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लोकसभा में अखिलेश यादव का वार: ‘बजट से पहले अमेरिका से हुई ‘डील’ नहीं, यह भारत के लिए ‘ढील’ है; यूपी के हाथ फिर खाली’

“समाजवादी पार्टी के प्रमुख और सांसद अखिलेश यादव ने लोकसभा में बजट सत्र के दौरान केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है”

नई दिल्ली/संसद भवन:”The Politics Again” संतोष सेठ की रिपोर्ट 

बजट पर चर्चा करते हुए उन्होंने सरकार की विदेश नीति, आर्थिक फैसलों और उत्तर प्रदेश की अनदेखी पर कड़े सवाल उठाए।

उन्होंने अमेरिका के साथ हुई हालिया सहमति को ‘डील’ (समझौता) के बजाय ‘ढील’ करार देते हुए आशंका जताई कि इसका सीधा असर देश के किसानों और अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा।

‘यह डील नहीं, ढील है’

अखिलेश यादव ने अपने भाषण में शायराना अंदाज और तंज का मिश्रण करते हुए कहा कि सरकार ने बजट से पहले और बाद में अमेरिका के साथ जो समझौते किए हैं, वे संदेह के घेरे में हैं।

उन्होंने पूछा, “यह तय करना होगा कि 18 बड़ा है या जीरो? बजट पहले बना या डील पहले हुई?” सपा प्रमुख ने कहा कि भाजपा सरकार कई देशों के साथ फ्री ट्रेड डील (मुक्त व्यापार समझौता) करने का दावा करती है।

लेकिन अमेरिका के साथ हुई यह डील देश के लिए कोई उपलब्धि नहीं, बल्कि एक ‘ढील’ है जिससे रुपया कमजोर होगा और बाजार विदेशी सामानों से पट जाएगा।

किसानों का क्या होगा?

किसानों के मुद्दे पर सरकार को घेरते हुए उन्होंने कहा कि अगर सब कुछ अमेरिका से ही आयात होना है, तो भारत का किसान क्या उगाएगा और कहां बेचेगा?

उन्होंने कहा, “सरकार एग्री इंफ्रास्ट्रक्चर और मंडियों की बात करती है, हॉर्टिकल्चर और दूध उत्पादन के आंकड़े गिनाती है, लेकिन सबसे बड़ा सवाल यह है कि एमएसपी (MSP) की कानूनी गारंटी कब मिलेगी?”

यादव ने आरोप लगाया कि इस विदेशी डील के बाद किसानों की आय दोगुनी करने का वादा और भी खोखला साबित होगा।

यूपी के साथ सौतेला व्यवहार?

उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने बजट में यूपी की अनदेखी पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री उत्तर प्रदेश का प्रतिनिधित्व करते हैं, इसके बावजूद केंद्र के बजट से यूपी को कोई नया एक्सप्रेसवे नहीं मिला।”

उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो एक्सप्रेसवे बन भी रहे हैं, वे ‘विकसित भारत’ की गुणवत्ता वाले नहीं हैं।

अटल बिहारी वाजपेयी के नाम पर बन रहे एक्सप्रेसवे में देरी और नाम बदलने की घटनाओं का जिक्र करते हुए उन्होंने इसे कागजी कार्यवाही और भ्रष्टाचार का नमूना बताया।

गरीब और प्रति व्यक्ति आय पर सवाल

अखिलेश यादव ने बजट को दिशाहीन बताते हुए कहा कि इसमें दलित, पिछड़े और गरीबों के लिए कुछ नहीं है।

उन्होंने चुनौती दी कि सरकार उन 80 करोड़ लोगों की प्रति व्यक्ति आय (Per Capita Income) के आंकड़े सार्वजनिक करे जो मुफ्त राशन पर निर्भर हैं।

उन्होंने कहा कि बड़े बजट का ढिंढोरा पीटने के बावजूद आम आदमी की जेब खाली क्यों है?

Santosh SETH

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