प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ऑस्ट्रेलियाई अधिकारियों के बीच समझौतों के आदान-प्रदान का दृश्य

पीएम मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे में 18 अहम समझौतों पर मुहर लगी

पीएम मोदी के ऑस्ट्रेलिया दौरे की बड़ी कामयाबी: रक्षा, ऊर्जा और शिक्षा समेत 18 अहम समझौतों पर लगी मुहर, लौटेंगी भारत की 3 प्राचीन मूर्तियां”

मेलबर्न : THE POLITICS AGAIN डेस्क (फॉरेन पॉलिसी/नेशनल डेस्क): संतोष सेठ की रिपोर्ट

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (PM Narendra Modi) की ऐतिहासिक ऑस्ट्रेलिया यात्रा कूटनीतिक और रणनीतिक लिहाज से बेहद सफल रही है।

दोनों देशों के बीच हुई उच्च-स्तरीय वार्ताओं के बाद कुल 18 बड़े और अहम नतीजे (Outcomes) निकलकर सामने आए हैं।

इन वार्ताओं ने भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच ‘व्यापक रणनीतिक साझेदारी’ को एक नई ऊंचाई पर पहुंचा दिया है।

रक्षा, ऊर्जा, साइबर तकनीक से लेकर शिक्षा और भारतीय धरोहरों की वापसी तक, इन 18 समझौतों ने दोनों देशों के रिश्तों में एक नया अध्याय जोड़ दिया है।

आइए विस्तार से जानते हैं पीएम मोदी के इस दौरे से निकले सभी 18 अहम परिणामों के बारे में:

1. रक्षा और समुद्री सुरक्षा पर अभूतपूर्व जोर

भारत और ऑस्ट्रेलिया ने इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में अपनी सैन्य और समुद्री साझेदारी को और मजबूत करने के लिए कई कड़े कदम उठाए हैं:

  • रक्षा एवं सुरक्षा सहयोग पर संयुक्त घोषणा (JDDSC): 2009 की सुरक्षा घोषणा का नवीनीकरण किया गया है।

  • इसमें बलों की अंतरसंचालनीयता, साइबर सुरक्षा, रक्षा औद्योगिक सहयोग और आतंकवाद विरोधी उपायों पर जोर दिया गया है।

  • समुद्री सुरक्षा सहयोग प्रारूप (MSCR): इसके तहत सूचना साझाकरण, क्षमता विकास और समुद्री सुरक्षा में परिचालन समन्वय को बढ़ाया जाएगा।

  • कोस्ट गार्ड (ICG) और MBC के बीच MoU: भारतीय तटरक्षक बल और ऑस्ट्रेलिया के समुद्री सीमा कमान के बीच समुद्री कानून प्रवर्तन और सीमा सुरक्षा को लेकर करार हुआ है।

  • सैन्य प्रशिक्षक की तैनाती: ऑस्ट्रेलिया ने 2028-29 के लिए अपने ‘रक्षा महाविद्यालय’ में एक भारतीय सैन्य प्रशिक्षक को तैनात करने का आमंत्रण भेजा है।

2. ऊर्जा, परमाणु समझौता और उभरती तकनीकें

भू-राजनीतिक तनावों के बीच दोनों देशों ने अपनी ऊर्जा जरूरतों और साइबर सुरक्षा को सुरक्षित करने पर मुहर लगाई है:

  • ऊर्जा सुरक्षा पर संयुक्त वक्तव्य: दोनों देशों ने वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव के मद्देनजर ऊर्जा सुरक्षा के प्रति अपनी मजबूत प्रतिबद्धता दोहराई।

  • नागरिक परमाणु समझौता (Uranium Supply): 2014 के भारत-ऑस्ट्रेलिया नागरिक परमाणु समझौते की प्रशासनिक व्यवस्था को अंतिम रूप दे दिया गया है। इससे ऑस्ट्रेलिया से भारत को यूरेनियम की आपूर्ति का रास्ता साफ हो गया है।

  • साइबर और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियां (PACTS): राष्ट्रीय सुरक्षा और महत्वपूर्ण आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करने के लिए ‘ऑस्ट्रेलिया-भारत साझेदारी’ पर मुहर लगी है।

  • त्रिपक्षीय साझेदारी (ACITI): उभरती प्रौद्योगिकियों और नवाचार में सहयोग के लिए ‘ऑस्ट्रेलिया-कनाडा-भारत प्रौद्योगिकी और नवाचार’ साझेदारी पर सहमति बनी है।

  • जियोसाइंस और भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण: जियोसाइंस ऑस्ट्रेलिया (GA) और भारतीय भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण (GSI) के बीच उन्नत अन्वेषण और क्षमता निर्माण के लिए MoU हुआ।

3. शिक्षा और कौशल विकास में बड़ा निवेश

ऑस्ट्रेलियाई विश्वविद्यालय अब सीधे तौर पर भारतीय छात्रों के लिए भारत में अपने दरवाजे खोल रहे हैं:

  • फ्लिंडर्स यूनिवर्सिटी (Flinders University): भारत के बेंगलुरु में अपना नया कैंपस स्थापित करने के लिए विश्वविद्यालय को आशय पत्र (LoI) सौंपा गया है।

  • विक्टोरिया यूनिवर्सिटी (Victoria University): हरियाणा के गुरुग्राम में अपना कैंपस स्थापित करने और संचालित करने के लिए विक्टोरिया यूनिवर्सिटी को स्वीकृति पत्र सौंपा गया।

  • खनन उत्कृष्टता केंद्र: MSDE (भारत) और TAFE (पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया) के बीच भुवनेश्वर (NSTI) में ‘खनन एवं खनन उपकरण, प्रौद्योगिकी एवं सेवाओं’ में उत्कृष्टता केंद्र स्थापित करने का समझौता हुआ है।

  • NCVET और ASQA के बीच करार: व्यावसायिक शिक्षा और प्रशिक्षण (TVET) में गुणवत्ता और मानकों को संरेखित करने के लिए आशय पत्र पर हस्ताक्षर हुए।

  • वैज्ञानिक अनुसंधान (CSIR): CSIR और मेलबर्न विश्वविद्यालय के बीच औषधि लक्ष्य पहचान, प्रशिक्षु और संकाय विनिमय (Faculty Exchange) को लेकर MoU हुआ है।

4. संस्कृति, सिनेमा और धरोहरों की घर वापसी

भारत की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को सहेजने और सिनेमा के क्षेत्र में भी बड़े कदम उठाए गए हैं:

  • भारतीय कलाकृतियों की वापसी: ऑस्ट्रेलिया भारत की 3 बेहद प्राचीन और बेशकीमती वस्तुएं लौटा रहा है:

    1. नंदी: शिव के वाहन पवित्र बैल नंदी की ग्रेनाइट मूर्ति (11वीं-12वीं शताब्दी, तमिलनाडु)।

    2. भद्रकाली त्रिशूल: शुभ काली के साथ कांसे का त्रिशूल (11वीं शताब्दी, तमिलनाडु)।

    3. छह सिर वाले कार्तिकेय: स्कंद की बेसाल्ट मूर्ति (12वीं शताब्दी, तमिलनाडु)।

  • पारंपरिक ज्ञान (TKDL): CSIR और IP ऑस्ट्रेलिया के बीच हुए समझौते से ऑस्ट्रेलिया को ‘पारंपरिक ज्ञान डिजिटल लाइब्रेरी’ डेटाबेस तक पहुंच मिलेगी।

  • सिनेमा में सहयोग: सत्यजीत रे फिल्म एंड टेलीविजन इंस्टीट्यूट (SRFTI), कोलकाता और ग्रिफिथ फिल्म स्कूल, साउथ ब्रिस्बेन के बीच संयुक्त कार्यशालाओं और सिनेमा परियोजनाओं के विकास के लिए करार हुआ।

  • रूफटॉप सोलर ट्रेनिंग अकादमी: पीएम सूर्यघर योजना को गति देने के लिए गांधीनगर (गुजरात) में 2000 महिलाओं और युवाओं को सोलर तकनीशियन के रूप में प्रशिक्षित करने के लिए अकादमी का संचालन शुरू किया गया है।

पीएम मोदी के इस दौरे और इन 18 समझौतों से यह स्पष्ट हो गया है कि इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में भारत और ऑस्ट्रेलिया एक-दूसरे के सबसे मजबूत और भरोसेमंद रणनीतिक साझेदार बनकर उभर रहे हैं।

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