International

ईरान में फंसे 10 हजार भारतीय, मिडिल ईस्ट में एयरपोर्ट बंद

“ईरान और इजराइल के बीच जारी युद्ध से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। इजरायली हमले होने के बाद, ईरान में फंसे लोग घर वापस लौटना चाहते हैं। ईरान सरकार ने युद्ध के मद्देनजर अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है, जिससे एयर रूट से बाहर निकलना संभव नहीं है”

नई दिल्ली 18 / 06 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

ईरान और इजरायल में 5वें दिन भी जंग जारी है। दोनों देशों की तरफ से भीषण प्रहार किया जा रहा है। सोमवार को इजरायल ने सेंट्रल ईरान में किया जबरदस्त हमला किया। IDF ने वीडियो जारी करके दावा किया है कि उनसे तेहरान एयरपोर्ट पर दो F14 फाइटर प्लेन गिराए हैं। वहीं ड्रोन्स लॉन्चर साइट पर भी एयर स्ट्राइक की है।

साथ ही तेहरान में मिसाइल ले जा रहे ट्रक पर हमला किया है। वहीं ईरान की तरफ से भी पलटवार किया गया है। ईरान ने हाइफा और तेल अवीव में जबरदस्त हमला किया है। मिसाइल्स और ड्रोन के जरिए इजरायल के कई शहरों को टारगेट किया है।

ईरान के हमले में अब तक इजरायल में 24 लोगों की मौत हो चुका है वहीं, 500 लोग घायल है। इस बीच इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा है कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की हत्या से ही ईरान-इजराइल युद्ध खत्म हो सकता है। 

इजरायल और ईरान ने बंद किया हवाई क्षेत्र

वहीं, दोनों देशों के बीच हवाई हमले शुरू होने के बाद मिडिल ईस्ट में उड़ान भरने वाली एयरलाइनों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो गई है। दोनों देशों के बीच छिड़ी जंग को लेकर मिडिल ईस्ट के कई देशों ने अपने हवाई क्षेत्र बंद कर दिए हैं।

इजरायल ने अगले आदेश तक अपने ऊपर से उड़ानें रोक दी हैं। ईरान ने पहले ही तेहरान में अपने मुख्य हवाई अड्डे पर परिचालन बंद करने का आदेश दे दिया है। इस तरह मिडिल ईस्ट के ऊपर से एयरलाइंस का परिचालन ठप्प हो गया है। 

ईरान में कितने भारतीय फंसे?

ईरान और इजराइल के बीच जारी युद्ध से हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं ऐसे में भारत सरकार ने अपने नागरिकों की सुरक्षा के लिए एक बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया है। भारत ने ईरान में फंसे भारतीयों को निकालने का अभियान तेज कर दिया है। पहला बैच में 100 भारतीय नागरिकों को सोमवार रात ईरान से सड़क के रास्ते से आर्मेनिया भेजा है।

यह कदम नई दिल्ली और तेहरान के बीच कूटनीतिक बातचीत के बाद संभव हो सका है। ईरान में 10,000 से ज्यादा भारतीय फंसे हुए हैं। ईरान सरकार ने युद्ध के मद्देनजर अपने हवाई क्षेत्र को बंद कर दिया है, जिससे एयर रूट से बाहर निकलना संभव नहीं है।

ईरानी अधिकारियों ने क्या कहा?

इस बीच ईरानी अधिकारियों ने भारत को आश्वासन दिया है कि वह भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकलने में मदद करेंगे। तेहरान स्थित भारतीय दूतावास लगातार पूरे हालात पर नजर रखे हुए है और स्थानीय प्रशासन और छात्र संगठनों से संपर्क में है। दूतावास ने 15 जून को एक एडवाइजरी जारी कर सभी भारतीयों नागरिकों से कहा है कि अनावश्यक यात्रा न करें।

दूतावास से संपर्क में रहें। सिर्फ अधिकारिक सोशल मीडिया हैंडल और वेबसाइट्स से ही अपडेट लें। ईरान सरकार की सहमति के बाद अब भारतीयों को ईरान के पड़ोसी देशों के जरिए निकाला जा रहा है जिनमें आर्मेनिया, अज़रबैजान, तुर्कमेनिस्तान, अफगानिस्तान प्रमुख हैं। इन सीमाओं पर स्पेशल चेकपॉइंट्स बनाए गए हैं ताकि भारतीयों की निकासी को सुरक्षित और सुव्यवस्थित ढंग से अंजाम दिया जा सके।

भारत ने तेहरान में रह रहे अपने नागरिकों से क्या अपील की?

भारत ने तेहरान में रह रहे अपने नागरिकों से अपील करते हुए कहा है कि सभी भारतीय नागरिक जो तेहरान में हैं और दूतावास के संपर्क में नहीं हैं, उनसे अनुरोध है कि वे तुरंत तेहरान में भारतीय दूतावास से संपर्क करें और अपना स्थान और संपर्क नंबर प्रदान करें। कृपया संपर्क करें +989010144557; +989128109115; +989128109109

भारत ने अपील की है सभी भारतीय नागरिकों और पीआईओ को, जो अपने स्वयं के संसाधनों का उपयोग करके तेहरान से बाहर जा सकते हैं, शहर के बाहर सुरक्षित स्थान पर चले जाने की सलाह दी जाती है।

भारत ने अपने नागरिकों को ईरान से निकालना शुरू कर दिया है

इजराइल- ईरान में जारी संघर्ष के बीच भारत ने अपने नागरिकों को ईरान से निकालना शुरू कर दिया है। भारतीय विदेश मंत्रालय ने बताया है कि कुछ भारतीय नागरिकों को आर्मेनिया बॉर्डर के रास्ते देश से बाहर निकाला गया है।

इन छात्रों में ज्यादातर जम्मू-कश्मीर के रहने वाले हैं, जो ईरान के उर्मिया शहर से MBBS की पढ़ाई कर रहे हैं। दैनिक भास्कर ने ईरान से भारत लौट रहे दो छात्रों के पेरेंट्स से बात की। उन्होंने बताया कि भारतीय समय के अनुसार 16 जून की रात दो बजे छात्रों को यूनिवर्सिटी कैंपस से आर्मेनिया बॉर्डर तक लाया गया था।

कश्मीर के अनंतनाग के रहने वाले मोहम्मद शफी भट्‌ट ने बताया कि उनकी बेटी तय्यैबा शफी उर्मिया यूनिवर्सिटी में MBBS फाइनल ईयर की छात्रा है। उनकी बेटी उनसे लगातार संपर्क में है। हालांकि, आज बात नहीं हुई है। छात्रों के साथ भारतीय एंबेसी के अधिकारी हैं। सभी बुधवार को भारत पहुंच जाएंगे।

भारत ने आर्मेनिया को ही क्यूं चुना?

ईरान का बॉर्डर 7 देशों से लगता है। ये देश पाकिस्तान, अफगानिस्तान, तुर्कमेनिस्तान, अजरबैजान, आर्मेनिया, तुर्किये और इराक हैं। इसके अलावा समुद्री सीमा ओमान के साथ है। आर्मेनिया को ही चुनने की

कुछ प्रमुख वजहें हैं…

  • आर्मेनिया का बॉर्डर ईरान के प्रमुख शहरों से कम दूरी पर है। आर्मेनिया के साथ भारत के संबंध काफी अच्छे हैं। दोनों देशों के बीच रक्षा समझौते भी हुए हैं।
  • आर्मेनिया राजनीतिक रूप से स्थिर है और भारत से उसके दोस्ताना संबंध हैं। वहां से फ्लाइट ऑपरेशन तेजी से संभव है, क्योंकि येरेवन एयरपोर्ट पूरी तरह चालू है।
  • ईरान और आर्मेनिया के बीच फिलहाल कोई सीमा विवाद या सैन्य तनाव नहीं है।
  • दूसरी तरफ ईरान का पूर्वी पड़ोसी पाकिस्तान है। पाकिस्तान के साथ भारत के रिश्ते ऑपरेशन सिंदूर के बाद और उसके पहले से ही तनावपूर्ण हैं। ऐसे में भारत के पास पाकिस्तान के रास्ते छात्रों को लाने का विकल्प नहीं है।
  • इराक पहले से ही ईरान के साथ चल रहे तनाव में शामिल है। कई बार इजराइल ने इराक में भी ईरानी ठिकानों को निशाना बनाया है। इसलिए वहां से गुजरना खतरे से भरा हो सकता था।
  • हाल ही में ऑपरेशन सिंदूर के दौरान अजरबैजान खुलकर पाकिस्तान के समर्थन में आया था। उसने भारत की कार्रवाई की निंदा भी की थी। ऐसे में भारत उसकी मदद नहीं लेगा।
  • तुर्किये भले ही स्थिर देश है, लेकिन ईरान से सड़क के जरिए वहां तक पहुंचना काफी लंबा है। हाल ही में भारत और तुर्किये के बीच तनातनी देखने को मिली है। दरअसल तुर्किये ने भी ऑपरेशन सिंदूर की निंदा करते हुए खुलकर पाकिस्तान का समर्थन किया था।
Santosh SETH

Recent Posts

वाराणसी में झमाझम बारिश से जलभराव, 12वीं तक के सभी स्कूल बंद

वाराणसी में मूसलाधार बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त: लहरतारा-चांदपुर में भीषण जलभराव, 12वीं तक के सभी…

13 hours ago

वाराणसी के लोहता में भीषण हादसा: रॉन्ग साइड ट्रक ने दो को रौंदा

वाराणसी के लोहता में भीषण सड़क हादसा: रॉन्ग साइड आ रहे बेकाबू ट्रक ने किशोर…

13 hours ago

यूपी के 62 जिलों में बारिश का अलर्ट, 19 में स्कूल बंद, धान फसल बर्बाद

यूपी में बेमौसम बारिश और तेज हवाओं का कहर: 8 जिलों में अति भारी बारिश…

13 hours ago

एशियन गेम्स 2026: महिला कबड्डी में भारत ने जीता गोल्ड, कुल पदक 27 हुए

एशियन गेम्स 2026: भारतीय महिला कबड्डी टीम ने रचा इतिहास, रोमांचक फाइनल में ईरान को…

13 hours ago

छत्तीसगढ़ में बाढ़ जैसे हालात: सभी स्कूल बंद, सीएम ने दिए बचाव के निर्देश

छत्तीसगढ़ में मूसलाधार बारिश से बाढ़ के हालात: प्रदेश के सभी स्कूलों में छुट्टी घोषित,…

13 hours ago

Pitru Paksha 2026: आज से पितृपक्ष शुरू, जानें श्राद्ध की तिथियां

Pitru Paksha 2026: आज से पितृपक्ष का शुभारंभ, जानें 15 दिनों के कठोर नियम, 'पंचबली'…

16 hours ago