हनी ट्रैप में फंसा वायुसेना विंग कमांडर, पाकिस्तान को दी खुफिया जानकारी
पाकिस्तानी ‘हनी ट्रैप’ का शिकार हुआ वायुसेना का विंग कमांडर: खुफिया जानकारी लीक करने के आरोप में गिरफ्तार”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारतीय वायुसेना (IAF) से जुड़ी एक बेहद चौंकाने वाली खबर सामने आई है। वायुसेना के एक विंग कमांडर को पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों के ‘हनी ट्रैप’ (Honey Trap) में फंसकर देश की रक्षा से जुड़ी संवेदनशील और खुफिया जानकारी लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है।
दिल्ली पुलिस ने वायुसेना की खुफिया शाखा से मिली पुख्ता जानकारी के बाद यह बड़ी कार्रवाई की है।
आरोपी अधिकारी को आधिकारिक गोपनीयता कानून (Official Secrets Act) के तहत न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
लंबे समय से रडार पर था अधिकारी
अधिकारियों के मुताबिक, वायुसेना की खुफिया शाखा इस विंग कमांडर की संदिग्ध गतिविधियों पर लंबे समय से नजर रख रही थी।
-
वायुसेना ने स्पष्ट किया है कि सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाती है।
-
पुख्ता सबूत मिलने के बाद वायुसेना ने मामले की जानकारी दिल्ली पुलिस के साथ साझा की, जिसके बाद अधिकारी को संबंधित कानून लागू करने वाली एजेंसियों को सौंप दिया गया।
साथी के फोन में ‘सॉफ्टवेयर’ डालने की रची थी साजिश
सूत्रों के अनुसार, यह विंग कमांडर सोशल मीडिया के जरिये पाकिस्तानी खुफिया एजेंटों के संपर्क में आया और उनके द्वारा बिछाए गए हनी ट्रैप का शिकार हो गया।
-
जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी ने रक्षा से जुड़े गुप्त दस्तावेज और संवेदनशील जानकारी साझा की है।
-
इतना ही नहीं, उस पर अपने एक साथी अधिकारी के मोबाइल फोन में जानकारी चुराने वाला सॉफ्टवेयर (Spyware) लगाने की कोशिश करने का भी आरोप है, ताकि वह उस फोन का नियंत्रण हासिल कर सके।
अलवर में भी हुई थी ऐसी गिरफ्तारी
पाकिस्तानी खुफिया एजेंसी (ISI) द्वारा हनी ट्रैप के जरिए जासूसी करवाने का यह पहला मामला नहीं है।
पिछले साल राजस्थान के अलवर में भी मंगल सिंह नाम के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया था। वह ‘ईशा शर्मा’ नाम से पहचान बताने वाली एक पाकिस्तानी महिला के हनी ट्रैप में फंस गया था।
महिला ने उसे पैसों का लालच देकर सेना से जुड़ी जानकारियां मांगी थीं। पुलिस के ‘ऑपरेशन सिंदूर’ के तहत इस जासूसी रैकेट का पर्दाफाश हुआ था।
फिलहाल गिरफ्तार किए गए विंग कमांडर से दिल्ली पुलिस और अन्य जांच एजेंसियां गहन पूछताछ कर रही हैं ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने पाकिस्तान को कितनी और कौन-कौन सी खुफिया जानकारियां मुहैया कराई हैं।











