हिमाचल : भरमौर में रावी नदी पर निर्माणाधीन सियुर पुल ढहा
हिमाचल में कुदरत का कहर: भरमौर में 4 करोड़ की लागत से बन रहा ‘सियुर पुल’ भूस्खलन की भेंट चढ़ा, रावी नदी में समाया मलबा “
चंबा/शिमला: ‘द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
The Politics Again’ न्यूज़ डेस्क की रिपोर्ट के अनुसार, हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले से एक बेहद दुखद और चिंताजनक खबर सामने आई है।
भरमौर उपमंडल में रावी नदी के तट पर बन रहा ‘सियुर पुल’ मंगलवार सुबह भारी भूस्खलन (Landslide) की चपेट में आकर पूरी तरह से जमींदोज हो गया।
पहाड़ी से गिरे मलबे और विशालकाय चट्टानों ने पुल के ढांचे को ताश के पत्तों की तरह बिखेर दिया और सारा निर्माण सामग्री रावी नदी की तेज धार में बह गया।
सुबह 8 बजे हुआ हादसा, 2 साल की मेहनत पर फिरा पानी
यह भयानक हादसा सुबह करीब 8 बजे हुआ। लोक निर्माण विभाग (PWD) पिछले 2 सालों से इस पुल का निर्माण कार्य करवा रहा था।
लगभग 4 करोड़ रुपये की लागत से बन रहे इस पुल का काम अंतिम चरण में था और इसके दोनों छोर पर स्टील की रेलिंग लगाने का काम भी पूरा हो चुका था।
विभाग की योजना थी कि अगले कुछ ही महीनों में इस पर वाहनों की आवाजाही शुरू कर दी जाएगी, लेकिन कुदरत के इस कहर ने सारी मेहनत और करोड़ों रुपयों पर पानी फेर दिया।
होली से भरमौर का संपर्क कटा, 2 पंचायतों की उम्मीदें टूटीं
इस पुल का निर्माण भरमौर को होली से जोड़ने वाले सुगम रास्ते पर किया जा रहा था। इसके बनने से स्थानीय लोगों को एक बड़ी राहत मिलने वाली थी।
हादसे के बाद दो पंचायतों के ग्रामीणों की उम्मीदें पूरी तरह टूट गई हैं। पुल के गिरने से क्षेत्र की सड़क संपर्क व्यवस्था बुरी तरह चरमरा गई है और अब स्थानीय निवासियों के साथ-साथ राहगीरों को भी भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
विधायक डॉ. जनक राज शर्मा ने की पुष्टि
भरमौर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. जनक राज शर्मा ने इस भारी नुकसान की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि भूस्खलन के कारण निर्माणाधीन पुल का ढांचा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है और करोड़ों का नुकसान हुआ है।
स्थानीय प्रशासन और PWD विभाग की टीम मौके पर पहुंचकर नुकसान का आकलन कर रही है। फिलहाल, पहाड़ी दरकने के खतरे को देखते हुए प्रशासन ने स्थानीय लोगों को उस इलाके से दूर रहने और सतर्कता बरतने की सख्त हिदायत दी है।











