महिला आरक्षण बिल पर आज लोकसभा में वोटिंग: देर रात 1:20 तक चली बहस
महिला आरक्षण बिल पर आज ऐतिहासिक वोटिंग : देर रात 1:20 बजे तक चली चर्चा ; प्रियंका के आरोपों पर कंगना का पलटवार- “जा जी ले अपनी जिंदगी”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट
देश की आधी आबादी के लिए आज (17 अप्रैल) का दिन ऐतिहासिक होने जा रहा है। लोकसभा में आज शाम 4 बजे ‘महिला आरक्षण बिल’ (नारी शक्ति वंदन अधिनियम 2026) पर फाइनल वोटिंग होगी।
इससे पहले गुरुवार को संसद में अभूतपूर्व नजारा देखने को मिला, जब महिलाओं के आरक्षण, परिसीमन और संविधान संशोधन से जुड़े तीन अहम बिलों पर देर रात 1:20 बजे तक जोरदार बहस चलती रही।
सभी महिला सांसदों को बोलने का पर्याप्त मौका देने के लिए लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कई बार सदन का समय बढ़ाया।
स्पीकर बोले- “गिनती कर लो, आज पुरुषों का समय नहीं है”
देर रात तक सदन में डटीं महिला सांसदों की प्रतिबद्धता की लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने जमकर तारीफ की।
उन्होंने कहा, “महिला आरक्षण बिल पर इनकी प्रतिबद्धता देखिए, इतनी देर रात तक महिलाएं सदन में बैठी हैं। सदन में गिनती कर लो, आज पुरुषों का समय नहीं है।”
स्पीकर के निर्देश पर सदन में मौजूद एक-एक महिला सांसद को उनकी बात रखने का मौका दिया गया।
देर रात 1 बजे तक क्या-क्या हुआ?
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सुबह 11 बजे से चर्चा: कार्यवाही शुरू होते ही गृह मंत्री अमित शाह, अखिलेश यादव, प्रियंका गांधी वाड्रा, कंगना रनौत, केसी वेणुगोपाल और असदुद्दीन ओवैसी सहित तमाम बड़े नेताओं ने बिल पर अपनी राय रखी।
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दोपहर 12 बजे प्रस्ताव पर वोटिंग: बिल पेश करने के प्रस्ताव पर हुए मत विभाजन में पक्ष में 251 और विरोध में 185 वोट पड़े।
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दोपहर 3 बजे पीएम का भाषण: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने विपक्ष से राजनीतिक तराजू से न तौलने और सर्वसम्मति से बिल पास करने की भावुक अपील की।
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देर रात तक बहस: स्पीकर के निर्देश पर समय सीमा (रात 11, 12 और 1 बजे) बढ़ाई जाती रही। अंततः रात 1:20 बजे सदन की कार्यवाही आज सुबह 11 बजे तक के लिए स्थगित की गई।
प्रियंका गांधी का आरोप: “OBC का हक छीनना चाहती है सरकार”
चर्चा के दौरान कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी ने सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि इस बिल की आड़ में सरकार संविधान को खत्म करना चाहती है।
प्रियंका ने कहा, “सरकार यह विधेयक इसलिए लाई है क्योंकि वह OBC (अन्य पिछड़ा वर्ग) को भागीदारी नहीं देना चाहती।
2011 की जनगणना को परिसीमन का आधार बनाकर पीएम मोदी ओबीसी वर्ग का हक छीनना चाह रहे हैं, लेकिन कांग्रेस पार्टी ऐसा कभी नहीं होने देगी। बिल में राजनीति की बू घुली हुई है।”
कंगना रनौत का पलटवार: “सारे पिंजरे टूट गए, जी ले अपनी जिंदगी”
प्रियंका गांधी के आरोपों पर पलटवार करते हुए भाजपा सांसद कंगना रनौत ने पीएम मोदी को “सबसे बड़ा नारीवादी” करार दिया।
उन्होंने सुपरहिट फिल्म ‘दिलवाले दुल्हनिया ले जाएंगे’ के मशहूर डायलॉग (“जा सिमरन, जा जी ले अपनी जिंदगी”) का जिक्र करते हुए कहा:
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“सरकार ने देश की बेटियों और महिलाओं से कहा है कि सारे पिंजरे टूट गए, सारी दीवारें टूट गईं, जा जी ले अपनी जिंदगी।”
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कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कंगना ने पूछा कि सत्ता में रहते हुए उन्होंने इस बिल को दशकों तक क्यों लटकाए रखा? “जो काम 60 साल में नहीं हुआ, वह पीएम मोदी ने 10 साल में कर दिखाया है।”
अमित शाह ने दूर की दक्षिण की चिंता: “हर राज्य की बढ़ेंगी 50% सीटें”
दक्षिण भारतीय राज्यों के परिसीमन के डर और विरोध पर गृह मंत्री अमित शाह ने सदन में सीटों का नया अंकगणित समझाया।
उन्होंने स्पष्ट किया कि सीटों में एकसमान 50 प्रतिशत की बढ़ोतरी की योजना से दक्षिण भारत के हर राज्य को फायदा होगा और किसी के साथ अन्याय नहीं होगा।
कर्नाटक, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, तमिलनाडु और केरल—सभी राज्यों की लोकसभा सीटों में 50 फीसदी का सीधा इजाफा होगा।










