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जौनपुर: जलालपुर में 48 वर्षीय व्यक्ति ने लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को मारी गोली, मौत का कारण रहस्य | The Politics Again

“जौनपुर में खौफनाक वारदात: किसान ने अपनी लाइसेंसी रिवॉल्वर से खुद को मारी गोली, बंद कमरे में मिली लाश, मौत का कारण रहस्य”

जौनपुर (The Politics Again) : मंगेश प्रजापति की रिपोर्ट 

उत्तर प्रदेश के जौनपुर जिले से एक बेहद ही सनसनीखेज और दुखद घटना सामने आई है। जिले के जलालपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले मझगवां खुर्द गांव में 48 वर्षीय संजय यादव ने अपनी ही लाइसेंसी रिवॉल्वर से गोली मारकर आत्महत्या कर ली।

घटना सोमवार रात की बताई जा रही है, जिसका खौफनाक खुलासा मंगलवार सुबह तब हुआ, जब उनके कमरे का दरवाजा देर तक नहीं खुला। इस घटना से पूरे गांव में मातम और दहशत का माहौल है।

कैसे हुआ घटना का खुलासा?

परिजनों के अनुसार, संजय यादव अपने मकान की दूसरी मंजिल पर अकेले ही सोते थे, जबकि परिवार के अन्य सदस्य खेत पर बने घर (पाही) पर रहते थे।

मंगलवार सुबह जब काफी देर तक संजय के कमरे का दरवाजा नहीं खुला और अंदर से कोई आहट नहीं आई, तो परिजनों को चिंता हुई।

अनहोनी की आशंका के चलते परिजनों ने कमरे की खिड़की से झांक कर देखा, तो उनके होश उड़ गए।

संजय बिस्तर पर खून से लथपथ मृत अवस्था में पड़े थे और पास ही उनकी लाइसेंसी रिवॉल्वर पड़ी थी। इसके बाद परिजनों ने दोपहर करीब 12 बजे पुलिस को इस घटना की सूचना दी।

पुलिस और फॉरेंसिक टीम की जांच शुरू

सूचना मिलते ही जलालपुर थाना प्रभारी गजानंद चौबे भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने अपनी मौजूदगी में कमरे का दरवाजा खुलवाया और शव को कब्जे में ले लिया।

घटना की गंभीरता को देखते हुए केराकत के क्षेत्राधिकारी (CO) भी मौके पर पहुंचे। पुलिस के साथ-साथ फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल का बारीकी से मुआयना किया और साक्ष्य जुटाए।

खाना खाकर लौटे थे, फिर उठा लिया खौफनाक कदम

थाना प्रभारी गजानंद चौबे ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि संजय यादव सोमवार रात करीब 10:30 बजे अपने एक मित्र के साथ किसी परिचित के यहां से खाना खाकर घर लौटे थे।

इसके बाद वह सीधे अपने कमरे में सोने चले गए थे। रात में ही किसी समय उन्होंने यह आत्मघाती कदम उठा लिया।

आत्महत्या का कारण बनी पहेली

संजय यादव ने इतना बड़ा कदम क्यों उठाया, यह अभी तक एक रहस्य बना हुआ है। मौके से कोई सुसाइड नोट मिलने की सूचना नहीं है।

संजय अपने तीन भाइयों (महेंद्र यादव और योगेंद्र यादव) में सबसे बड़े थे। वे सभी अपने पिता रामनारायण यादव के साथ घर पर रहकर खेती-बाड़ी का काम देखते थे।

इस अचानक हुई मौत से संजय के परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। उनके परिवार में पत्नी विमला देवी, 22 वर्षीय पुत्र अभिषेक और 15 वर्षीय पुत्री अमिषा हैं, जिनका रो-रोकर बुरा हाल है।

फिलहाल पुलिस हर एंगल (पारिवारिक कलह, आर्थिक तंगी या मानसिक तनाव) से मामले की गहराई से जांच कर रही है।

Santosh SETH

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