पाक के हवाई हमले में 3 की मौत, तालिबान की ‘सैन्य जवाब’ की चेतावनी
अफगानिस्तान-पाकिस्तान सीमा पर तनाव चरम पर: पाक के हवाई हमले में 3 की मौत, तालिबान ने दी ‘सैन्य जवाब’ की चेतावनी”
काबुल: संतोष सेठ की रिपोर्ट (THE POLITICS AGAIN)
अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच एक बार फिर तनाव गहरा गया है और खुली लड़ाई की आशंका बढ़ गई है।
सोमवार को टोलो न्यूज़ (TOLO News) की रिपोर्ट के अनुसार, अफगानिस्तान के उत्तर-पूर्वी कुनार प्रांत को निशाना बनाकर पाकिस्तान द्वारा किए गए एक हवाई हमले में कम से कम तीन लोगों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए।
पाकिस्तान ने क्यों किया हवाई हमला?
माना जा रहा है कि पाकिस्तान का यह सैन्य हमला हाल ही में उत्तर-पश्चिमी पाकिस्तान के एक पुलिस स्टेशन परिसर में हुए आत्मघाती बम धमाके का पलटवार है।
पाकिस्तान लंबे समय से यह आरोप लगाता रहा है कि ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान’ (TTP) जैसे चरमपंथी समूह अफगानिस्तान की धरती से आतंकी गतिविधियों को अंजाम दे रहे हैं।
तालिबान की सख्त चेतावनी: ‘हमले का देंगे सैन्य जवाब’
इस हमले के बाद तालिबान प्रशासन ने पाकिस्तान को कड़ी चेतावनी दी है। तालिबान के मुख्य प्रवक्ता जबीहुल्लाह मुजाहिद ने स्पष्ट किया है कि अगर पाकिस्तान ने अफगानिस्तान की जमीन पर हमले किए, तो काबुल इसका ‘सैन्य जवाब’ देगा।
मुजाहिद ने कहा, “अगर पाकिस्तान अफगानिस्तान की जमीन की पवित्रता का उल्लंघन करता है, तो अफगानिस्तान को अपने देश की रक्षा करने का पूरा अधिकार है, और हम ऐसा करेंगे। कोई भी पाकिस्तानी सैन्य अभियान अफगान संप्रभुता का उल्लंघन माना जाएगा।”
टीटीपी (TTP) के दावों का किया खंडन
अल अरबिया इंग्लिश को दिए एक इंटरव्यू में जबीहुल्लाह मुजाहिद ने पाकिस्तान के उन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया कि तालिबान ‘तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान’ (TTP) को पनाह दे रहा है या उन्हें ट्रेनिंग और भर्ती की इजाजत दे रहा है।
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मुजाहिद ने कहा कि तालिबान सरकार किसी भी सशस्त्र समूह को दूसरे देशों पर हमले करने की अनुमति नहीं देती है।
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उन्होंने पाकिस्तान को अपनी ‘आंतरिक सुरक्षा समस्याओं’ पर गौर करने की नसीहत देते हुए कहा कि TTP और बलूच समूहों से जुड़ी हिंसा 2021 में तालिबान के सत्ता में आने से बहुत पहले से मौजूद थी।
बातचीत और सऊदी अरब की मध्यस्थता का प्रस्ताव
सैन्य कार्रवाई की कड़ी चेतावनी के बावजूद, तालिबान ने बातचीत के दरवाजे खुले रखे हैं। मुजाहिद ने कहा कि काबुल सीमा सुरक्षा चिंताओं को दूर करने और इंटेलिजेंस-शेयरिंग के लिए इस्लामाबाद के साथ बातचीत करने को तैयार है।
इसके साथ ही, उन्होंने इस विवाद को सुलझाने के लिए सऊदी अरब की मध्यस्थता का भी समर्थन किया।
मुजाहिद ने कहा कि सऊदी अरब के दोनों देशों (अफगानिस्तान और पाकिस्तान) के साथ अच्छे संबंध हैं और वह इस तनाव को कम करने में एक अहम भूमिका निभा सकता है।











