बंगाल चुनाव: सभी जिलों में बनेंगे 24x7 इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव को लेकर प्रशासन का बड़ा एक्शन… सभी जिलों में तत्काल प्रभाव से बनेंगे 24×7 ‘इंटीग्रेटेड डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम’… चप्पे-चप्पे पर होगी लाइव CCTV मॉनिटरिंग… CAPF और पुलिस के कॉम्बिंग ऑपरेशन का होगा सीधा संचालन… पढ़ें ‘The Politics Again’ की पूरी रिपोर्ट…
विस्तृत समाचार: पश्चिम बंगाल चुनाव 2026: एक्शन में प्रशासन, सभी जिलों में 24 घंटे संचालित होंगे ‘इंटीग्रेटेड कंट्रोल रूम’; चप्पे-चप्पे पर रहेगी लाइव नजर
कोलकाता | इलेक्शन डेस्क, संतोष सेठ की रिपोर्ट, The Politics Again
आगामी पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 को स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग और राज्य प्रशासन पूरी तरह से ‘एक्शन मोड’ में आ गए हैं।
सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के मद्देनजर प्रशासन ने तत्काल प्रभाव से सभी जिलों में ‘इंटीग्रेटेड डिस्ट्रिक्ट कंट्रोल रूम’ (Integrated District Control Room) स्थापित कर उन्हें 24 घंटे (24×7) संचालित करने के सख्त निर्देश जारी किए हैं।
कौन करेगा कंट्रोल रूम की निगरानी?
आधिकारिक निर्देशों के अनुसार, इन हाई-टेक कंट्रोल रूम में जिले के शीर्ष अधिकारी तैनात रहेंगे। इनमें जिला निर्वाचन अधिकारी (DEO), पुलिस आयुक्त (CP) या पुलिस अधीक्षक (SP) और केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बल (CAPF) के जिला समन्वयक स्तर के अधिकारी शामिल होंगे।
कंट्रोल रूम की संपूर्ण गतिविधियों की सीधी निगरानी के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी के कार्यालय से एक विशेष ‘नोडल अधिकारी’ (Nodal Officer) की नियुक्ति की जाएगी, जो इस पूरे सेटअप का प्रभारी होगा।
CCTV की लाइव फीड और फ्लाइंग स्क्वाड पर नजर
चुनाव के दौरान किसी भी तरह की गड़बड़ी को रोकने के लिए यह कंट्रोल रूम जिले की तीसरी आंख के रूप में काम करेगा। इसके प्रमुख कार्यों में शामिल हैं:
संवेदनशील स्थलों पर स्थापित ‘स्टैटिक सर्विलांस टीम’ (SST) के नाका प्वाइंट्स की लाइव मॉनिटरिंग।
‘फ्लाइंग स्क्वाड टीम’ (FST) के वाहनों की जीपीएस और फील्ड निगरानी।
जिले के चप्पे-चप्पे और विभिन्न मतदान केंद्रों/महत्वपूर्ण स्थानों पर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की लाइव फीड पर 24 घंटे सीधी नजर रखना।
CAPF और पुलिस का कॉम्बिंग ऑपरेशन
प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पूरे जिले में कानून-व्यवस्था की स्थिति पर सतत निगरानी रखने के लिए यह कंट्रोल रूम एक ‘नर्व सेंटर’ (Nerve Center) की तरह काम करेगा।
केंद्रीय बलों (CAPF) और स्थानीय पुलिस बल के मूवमेंट का सीधा समन्वय यहीं से होगा। इसके अलावा, चुनाव से पहले असामाजिक तत्वों पर नकेल कसने के लिए चलाए जाने वाले कॉम्बिंग ऑपरेशन, फ्लैग मार्च और ‘एरिया डोमिनेशन’ (Area Domination) जैसी अहम गतिविधियों का संचालन भी इसी कंट्रोल रूम के माध्यम से किया जाएगा।
प्रशासन ने इस मामले को अत्यंत गंभीर और तात्कालिक बताते हुए सभी जिलाधिकारियों को इसे अपनी ‘सर्वोच्च चुनावी प्राथमिकता’ में रखने का निर्देश दिया है।
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