National

धार की भोजशाला में आज ‘अग्निपरीक्षा’: सुप्रीम कोर्ट के फॉर्मूले से निकला रास्ता, एक तरफ गूंजेंगे वेद मंत्र तो दूसरी तरफ होगी नमाज; 8000 जवान तैनात

“मध्य प्रदेश के धार स्थित ऐतिहासिक भोजशाला (Bhojshala) आज एक अभूतपूर्व धार्मिक और प्रशासनिक परीक्षा का केंद्र बनी हुई है”

धार (मप्र) | The Politics Again ब्यूरो दिनांक: 23 जनवरी, 2026 (शुक्रवार)

10 साल बाद आज एक ऐसा संयोग बना है जब बसंत पंचमी (Basant Panchami) और जुमे (शुक्रवार) की नमाज एक ही दिन है।

अतीत में यह संयोग अक्सर सांप्रदायिक तनाव का कारण बना है, लेकिन इस बार सुप्रीम कोर्ट के हस्तक्षेप और प्रशासन की मुस्तैदी ने एक ‘बीच का रास्ता’ निकाला है।

आज भोजशाला में सरस्वती पूजा और नमाज दोनों होगी, लेकिन अलग-अलग समय और अलग-अलग रास्तों से।

सुरक्षा के लिहाज से पूरे शहर को छावनी में तब्दील कर दिया गया है और 8,000 पुलिसकर्मी चप्पे-चप्पे पर तैनात हैं।

सुप्रीम कोर्ट का ‘बैलेंसिंग एक्ट’: किसे क्या मिली इजाजत?

हिंदू समाज पूरे दिन अखंड पूजा पर अड़ा था, तो मुस्लिम समाज जुमे की नमाज पर। सुप्रीम कोर्ट ने दोनों पक्षों की भावनाओं का सम्मान करते हुए यह व्यवस्था दी है:

  1. हिंदू पक्ष: सूर्योदय से लेकर सूर्यास्त तक भोजशाला में अखंड पूजा और हवन कर सकेगा।

  2. मुस्लिम पक्ष: दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच भोजशाला परिसर में ही एक अलग निर्धारित जगह पर सीमित संख्या में नमाज अदा कर सकेगा।

  3. व्यवस्था: प्रशासन नमाजियों को ‘पास’ (Pass) जारी करेगा। दोनों समुदायों के आने-जाने के लिए रास्ते पूरी तरह अलग (Separate Entry/Exit) बनाए गए हैं ताकि किसी भी तरह का टकराव न हो।

शांति बैठक और समाज का रुख

अदालत के फैसले के बाद जिला प्रशासन ने दोनों पक्षों के साथ मैराथन बैठकें कीं।

  • हिंदू समाज: फैसले से खुश है। उनका कहना है कि सूर्योदय से सूर्यास्त तक पूजा की अनुमति मिलने से उनका अखंड पूजा का संकल्प पूरा हो रहा है।

  • मुस्लिम समाज: प्रशासन का सहयोग करने को तैयार है। उन्होंने पहले ही सांकेतिक रूप से नमाज पढ़ने की बात कही थी और अब कोर्ट के आदेश का पालन (Amal) करने पर सहमत हैं।

छावनी बना धार: ड्रोन से निगरानी, पेट्रोल-डीजल पर बैन

इतिहास को देखते हुए प्रशासन कोई जोखिम नहीं लेना चाहता। सुरक्षा के इंतजाम बेहद कड़े हैं:

  • तैनाती: एमपी पुलिस के अलावा CRPF की टुकड़ियां तैनात हैं। कुल 8000 जवान मोर्चा संभाले हुए हैं।

  • निगरानी: पूरे इलाके में CCTV कैमरे लगाए गए हैं और आसमान से ड्रोन के जरिए नजर रखी जा रही है। पुलिस लगातार फ्लैग मार्च कर रही है।

  • प्रतिबंध: भोजशाला में एंट्री के वक्त कड़ी चेकिंग हो रही है। खुले में या बोतल/केन में पेट्रोल-डीजल देने पर रोक लगा दी गई है। आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों को पहले ही पाबंद कर दिया गया है।

क्यों डराता है इतिहास? (2006, 2013, 2016)

प्रशासन की यह सख्ती बेवजह नहीं है। पिछले दो दशकों में जब-जब बसंत पंचमी शुक्रवार को पड़ी है, धार में तनाव हुआ है।

  • 2006, 2013 और 2016: इन तीनों वर्षों में पूजा और नमाज के समय को लेकर विवाद हुआ। 2013 और 2016 में तो नौबत आगजनी, पथराव और कर्फ्यू तक पहुंच गई थी। यही कारण है कि 2026 में प्रशासन ने ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति अपनाई है।

The Politics Again का नज़रिया

धार की भोजशाला हमारी गंगा-जमुनी तहजीब की परीक्षा भी है और न्यायपालिका की दूरदर्शिता का उदाहरण भी।

सुप्रीम कोर्ट ने जिस तरह समय और स्थान का बंटवारा कर दोनों पक्षों को संतुष्ट किया है, वह स्वागत योग्य है।

अब जिम्मेदारी दोनों समुदायों की है कि वे इस संवेदनशील मौके को शांति और सौहार्द के साथ पार करें।

Santosh SETH

Recent Posts

अमरोहा : दरोगा और CRPF इंस्पेक्टर समेत 4 पर गैंगरेप का केस दर्ज

खाकी फिर हुई शर्मसार: अमरोहा में हरियाणा की युवती से गैंगरेप, यूपी पुलिस के दरोगा…

3 hours ago

जहाज ‘एमवी केप डाओ’ पर हमला, यूपी के देवरिया निवासी भारतीय नाविक की मौत

होर्मुज जलडमरूमध्य में मालवाहक जहाज 'एमवी केप डाओ' पर टॉरपीडो से हमला: यूपी के देवरिया…

3 hours ago

चक्रवात ‘अर्णब’ का अलर्ट, ओडिशा-आंध्र में भारी बारिश की चेतावनी

बंगाल की खाड़ी में गहराया 'अर्णब' का खतरा: ओडिशा-आंध्र तटों पर भारी बारिश का अलर्ट,…

8 hours ago

भाजपा में बड़ा फेरबदल: 36 राज्यों/UTs में नए प्रभारी, स्मृति ईरानी को दो राज्य

भाजपा संगठन में बड़ा फेरबदल: 28 राज्यों और 8 केंद्र शासित प्रदेशों में नए प्रभारी…

8 hours ago

रायपुर : 3000 लोगों का रक्तदान, गोल्डन बुक में दर्ज हुआ वर्ल्ड रिकॉर्ड

रायपुर में 'सेवा महाकुंभ' का ऐतिहासिक आयोजन: 3000 लोगों ने किया रक्तदान, गोल्डन बुक में…

9 hours ago

जौनपुर: आशा कार्यकर्ताओं का कलेक्ट्रेट पर बड़ा प्रदर्शन

जौनपुर कलेक्ट्रेट पर आशा कार्यकर्ताओं का हल्ला बोल: मानदेय नहीं बढ़ा तो 15 दिन बाद…

10 hours ago