लखनऊ में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के स्थापना दिवस पर सीएम योगी आदित्यनाथ का संबोधन
सीएम योगी बोले- ‘अब सटीक होती है मौसम की भविष्यवाणी, तकनीक ने बचाई सहारनपुर में हजारों की जान’
लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मौसम पूर्वानुमान (Weather Forecasting) में आई तकनीकी क्रांति की सराहना करते हुए कहा है कि अब मौसम की भविष्यवाणियां बिल्कुल सटीक होती हैं।
‘The Politics Again’ की रिपोर्ट के अनुसार, सोमवार को लखनऊ में क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के स्थापना दिवस समारोह को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने बताया कि कैसे बेहतर तकनीक के उपयोग से प्राकृतिक आपदाओं से होने वाली जन और धन की हानि को काफी हद तक कम कर लिया गया है।
सहारनपुर का उदाहरण: जब सटीक अलर्ट से टला बड़ा हादसा
मौसम विभाग की सटीक जानकारी के महत्व को समझाते हुए मुख्यमंत्री ने सहारनपुर के शाकुंभरी देवी मंदिर का एक वाकया साझा किया:
सीएम ने बताया कि शाकुंभरी मंदिर में श्रद्धालुओं की भारी भीड़ जुटी थी और कीर्तन चल रहा था।
तभी शिवालिक की पहाड़ियों पर भारी बारिश का सटीक मौसम अलर्ट प्रशासन को मिला।
इस अलर्ट के आधार पर त्वरित कार्रवाई करते हुए वहां मौजूद लोगों को सुरक्षित स्थानों पर हटा दिया गया।
सीएम ने कहा, “शिवालिक की पहाड़ियों पर बारिश होने से नीचे के स्थानों पर अचानक बाढ़ जैसा माहौल (Flash Flood) बन जाता है।
पहले यह स्थानीय लोगों के लिए एक बड़ी आपदा बन जाता था, लेकिन सटीक जानकारी के कारण हजारों लोगों की जान बचा ली गई।”
‘पहले अनुमान गलत होते थे, अब पीएम मोदी के नेतृत्व में तकनीक का लाभ’
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पिछले एक दशक में आए बदलावों का जिक्र करते हुए कहा कि पहले की मौसम भविष्यवाणियां अक्सर गलत साबित होती थीं।
“पहले कहा जाता था कि बारिश होगी, लेकिन नहीं होती थी। पर अब ऐसा नहीं है।” उन्होंने इसका श्रेय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व को देते हुए कहा कि बीते 12 वर्षों में तकनीक के बेहतरीन उपयोग से आम लोगों को सीधे लाभ पहुंचाने के लिए लगातार और सफल प्रयास किए जा रहे हैं।
पंचांग और चिड़ियों की बोली से लेकर डॉप्लर रडार तक का सफर
मुख्यमंत्री ने मौसम विज्ञान के ऐतिहासिक और पारंपरिक पहलुओं पर भी प्रकाश डाला।
प्राचीन तरीके: उन्होंने बताया कि प्राचीन काल से ही मनुष्य मौसम का अनुमान लगाने के लिए प्रयासरत रहा है। पहले पंचांग की जटिल गणनाओं को आधार बनाकर बारिश और मौसम की भविष्यवाणी की जाती थी।
लोक परंपराएं: सीएम ने कहा कि लोक परंपराओं और कहावतों में लोग खास चिड़ियों की बोलियों से अनुमान लगाते थे कि अब कैसा मौसम आने वाला है।
आधुनिक युग: “आज मौसम विभाग की आधुनिक तकनीक और उपकरणों की मदद से हमें प्राकृतिक आपदाओं की जानकारी काफी पहले मिल जाती है, जिससे हम बचाव की पूरी तैयारी कर सकते हैं,” सीएम योगी ने अपनी बात का समापन करते हुए कहा।
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