उत्तर प्रदेश में 60 घंटों की मूसलाधार बारिश और आंधी-तूफान ने मचाई तबाही; 56 लोगों की दर्दनाक मौत और 1000 से अधिक मकान क्षतिग्रस्त, राहत एवं बचाव कार्य तेज।
यूपी में बारिश और तूफान का तांडव: 60 घंटों में 56 लोगों की मौत, 1021 मकान ध्वस्त; सीएम योगी ने दिए तत्काल मुआवजे के निर्देश”
लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में पिछले तीन दिनों से जारी मूसलाधार बारिश और तेज आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई है।
प्रदेश के 75 में से 56 जिलों में हुई अत्यधिक बारिश के कारण जनजीवन पूरी तरह से पटरी से उतर गया है।
राज्य के राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रविवार को आधिकारिक आंकड़े जारी करते हुए बताया कि पिछले 60 घंटों में अतिवृष्टि (भारी बारिश) और आंधी-तूफान से जुड़ी विभिन्न घटनाओं में प्रदेश भर में 56 लोगों की दर्दनाक मौत हो गई है,
जबकि 46 अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं। इसके अलावा 107 मवेशियों की जान गई है और 1,021 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
राहत आयुक्त कार्यालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, तराई और मध्य यूपी के जिले इस प्राकृतिक आपदा से सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं:
कहां कितनी मौतें: बारिश जनित हादसों में सबसे अधिक सीतापुर में 7 लोगों की जान गई है। इसके अलावा लखीमपुर खीरी में 5, बहराइच में 5, बलरामपुर में 5, अयोध्या में 4 और गोरखपुर में 4 लोगों की मृत्यु दर्ज की गई है।
घायलों का विवरण: आंधी-बारिश के हादसों में हरदोई में 7, मैनपुरी में 5, श्रावस्ती में 5, बाराबंकी में 5 तथा सीतापुर और लखीमपुर खीरी में 3-3 लोग घायल हुए हैं।
क्षतिग्रस्त मकानों का आंकड़ा: कच्चे-पक्के मकान गिरने के मामलों में हरदोई सबसे ऊपर है, जहां 272 मकान क्षतिग्रस्त हुए हैं।
इसके बाद सीतापुर में 108, चंदौली में 75, औरैया में 60, गोंडा में 54, हमीरपुर में 51, शाहजहांपुर में 47 और बहराइच में 44 मकानों को नुकसान पहुंचा है।
प्रदेश में हुई इस भीषण जनहानि और तबाही का संज्ञान लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से फील्ड में उतरने के निर्देश दिए हैं। सीएम योगी ने स्पष्ट कहा है कि:
किसानों की बर्बाद हुई फसलों के नुकसान का तुरंत सर्वे (आकलन) कराया जाए और नियमों के अनुसार अन्नदाताओं को अविलंब मुआवजा दिया जाए।
जिन परिवारों के मकान बारिश में क्षतिग्रस्त हो गए हैं, उन्हें तत्काल आर्थिक सहायता और रहने के लिए सुरक्षित वैकल्पिक आश्रय (शेल्टर) मुहैया कराया जाए।
इधर, राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद ने रविवार को सभी जिलाधिकारियों (DM) और अपर जिलाधिकारियों (ADM) के साथ राहत एवं बचाव कार्यों की समीक्षा बैठक की और उन्हें प्रभावित लोगों से सीधा संवाद बनाए रखने का निर्देश दिया।
राहत विभाग की टीमें जलभराव और बाढ़ प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए लगातार रेस्क्यू अभियान चला रही हैं।
प्रशासन ने नागरिकों से अपील की है कि वे बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में अनावश्यक रूप से न जाएं और उफनती नदियों, नालों व तेज जलधाराओं से दूर रहें।
किसी भी प्रकार की आपातकालीन सहायता के लिए नागरिक राहत आयुक्त कार्यालय के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1070 पर संपर्क कर सकते हैं।
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