AI Impact Summit 2026: मुकेश अंबानी का महा-ऐलान—’डेटा की तरह AI को भी करेंगे सस्ता’, 7 साल में 10 लाख करोड़ का निवेश
“राष्ट्रीय राजधानी में चल रहे दुनिया के सबसे बड़े ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के चौथे दिन (गुरुवार, 19 फरवरी) भारत के कॉरपोरेट जगत से सबसे बड़ी घोषणा हुई”
नई दिल्ली :THE POLITICS AGAIN : संतोष सेठ की रिपोर्ट
रिलायंस इंडस्ट्रीज (RIL) के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने ऐलान किया कि जिस तरह जियो (Jio) ने भारत में मोबाइल डेटा को सस्ता कर क्रांति ला दी थी, उसी तरह अब रिलायंस एआई (AI) की लागत को भी कम करेगा।
इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए RIL और Jio अगले 7 वर्षों में 10 लाख करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश करेंगे।
समिट में दिग्गजों का जमावड़ा
शिखर सम्मेलन के चौथे दिन रिलायंस के चेयरमैन मुकेश अंबानी के अलावा, OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन और विप्रो के कार्यकारी अध्यक्ष रिशाद प्रेमजी जैसे वैश्विक तकनीकी दिग्गजों ने भी अपने विचार रखे।
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पीएम मोदी का संबोधन : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने अपने संबोधन में इस आयोजन को ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) के लिए गौरव का क्षण बताया।
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मैक्रॉन की तारीफ : पीएम मोदी से ठीक पहले फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रॉन ने भी मंच से कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) के क्षेत्र में भारत की असाधारण उपलब्धियों की जमकर सराहना की।
मुकेश अंबानी के संबोधन की बड़ी बातें
अपने विजन को दुनिया के सामने रखते हुए मुकेश अंबानी ने कहा कि “कृत्रिम बुद्धिमत्ता का सर्वश्रेष्ठ रूप अभी आना बाकी है।”
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AI का लोकतंत्रीकरण (Democratization of AI): अंबानी ने कहा कि आज दुनिया में बहस इस बात पर है कि क्या AI चंद लोगों के हाथों की कठपुतली बनेगा या यह सबके लिए समान अवसर पैदा करेगा। भारत AI का लोकतंत्रीकरण करेगा।
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लागत होगी कम: उन्होंने वादा किया कि रिलायंस ग्रुप AI सेवाओं को इतना सस्ता बनाएगा कि यह भारत के हर नागरिक और छोटे व्यापार की पहुंच में हो।
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10 लाख करोड़ का निवेश: RIL और Jio इसी साल से शुरुआत करते हुए अगले 7 सालों में एआई इंफ्रास्ट्रक्चर और विकास पर 10 लाख करोड़ रुपये का निवेश करेंगे।
दुनिया का सबसे बड़ा AI मंच
16 फरवरी को पीएम मोदी द्वारा उद्घाटित इस समिट में वैश्विक स्तर की भागीदारी देखने को मिल रही है।
इसमें 500 से अधिक AI लीडर्स (CEOs/CXOs), 100 फाउंडर्स, 150 शिक्षाविद/शोधकर्ता और दुनिया भर से लगभग 400 चीफ़ टेक्नोलॉजी ऑफिसर्स (CTOs) हिस्सा ले रहे हैं।











