नागपुर में मनेगा 11वां आयुर्वेद दिवस, लॉन्च होगी ‘आयुष विजन 2030’ रिपोर्ट
नागपुर में आज मनेगा 11वां आयुर्वेद दिवस: ‘स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद’ थीम पर होगा मंथन, ‘आयुष विजन 2030’ रिपोर्ट होगी लॉन्च”
नागपुर: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारत की प्राचीन चिकित्सा पद्धति को वैश्विक पटल पर और अधिक सुदृढ़ करने के उद्देश्य से 23 सितंबर को पूरे भारत और दुनिया भर में 11वां आयुर्वेद दिवस मनाया जा रहा है।
आयुष मंत्रालय इस वर्ष नागपुर में “स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद” (Ayurveda for a Healthy Future) थीम के तहत इस मुख्य समारोह की मेजबानी कर रहा है।
इस भव्य राष्ट्रीय आयोजन में देश-विदेश के आयुर्वेद संस्थान, दिग्गज चिकित्सक, शोधकर्ता और आयुष पारिस्थितिकी तंत्र से जुड़े प्रमुख हितधारक हिस्सा लेंगे।
पहली बार जारी होगी ‘आयुष सर्विस सेक्टर’ की रिपोर्ट
नागपुर में आयोजित होने वाले इस राष्ट्रीय कार्यक्रम में कई ऐतिहासिक और महत्वपूर्ण शोध दस्तावेजों का अनावरण किया जाएगा:
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आयुष सर्विस सेक्टर रिपोर्ट: विकासशील देशों के लिए अनुसंधान और सूचना प्रणाली (RIS) द्वारा तैयार की गई “आयुष सेवा क्षेत्र” पर अपनी तरह की पहली रिपोर्ट का शुभारंभ होगा, जो इस सेक्टर का विस्तृत आकलन प्रस्तुत करेगी।
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सुरक्षा डोजियर और दिशा-निर्देश: औषधीय पौधों—गोक्षुर (Tribulus terrestris) और चंद्रसूर (Lepidium sativum) पर विशेष सुरक्षा डोजियर जारी किए जाएंगे।
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साथ ही, त्वचा विकारों के लिए ‘मानक उपचार दिशानिर्देश’ (Standard Treatment Guidelines) भी लॉन्च होंगे।
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आयुष विजन 2030: कार्यक्रम के दौरान “पारंपरिक ज्ञान से वैश्विक नेतृत्व तक: आयुष विजन 2030” नाम की अहम रिपोर्ट और भारत में आयुष-संबंधित आविष्कारों की स्थिति रिपोर्ट जनता को समर्पित की जाएगी।
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वेब पोर्टल: सीसीआरएएस-अग्नि (CCRAS- AGNI – आयुर्वेद ज्ञान नैपुण्य पहल) आकलन स्केल वेब पोर्टल का भी विधिवत शुभारंभ किया जाएगा।
वैज्ञानिक सत्र: 2047 के विजन और NCDs को कम करने पर जोर
कार्यक्रम में साक्ष्य, अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देने के लिए दो प्रमुख वैज्ञानिक सत्र आयोजित किए जाएंगे:
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वैज्ञानिक सत्र I: इसका विषय “शाश्वतम से विश्वास तक – स्वस्थ भविष्य के लिए आयुर्वेद और 2047 की ओर मार्ग” रखा गया है, जो भारत के शताब्दी वर्ष तक आयुर्वेद की भूमिका तय करेगा।
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वैज्ञानिक सत्र II: “2027 तक एनसीडी (गैर-संचारी रोग) के बोझ को कम करने के लिए उपचारों का एकीकरण आवश्यक” विषय पर आधारित इस सत्र में लाइफस्टाइल से जुड़ी गंभीर बीमारियों के रोकथाम पर चर्चा होगी।
आयुष मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न परिषदों के प्रतिनिधियों की उपस्थिति में होने वाला यह 11वां आयुर्वेद दिवस समारोह सामुदायिक कल्याण, नवाचार और साक्ष्य-आधारित आयुर्वेद अनुसंधान को एक नई दिशा प्रदान करेगा।











