Home Minister Amit Shah addressing SSB jawans after inaugurating projects in Siliguri West Bengal

सिलीगुड़ी में अमित शाह: SSB की 189 करोड़ की परियोजनाओं का शिलान्यास

अमित शाह का सिलीगुड़ी से हुंकार: SSB के लिए 189 करोड़ के प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास, पूर्व सरकार पर साधा निशाना”

सिलीगुड़ी : संतोष सेठ की रिपोर्ट : THE POLITICS AGAIN

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री श्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में सशस्त्र सीमा बल (SSB) की विभिन्न ढांचागत परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास किया।

189 करोड़ रुपये की लागत वाली इन परियोजनाओं का उद्देश्य सीमा पर तैनात जवानों की प्रशासनिक और आवासीय सुविधाओं को मजबूत करना है।

इस अवसर पर पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री श्री शुभेंदु अधिकारी, सांसद राजू बिष्ट सहित गृह मंत्रालय और सुरक्षा बलों के शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे।

SSB जवानों को मिलीं ये सौगातें

गृह मंत्री ने 80 एकड़ में बनने वाले SSB के सिलीगुड़ी स्थित सीमांत मुख्यालय के प्रशासनिक भवन का शिलान्यास किया।

इसके साथ ही, ठाकुरगंज में 19वीं वाहिनी, किशनगंज में 12वीं वाहिनी (ई-शिलान्यास) और न्यू जलपाईगुड़ी में पारगमन शिविर का भी शिलान्यास किया गया।

अमित शाह ने कहा कि खुली सीमाओं (नेपाल और भूटान) की सुरक्षा करना सबसे कठिन काम है और SSB जवान इसे पूरी निष्ठा से निभा रहे हैं।

पिछली बंगाल सरकार पर तीखा प्रहार

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए अमित शाह ने बिना नाम लिए बंगाल की पूर्व मुख्यमंत्री पर तीखा हमला बोला।

उन्होंने कहा, “बंगाल में पहले की मुख्यमंत्री SSB और BSF के कार्यक्रमों में नहीं आती थीं। सुरक्षा बल किसी राजनीतिक दल की एजेंसी नहीं हैं, सभी दलों को जवानों के साथ खड़ा होना चाहिए।”

शाह ने मौजूदा मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी की जमकर तारीफ की। उन्होंने कहा कि 2014 से भारत सरकार सीमा सुरक्षा और सिलीगुड़ी कॉरिडोर के लिए जमीन मांग रही थी, जो पिछली सरकार ने नहीं दी।

लेकिन नई सरकार बनने के मात्र 45 दिन के भीतर ही BSF और SSB को 1129 एकड़ भूमि मिल गई है, साथ ही सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा के लिए 560 एकड़ भूमि को सैद्धांतिक स्वीकृति भी मिल गई है।

‘वंदे मातरम’ पर ऐतिहासिक फैसला और सप्तधारा का जिक्र

गृह मंत्री ने लाल किले से ‘वंदे मातरम’ के पूर्ण गान का जिक्र करते हुए कहा कि आजादी के 80 साल बाद पहली बार यह गान पूरी दुनिया ने सुना।

उन्होंने मुख्य विपक्षी दल पर निशाना साधते हुए कहा कि आजादी के बाद भी उन्होंने इसे मन से नहीं स्वीकारा था।

शाह ने बताया कि गृह मंत्रालय ने अब ‘वंदे मातरम’ के पूर्ण गान को सरकारी कार्यक्रमों का हिस्सा बनाने का ऐतिहासिक निर्णय लिया है।

साथ ही, उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी की ‘सप्तधारा’ (मैन्युफैक्चरिंग, रक्षा, कृषि, ग्रीन इकोनॉमी, टेक्नोलॉजी, गति शक्ति और सॉफ्ट पावर) का उल्लेख करते हुए युवाओं से राष्ट्र निर्माण में जुड़ने का आह्वान किया।

सिलीगुड़ी कॉरिडोर की सुरक्षा सर्वोपरि

सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) के महत्व को समझाते हुए गृह मंत्री ने कहा कि यह 8 राज्यों को जोड़ता है और 3 अंतरराष्ट्रीय सीमाओं से लगा है।

सरकार यहां जनघनत्व और ढांचागत विकास बढ़ा रही है। उन्होंने घोषणा की कि आगामी दिल्ली-सिलीगुड़ी हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर से यह दूरी कुछ ही घंटों में तय की जा सकेगी। वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत भी सीमावर्ती गांवों को विकसित किया जा रहा है।

अपने संबोधन की शुरुआत में अमित शाह ने मशहूर शहनाई वादक उस्ताद बिस्मिल्लाह खान और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह की पुण्यतिथि पर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।