मालेगांव में ‘ISLAM’ का उदय: 2 साल पुरानी पार्टी ने 35 सीटें जीतकर पलटा खेल, अब AIMIM के साथ बना रही सत्ता का नया समीकरण

“महाराष्ट्र के मालेगांव महानगरपालिका चुनाव के नतीजों ने प्रदेश की राजनीति में भूचाल ला दिया है। यहां कांग्रेस, एनसीपी और बीजेपी जैसे दिग्गज दलों को पीछे छोड़ते हुए महज दो साल पहले बनी ‘ISLAM’ (इंडियन सेकुलर लार्जेस्ट असेंबली ऑफ महाराष्ट्र) पार्टी ने ऐतिहासिक प्रदर्शन किया है”

मालेगांव/मुंबई | द पॉलिटिक्स अगेन ब्यूरो

84 सीटों वाली महानगरपालिका में 35 सीटें जीतकर यह सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी है। अब मालेगांव का अगला मेयर इसी पार्टी का बनना तय माना जा रहा है, लेकिन इसके लिए उसे ‘किंगमेकर’ की जरूरत है।

इसी सियासी जोड़-तोड़ के बीच आज ISLAM पार्टी ने असदुद्दीन ओवैसी की पार्टी AIMIM से आधिकारिक तौर पर समर्थन मांगा है, जिससे मालेगांव में एक नए और दिलचस्प सियासी समीकरण की आहट सुनाई देने लगी है।

AIMIM के दरवाजे पर पहुंची ‘ISLAM’

बहुमत के आंकड़े से कुछ कदम दूर ISLAM पार्टी के प्रमुख पदाधिकारी आज AIMIM के स्थानीय विधायक मुफ्ती इस्माईल कासमी के दफ्तर पहुंचे।

  • क्या हुई बात: ISLAM पार्टी के नेताओं ने विधायक मुफ्ती इस्माईल से मुलाकात कर कहा कि “शहर के विकास के लिए AIMIM को हमारा साथ देना चाहिए।”

  • AIMIM का रुख: मुलाकात के बाद मुफ्ती इस्माईल ने पत्ता नहीं खोला। उन्होंने न तो हां कहा और न ही ना। उन्होंने मीडिया से कहा, “हम सोच कर जवाब देंगे।” बता दें कि चुनाव में AIMIM को 21 सीटें मिली हैं और उनकी भूमिका निर्णायक है।

2024 में बनी पार्टी, 2026 में सत्ता के करीब

ISLAM पार्टी की सफलता किसी चमत्कार से कम नहीं है। इसका गठन 2024 में पूर्व कांग्रेस विधायक शेख आसिफ ने किया था।

उनका कहना था कि वे सेकुलर पार्टियों की नीतियों से परेशान हो चुके थे। महज 2 साल के भीतर इस पार्टी ने मालेगांव में अपनी जड़ें इतनी गहरी कर लीं कि आज वह सत्ता के शीर्ष पर है।

मालेगांव का ‘नंबर गेम’ (कुल सीटें: 84) मेयर बनने के लिए जादुई आंकड़ा 43 है।

  • ISLAM पार्टी: 35 सीटें

  • AIMIM: 21 सीटें

  • शिवसेना (शिंदे गुट): 18 सीटें

  • समाजवादी पार्टी (SP): 05 सीटें

  • कांग्रेस: 03 सीटें

  • बीजेपी: 02 सीटें

बहुमत का गणित: दो रास्ते

ISLAM पार्टी के पास मेयर बनाने के लिए दो विकल्प मौजूद हैं:

  1. प्लान A (AIMIM के साथ): अगर AIMIM (21) समर्थन देती है, तो आंकड़ा 56 तक पहुंच जाएगा, जो बहुत मजबूत बहुमत है। इसीलिए पहली कोशिश यही की जा रही है।

  2. प्लान B (SP + कांग्रेस): अगर ISLAM पार्टी (35) को समाजवादी पार्टी (5) और कांग्रेस (3) का साथ मिल जाए, तो कुल आंकड़ा ठीक 43 हो जाता है।

यानी बिना AIMIM के भी मेयर बन सकता है, लेकिन यह गठबंधन वैचारिक रूप से कांग्रेस के लिए मुश्किल हो सकता है।

संजय निरूपम का बयान: ‘खतरे की घंटी’

मालेगांव के इन नतीजों पर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। शिंदे गुट की शिवसेना के वरिष्ठ नेता संजय निरूपम ने ISLAM पार्टी की जीत पर चिंता जताई है।

उन्होंने कहा, “मालेगांव में जिस तरह रेडिकलाइजेशन (कट्टरपंथ) बढ़ रहा है और एक खास नाम वाली पार्टी जीती है, वह भविष्य के लिए बहुत खतरनाक साबित हो सकता है।”

मालेगांव में अब गेंद AIMIM के पाले में है। क्या मुफ्ती इस्माईल नई नवेली ISLAM पार्टी को समर्थन देकर शहर में एक नई सियासी इबारत लिखेंगे, या फिर कोई और खिचड़ी पकेगी? यह आने वाले एक-दो दिनों में साफ हो जाएगा।

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