Fire breaks out in a government building in Kolkata, destroying 4,000 EVMs, triggering political uproar

कोलकाता में आग से 4000 EVM जलीं, TMC-AAP का सवाल

🚨 कोलकाता में भीषण अग्निकांड: 4 हजार EVM जलकर खाक, TMC-AAP और कांग्रेस ने दागे चुनाव आयोग पर सवाल, SIT करेगी जांच “

कोलकाता: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में एक सरकारी बिल्डिंग में लगी भीषण आग ने एक बड़े राजनीतिक विवाद को जन्म दे दिया है।

इस आग में लगभग 4,000 इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनें (EVM) जलकर पूरी तरह खाक हो गई हैं। बताया जा रहा है कि ये वही मशीनें थीं, जिनका इस्तेमाल इसी साल हुए विधानसभा चुनाव में 10 महत्वपूर्ण सीटों पर किया गया था।

घटना के बाद पुलिस ने स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) का गठन कर दिया है, लेकिन विपक्षी दलों ने इस घटना को ‘साजिश’ करार देते हुए चुनाव आयोग पर तीखे सवाल दागे हैं।

‘The Politics Again’ की इस विशेष रिपोर्ट में आइए जानते हैं इस अग्निकांड और इस पर मचे सियासी घमासान की पूरी कहानी:

🏢 24 घंटे में बुझी आग, मंत्री बोले- ‘सामान्य नहीं है मामला’

यह घटना उस बिल्डिंग में हुई, जहां दक्षिण 24 परगना जिला परिषद समेत कई अहम सरकारी दफ्तर स्थित हैं। आग इतनी भयंकर थी कि इस पर पूरी तरह काबू पाने में दमकल विभाग को करीब 24 घंटे का समय लग गया।

  • आग फैलने का अजीब तरीका: पश्चिम बंगाल के दमकल और आपदा प्रबंधन राज्य मंत्री कौशिक चौधरी ने बताया कि आग सबसे पहले दूसरी और तीसरी मंजिल पर दिखी थी।

  • लेकिन हैरानी की बात यह है कि चौथी, पांचवीं और छठी मंजिल को ज्यादा नुकसान पहुंचाए बिना यह सीधे सातवीं, आठवीं, नौवीं और दसवीं मंजिल तक कैसे पहुंच गई?

  • साजिश की आशंका: मंत्री कौशिक चौधरी ने स्पष्ट कहा कि आग सामान्य नहीं लगती और किसी गहरी साजिश की आशंका को खारिज नहीं किया जा सकता।

  • भाजपा के केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार और नेता राकेश सिंह ने भी इसे एक सुनियोजित घटना बताया है।

🗣️ TMC का चुनाव आयोग पर सीधा हमला

सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने इस घटना को सबूत मिटाने की कोशिश बताया है। TMC ने X (पूर्व में ट्विटर) पर आग का वीडियो शेयर करते हुए लिखा:

“चुनाव आयोग हमेशा सवालों से बच नहीं सकता। EVM और CCTV फुटेज को सुरक्षित रखने के लिए पहले अदालत का दरवाजा खटखटाया गया था।

फिर ऐसी घटना कैसे हो गई? क्या यह सिर्फ एक हादसा था या अहम सबूतों को मिटाने की सुनियोजित कोशिश?”

TMC ने दावा किया है कि इस आग में जो मशीनें नष्ट हुई हैं, वे कस्बा, जादवपुर, बेहाला ईस्ट, बेहाला वेस्ट, मेटियाबुरुज, सतगछिया और डायमंड हार्बर सब-डिवीजन की कई अहम विधानसभा सीटों से जुड़ी थीं।

🛑 कांग्रेस और AAP ने भी मांगा जवाब

इस घटना पर राष्ट्रीय स्तर पर भी प्रतिक्रियाएं आ रही हैं:

  • कांग्रेस: पार्टी ने मांग की है कि राज्य सरकार और चुनाव आयोग को देश के सामने यह साफ करना चाहिए कि आखिर आग कैसे लगी और यह रहस्यमयी तरीके से नौवीं-दसवीं मंजिल तक कैसे पहुंच गई?

  • आम आदमी पार्टी (AAP): AAP ने तीखा सवाल पूछते हुए कहा, “आखिर ऐसा क्या हुआ कि एक सरकारी भवन में इतनी भीषण आग लग गई? आग की चपेट में हजारों EVM कैसे आ गईं, भाजपा इसका जवाब दे।”

🚓 FIR दर्ज, SIT और फॉरेंसिक टीम कर रही जांच

घटना की गंभीरता को देखते हुए पश्चिम बंगाल पुलिस ने मामले की तह तक जाने के लिए एक SIT (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) का गठन किया है।

  • दक्षिण 24 परगना प्रशासन की आधिकारिक शिकायत पर अलीपुर थाने में FIR दर्ज कर ली गई है।

  • अब यह जांच की जा रही है कि आग शॉर्ट सर्किट से लगी थी या किसी ने जानबूझकर सबूत मिटाने के लिए लगाई थी। फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर नमूने (Samples) जुटा रही है।

नोट: देशभर की राजनीति, चुनाव आयोग से जुड़े विवादों और ताज़ा बड़ी खबरों से जुड़े रहने के लिए पढ़ें National News in Hindi केवल ‘द पॉलिटिक्स अगेन’ (The Politics Again) पर।