसभा में पेश किया।
उच्च सदन में इस बिल पर चर्चा के लिए 7 घंटे का समय निर्धारित किया गया था।
सरकार की प्राथमिकता थी कि इस बिल को जल्द से जल्द दोनों सदनों से पास कराकर इसे एक सख्त कानून का रूप दिया जाए।
चर्चा के बाद राज्यसभा से भी इस बिल को ध्वनिमत से मंजूरी मिल गई है। अब राष्ट्रपति के हस्ताक्षर के बाद यह बिल कानून बन जाएगा।
इससे पहले बुधवार को भी लोकसभा में ‘एंटी पेपर लीक बिल’ पर चर्चा के दौरान भारी नोकझोंक हुई थी।
सत्ता पक्ष के सदस्य लगातार ‘राहुल गांधी माफी मांगो’ के नारे लगा रहे थे, जबकि कांग्रेस के सांसद ‘एलओपी (LoP) को बोलने दो’ और ‘गृह मंत्री जवाब दो’ की मांग कर रहे थे।
इस हंगामे के बीच नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने प्रदर्शनकारी छात्रों का पुरजोर बचाव किया। उन्होंने कहा, “सड़कों पर इस देश के भविष्य ने जो किया, वह कोई गुस्सा, हिंसा या नफरत नहीं थी, बल्कि यह युवाओं की अभिव्यक्ति थी। सत्तारूढ़ दल समेत सभी राजनीतिक दलों को इसका सम्मान करना चाहिए।”
हंगामे के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने हस्तक्षेप करते हुए राहुल गांधी से अपना भाषण जारी रखने की अपील की और सत्तापक्ष के सदस्यों से उनके भाषण के बीच में टीका-टिप्पणी न करने को कहा।
इसके बाद दोपहर 3 बजे केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने चर्चा का जवाब दिया और विधेयक को ध्वनिमत से पारित कर दिया गया।
सत्र के नौवें दिन सरकार को एक और बड़ी विधायी कामयाबी मिली। आज लोकसभा में ‘वंदे मातरम् बिल’ (Vande Mataram Bill) को सफलतापूर्वक पास कर दिया गया।
गौरतलब है कि यह बिल राज्यसभा से पहले ही पारित हो चुका था। अब लोकसभा से भी हरी झंडी मिलने के बाद इस बिल का कानून बनने का रास्ता साफ हो गया है।
| विधेयक / मुद्दा | वर्तमान स्थिति |
| एंटी पेपर लीक बिल | लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों से पारित |
| वंदे मातरम् बिल | लोकसभा से पारित (राज्यसभा से पहले ही पास) |
| विपक्षी प्रदर्शन | छात्रों पर लाठीचार्ज और राम मंदिर चंदा विवाद पर संसद के बाहर विरोध |
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