Swadesh Darshan 2.0 Scheme

पर्यटन को ‘बूस्टर डोज़’: होमस्टे के लिए बिना गारंटी मिलेगा लोन, 71 गांव बने ‘बेस्ट टूरिज्म विलेज’; जानें सरकार का नया रोडमैप

“भारत सरकार ने देश में पर्यटन क्षेत्र को नई ऊंचाई देने के लिए खजाना खोल दिया है”

नई दिल्ली: THE POLITICS AGAIN : शिल्पा की रिपोर्ट 

पर्यटन मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि अब केवल बड़े होटलों पर ही नहीं, बल्कि छोटे ‘होमस्टे’ (Homestays) और ग्रामीण पर्यटन पर सरकार का पूरा फोकस है”

2025-26 के बजट में एक बड़ी घोषणा करते हुए सरकार ने होमस्टे (Homestays) मालिकों के लिए बिना किसी गारंटी (Collateral-free) के मुद्रा लोन देने का ऐलान किया है।

इसका सबसे बड़ा फायदा हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड जैसे पहाड़ी राज्यों के स्थानीय निवासियों को होगा।

स्वदेश दर्शन 2.0 और सीबीडीडी (CBDD) से बदलेगी तस्वीर

पर्यटन मंत्रालय ने अपनी पुरानी योजनाओं को अपग्रेड किया है:

  • स्वदेश दर्शन 2.0 (SD2.0): अब पर्यटन स्थलों का विकास ‘टिकाऊ और जिम्मेदार’ (Sustainable & Responsible) मॉडल पर होगा।

  • सीबीडीडी (CBDD): ‘चुनौती आधारित गंतव्य विकास’ के तहत उन पर्यटन स्थलों को फंड मिलेगा जो पर्यटकों के अनुभव को बेहतर बनाने का पूरा प्लान देंगे।

  • प्रसाद (PRASHAD) योजना: तीर्थस्थलों और विरासत स्थलों के कायाकल्प के लिए राज्यों को वित्तीय मदद जारी रहेगी।

ग्रामीण पर्यटन: ‘आत्मा गांवों में बसती है’

सरकार ने ‘ग्रामीण पर्यटन’ (Rural Tourism) को आत्मनिर्भर भारत का हिस्सा बनाया है।

  • बेस्ट टूरिज्म विलेज: अब तक देश के 71 गांवों को ‘सर्वश्रेष्ठ पर्यटन गांव’ का दर्जा दिया गया है। ये वो गांव हैं जिन्होंने अपनी संस्कृति और जीवनशैली को बचाकर रखा है।

  • रणनीति: गांवों में डिजिटल प्लेटफॉर्म, मार्केटिंग और क्लस्टर विकास के जरिए पर्यटकों को आकर्षित किया जाएगा।

स्किल डेवलपमेंट और रोजगार

पर्यटन मंत्रालय ने ‘क्षमता निर्माण योजना’ (CBSP) भी शुरू की है। इसका मकसद टैक्सी ड्राइवरों, गाइड और होटल स्टाफ को प्रोफेशनल ट्रेनिंग देना है, ताकि उनकी आय बढ़े और पर्यटकों को बेहतर सेवा मिले।

साथ ही, भारत को ‘एडवेंचर टूरिज्म’ और ‘इको-टूरिज्म’ का ग्लोबल हब बनाने के लिए नई राष्ट्रीय रणनीति तैयार की गई है।

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