वाराणसी के नमो घाट पर 'विंग्स ओवर गंगा' एयर शो के दौरान अपना पराक्रम और हवाई कौशल दिखाते भारतीय वायुसेना के लड़ाकू विमान।
वाराणसी के आसमान में दिखेगा वायुसेना का पराक्रम: 100 विमानों के साथ होगा ‘विंग्स ओवर गंगा’ एयर शो, राफेल-तेजस दिखाएंगे ताकत”
वाराणसी: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
गंगा की लहरों के ठीक ऊपर अब आसमान में भारतीय वायुसेना (IAF) की अदम्य ताकत, आधुनिक तकनीक और हवाई कौशल का भव्य नजारा दिखने वाला है।
वाराणसी के प्रसिद्ध नमो घाट पर 22, 24 और 25 अक्टूबर 2026 को वायुसेना का विशेष एयर शो ‘विंग्स ओवर गंगा’ आयोजित किया जा रहा है।
भारतीय वायुसेना की स्थापना (8 अक्टूबर 1932) के 94 गौरवशाली वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में आयोजित इस शो में कुल 100 विमान हिस्सा लेंगे, जो देश के 12 अलग-अलग एयरबेस से उड़ान भरकर काशी पहुंचेंगे।
वायुसेना के अनुसार, इस एयर शो में कुल 100 विमान हिस्सा ले रहे हैं, जिन्हें निम्नलिखित श्रेणियों में बांटा गया है:
52 लड़ाकू विमान: इनमें अत्याधुनिक राफेल, सुखोई-30 एमकेआई, मिराज-2000, मिग-29, जगुआर और भारत का स्वदेशी हल्का लड़ाकू विमान ‘तेजस’ शामिल हैं।
32 हेलीकॉप्टर: अपाचे, चिनूक, एलसीएच (स्वदेशी हल्का लड़ाकू हेलीकॉप्टर), एएलएच एमके-III और एमआई-17 वी5 जैसे ताकतवर हेलीकॉप्टर करतब दिखाएंगे। सारंग हेलीकॉप्टर टीम विशेष आकर्षण होगी।
15 परिवहन और अन्य विमान: सी-17 ग्लोबमास्टर, सी-130, सी-295 और हवा में ईंधन भरने वाला आईएल-78 विमान हिस्सा लेंगे। इसके अलावा 1 ऐतिहासिक (हार्वर्ड) विमान भी उड़ान भरेगा।
इस एयर शो में कुल 25 फॉर्मेशन (उड़ान संरचनाएं) बनाई जाएंगी, जिन्हें काशी और भारतीय संस्कृति से जुड़े विशेष नाम दिए गए हैं:
काशी और गंगा: तीन किरण विमान ‘वी’ आकार में तिरंगे के रंगों के साथ उड़ान भरेंगे। ‘गंगा’ फॉर्मेशन में तीन एमआई-17 वी5 हेलीकॉप्टर राष्ट्रीय ध्वज लेकर उड़ेंगे और चेतक हेलीकॉप्टरों से फूलों की वर्षा की जाएगी।
त्रिदेव: यह फॉर्मेशन तीनों सेनाओं की संयुक्त शक्ति का प्रतीक होगा, जिसमें थलसेना, नौसेना और वायुसेना के हेलीकॉप्टर ‘विजय’ संरचना में एक साथ उड़ान भरेंगे।
प्रचंड: इस सबसे बड़े फॉर्मेशन में छह अलग-अलग लड़ाकू विमान (सुखोई, राफेल, जगुआर, मिराज, तेजस और मिग-29) तीर के आकार में अपनी युद्धक क्षमता का सटीक प्रदर्शन करेंगे।
विश्वनाथ और पशुपति: इन फॉर्मेशन में सुखोई और जगुआर विमान हीरे और ‘वी’ के आकार में अपनी गति और आपसी तालमेल का अचूक प्रदर्शन करेंगे।
दशाश्व और अस्सी: सी-17 ग्लोबमास्टर नौ सूर्यकिरण विमानों का नेतृत्व करेगा। वहीं ‘अस्सी’ फॉर्मेशन में स्वदेशी तेजस विमान रक्षा क्षेत्र में आत्मनिर्भरता का संदेश देगा।
गंगा और काशी की ऐतिहासिक पृष्ठभूमि पर आयोजित होने वाला यह प्रदर्शन वायुसेना के ‘अचूक, अभेद्य और सटीक’ होने के मूल मंत्र को चरितार्थ करेगा।
यह आयोजन न केवल वायुसेना की युद्धक तैयारियों को दर्शाएगा, बल्कि देश के युवाओं को राष्ट्र सेवा के लिए प्रेरित भी करेगा।
| महत्वपूर्ण तथ्य (Key Highlights) | विस्तृत विवरण (Details) |
| 🗓️ आयोजन की तिथियां | 22, 24 और 25 अक्टूबर 2026 |
| 📍 आयोजन स्थल | नमो घाट, गंगा नदी के ऊपर (वाराणसी) |
| ✈️ कुल शामिल विमान | 100 विमान (52 लड़ाकू, 32 हेलीकॉप्टर, 15 परिवहन, 1 ऐतिहासिक) |
| 🛫 उड़ान का स्रोत | देश के 12 एयरबेस (चेन्नई के अरक्कोनम नौसैनिक बेस सहित) |
| 💫 प्रमुख एरोबैटिक टीमें | सूर्यकिरण एरोबैटिक टीम और सारंग हेलीकॉप्टर टीम |
| 🎯 फॉर्मेशन की संख्या | 25 विशेष उड़ान समूह (काशी, केदार, त्रिदेव, प्रचंड आदि) |
| 🇮🇳 आयोजन का उद्देश्य | भारतीय वायुसेना की 94वीं वर्षगांठ का जश्न और युवाओं को प्रेरित करना |
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