इंडिया एआई समिट (Day 2): पीएम मोदी बोले- ‘एआई का लाभ सबको मिले, यही हमारा लक्ष्य’; 19 को पेश करेंगे भारत का विजन
“राजधानी के भारत मंडपम में चल रहे पांच दिवसीय ‘इंडिया एआई इम्पैक्ट समिट 2026’ के दूसरे दिन (मंगलवार) प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) की दिशा और दशा पर महत्वपूर्ण संदेश दिया यह पहली बार है जब ‘ग्लोबल साउथ’ (Global South) में इतने बड़े पैमाने पर एआई सम्मेलन आयोजित किया जा रहा है”
नई दिल्ली: THE POLITICS AGAIN : संतोष सेठ की रिपोर्ट
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर लिखा, “बुद्धिमत्ता, तर्कसंगतता और निर्णय लेने की क्षमता विज्ञान और प्रौद्योगिकी को जनता के लिए उपयोगी बनाती है।
इस समिट का उद्देश्य यह पता लगाना है कि एआई का उपयोग सभी के लाभ के लिए कैसे किया जा सकता है।”
19 फरवरी को दुनिया देखेगी भारत का विजन
हालांकि समिट शुरू हो चुका है, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 19 फरवरी को अपना मुख्य उद्घाटन भाषण देंगे।
यह भाषण वैश्विक सहयोग की दिशा तय करेगा और समावेशी एवं जिम्मेदार एआई के लिए भारत का दृष्टिकोण (Vision) दुनिया के सामने रखेगा। समिट का समापन 20 फरवरी को होगा।
दुनिया भर से जुटे दिग्गज
इस महाकुंभ में 20 से अधिक राष्ट्राध्यक्ष, 60 मंत्री और 500 से अधिक ग्लोबल एआई लीडर्स (CEO, CTO, शोधकर्ता) हिस्सा ले रहे हैं।
इसका मकसद सार्वजनिक प्रणालियों को मजबूत करना और सतत विकास को सक्षम बनाना है।
3 बड़ी चुनौतियां और 70 फाइनलिस्ट
समिट का एक प्रमुख आकर्षण तीन वैश्विक चुनौतियां हैं:
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AI for All (सबके लिए एआई)
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AI by Her (महिलाओं द्वारा एआई)
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YuvAI (युवा और एआई)
इन चुनौतियों के लिए 60 से अधिक देशों से 4,650 आवेदन आए थे। कड़ी जांच के बाद 70 टीमों को फाइनलिस्ट चुना गया है, जो अब ग्रैंड फिनाले में अपने इनोवेशन दिखाएंगे।
कल (18 फरवरी) होगा महामंथन
बुधवार (18 फरवरी) को IIT हैदराबाद के सहयोग से एक महत्वपूर्ण अनुसंधान संगोष्ठी आयोजित होगी।
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मुख्य अतिथि: एस्टोनिया के राष्ट्रपति अलार कारिस और केंद्रीय आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव।
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खास बात: अफ्रीका, एशिया और लैटिन अमेरिका से 250 से अधिक शोध पत्र प्रस्तुत किए जाएंगे।











