Over 124 former IAS and IFS officers issue an open letter defending the EC, while Delhi Police detain over 3000 CJP protesters.
चुनाव आयोग के बचाव में उतरे 124 पूर्व IAS और IFS अधिकारी, बोले- ‘हारने पर धांधली का आरोप गलत’; दिल्ली में 3000 प्रदर्शनकारी हिरासत में”
नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
देश में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनाव आयोग (EC) की कार्यप्रणाली को लेकर चल रहे राजनीतिक घमासान के बीच, 124 पूर्व नौकरशाहों ने एक खुला पत्र लिखा है।
इन पूर्व IAS, IFS और संबंधित सेवाओं के अधिकारियों ने चुनाव आयोग का पुरजोर बचाव करते हुए बिना ठोस सबूत के लगाए जा रहे वोट धांधली के आरोपों पर सवाल उठाए हैं।
दूसरी ओर, मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञान कुमार के खिलाफ कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) का विरोध प्रदर्शन उग्र हो गया है, जिसके चलते दिल्ली पुलिस ने 3,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया है।
पूर्व अधिकारियों ने अपने पत्र में भारत की चुनावी व्यवस्था में आए बदलावों की सराहना की है। उन्होंने कहा कि पहले के समय में होने वाली बूथ कैप्चरिंग और चुनावी हिंसा अब बीते दिनों की बात हो गई है।
आज की व्यवस्था में EVM सीलिंग, पोलिंग एजेंट, स्ट्रॉन्ग-रूम की सुरक्षा और VVPAT वेरिफिकेशन जैसे कई सुरक्षा उपाय मौजूद हैं।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया, “कोई सिस्टम ऐसा नहीं हो सकता जो आपके जीतने पर तो ईमानदार हो और हारने पर धांधली वाला।”
उन्होंने बिहार के 2025 विधानसभा चुनावों का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां रिकॉर्ड वोटिंग हुई और दोबारा वोटिंग की नौबत नहीं आई।
उन्होंने यह भी याद दिलाया कि इसी चुनाव आयोग के तहत केंद्र की सत्ताधारी पार्टी कई राज्यों में चुनाव हार चुकी है।
इस पत्र पर पूर्व विदेश सचिव कंवल सिब्बल और आर.डी. कपूर, नवनीत सहगल जैसे प्रमुख पूर्व अधिकारियों के हस्ताक्षर हैं।
एक तरफ जहां पूर्व अधिकारी EC का बचाव कर रहे हैं, वहीं दिल्ली की सड़कों पर भारी पुलिस बल तैनात है।
जंतर-मंतर पर CEC ज्ञान कुमार के खिलाफ CJP के प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन को रोकने के लिए दिल्ली पुलिस ने 3,000 से ज्यादा प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया है।
ड्रोन से निगरानी: पुलिस ने नई दिल्ली इलाके, मिंटो ब्रिज, आकाशवाणी भवन और रीगल सिनेमा के पास से लोगों को हिरासत में लिया है। पूरे इलाके में ड्रोन से कड़ी निगरानी रखी जा रही है।
एहतियाती कदम: जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन से पहले, पुलिस ने राष्ट्रीय राजधानी के विभिन्न जिलों से आपराधिक रिकॉर्ड वाले 600 से अधिक लोगों को भी एहतियातन हिरासत में लिया है ताकि कानून-व्यवस्था न बिगड़े।
| मुख्य घटनाक्रम (Key Highlights) | विस्तृत जानकारी (Details) |
| ✉️ 124 पूर्व अधिकारियों का पत्र | IAS, IFS अधिकारियों ने चुनाव आयोग (EC) और SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिविजन) का पुरजोर बचाव किया। |
| 🛡️ चुनावी सुरक्षा के तर्क | VVPAT वेरिफिकेशन, EVM सीलिंग और स्ट्रॉन्ग-रूम की सुरक्षा का हवाला दिया। कहा- “बिना सबूत धांधली के आरोप गलत।” |
| 🚨 दिल्ली में पुलिस का एक्शन | जंतर-मंतर की ओर बढ़ रहे CJP के 3,000 से अधिक प्रदर्शनकारियों को पुलिस ने हिरासत में लिया। |
| 🚁 सुरक्षा व्यवस्था | नई दिल्ली में ड्रोन से निगरानी; मिंटो ब्रिज, आकाशवाणी भवन और रीगल सिनेमा के पास भारी पुलिस तैनाती। |
| 🛑 आपराधिक तत्वों पर नकेल | एहतियात के तौर पर पुलिस ने आपराधिक रिकॉर्ड वाले 600 लोगों को भी हिरासत में लिया। |
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