असम ‘SIR’ : विधानसभा चुनाव से पहले वोटर लिस्ट से कटे 10.56 लाख नाम

“असम में अगले छह महीनों के भीतर होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी कड़ी में भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने शनिवार को राज्य के लिए ‘इंटीग्रेटेड ड्राफ्ट वोटर लिस्ट’ जारी कर दी है”

गुवाहाटी 28 / 12 / 2025 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

इस नई सूची के आते ही राज्य के राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है, क्योंकि आयोग ने सत्यापन प्रक्रिया के बाद कुल 10,56,291 वोटरों के नाम मतदाता सूची से हटा दिए हैं।

असम चुनाव 2025: ड्राफ्ट वोटर लिस्ट के मुख्य आंकड़े

शनिवार (27 दिसंबर, 2025) को चुनाव आयोग द्वारा जारी किए गए एकीकृत ड्राफ्ट रोल के अनुसार, असम की वर्तमान मतदाता स्थिति इस प्रकार है:

विवरण संख्या
कुल मतदाता (सत्यापित) 2,51,09,754
हटाए गए कुल नाम 10,56,291
डी-वोटर (D-Voter/संदिग्ध) 93,021 (इन्हें 2.51 करोड़ में शामिल नहीं किया गया है)
कुल सत्यापित घर 61,03,103

कुल मतदाताओं का आंकड़ा

चुनाव आयोग द्वारा साझा किए गए आंकड़ों के अनुसार, अब असम में कुल मतदाताओं की संख्या 2,51,09,754 (2.51 करोड़) रह गई है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह ड्राफ्ट लिस्ट 22 नवंबर से 20 दिसंबर तक चले विशेष घर-घर सत्यापन (Special Verification) अभियान के बाद तैयार की गई है।

10.56 लाख नाम क्यों हटाए गए?

चुनाव आयोग ने वोटर लिस्ट की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए ‘SIR’ (Special Intensive Revision) तकनीक और जमीनी वेरिफिकेशन का सहारा लिया। हटाए गए नामों के पीछे मुख्य कारण निम्नलिखित हैं:

  • मौत (Death): 4,78,992 लोगों के नाम उनकी मृत्यु की पुष्टि होने के बाद हटाए गए।

  • स्थान परिवर्तन (Shifting): 5,23,680 ऐसे वोटर थे जो अपने पंजीकृत पते पर नहीं मिले और कहीं और चले गए थे।

  • दोहराव (Duplicates): 53,619 नाम ऐसे थे जो तकनीकी खराबी या मानवीय गलती के कारण एक से अधिक बार दर्ज थे।

‘डी-वोटर’ (D-Voter) की स्थिति

असम में नागरिकता के दस्तावेजों की कमी के कारण ‘डी-वोटर’ यानी संदिग्ध मतदाताओं की श्रेणी हमेशा चर्चा में रहती है। इस नई लिस्ट में:

  • कुल 93,021 डी-वोटरों की पहचान की गई है।

  • इन लोगों को फिलहाल मतदान के अधिकार से वंचित रखा गया है और इन्हें कुल 2.51 करोड़ मतदाताओं की संख्या में शामिल नहीं किया गया है।

  • आयोग ने इनका विवरण बिना किसी बदलाव के ड्राफ्ट रोल में आगे बढ़ाया है, लेकिन इन्हें वोटर कार्ड जारी नहीं किए जाएंगे।


वेरिफिकेशन का विशाल अभियान

इस व्यापक कार्य को पूरा करने के लिए प्रशासन ने भारी मशीनरी का उपयोग किया:

  1. राज्य के 61,03,103 घरों में व्यक्तिगत रूप से वेरिफिकेशन किया गया।

  2. इस प्रक्रिया में 35 जिला चुनाव अधिकारी, 126 चुनावी पंजीकरण अधिकारी (ERO) और 29,656 बूथ लेवल अधिकारियों (BLO) ने हिस्सा लिया।

  3. कुल 2,578 BLO सुपरवाइजरों ने इस पूरे काम की निगरानी की।

अब आगे क्या? (महत्वपूर्ण तिथियां)

चुनाव आयोग ने मतदाताओं को अपनी आपत्तियां दर्ज कराने का मौका दिया है:

  • दावे और आपत्तियां: मतदाता 22 जनवरी, 2026 तक अपने नाम को लेकर या किसी सुधार को लेकर शिकायत दर्ज करा सकते हैं।

  • फाइनल वोटर लिस्ट: सभी सुधारों के बाद 10 फरवरी, 2026 को अंतिम मतदाता सूची प्रकाशित की जाएगी, जिसके आधार पर आगामी विधानसभा चुनाव कराए जाएंगे।

चुनाव आयोग की इस कार्रवाई का उद्देश्य चुनावों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी को रोकना और केवल वास्तविक नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करना है। अब सभी की नजरें 10 फरवरी को आने वाली फाइनल लिस्ट पर टिकी हैं।

Santosh SETH

Recent Posts

जानिए ! असम में BJP की जीत के ‘शिल्पकार’ हिमंत बिस्व सरमा के बारे में

असम में BJP की हैट्रिक के 'शिल्पकार' हिमंत बिस्व सरमा: राहुल गांधी के 'कुत्ते' वाले…

9 hours ago

बंगाल चुनाव : जानिए ! भाजपा की ऐतिहासिक जीत के प्रमुख कारण

बंगाल में 15 साल बाद सत्ता परिवर्तन: ममता की विदाई तय, जानिए BJP की ऐतिहासिक…

9 hours ago

झारग्राम सीट: जहाँ पीएम मोदी ने खाई झालमुरी, वहां BJP आगे

बंगाल चुनाव: जिस झारग्राम में पीएम मोदी ने खाई थी 'झालमुरी', वहां रुझानों में BJP…

9 hours ago

बंगाल रुझानों पर ममता का दावा : सूर्यास्त तक TMC जीतेगी

बंगाल में BJP के प्रचंड बहुमत के रुझानों पर ममता बनर्जी का पहला बयान: 'ये…

10 hours ago

बंगाल-असम में BJP को बहुमत, PM मोदी करेंगे कार्यकर्ताओ को संबोधित

बंगाल और असम के रुझानों में BJP को पूर्ण बहुमत: आज शाम पार्टी मुख्यालय में…

10 hours ago

पश्चिम बंगाल : सरकार बनाने के लिए कितनी सीटों की जरूरत है? यहां जान लीजिए बहुमत का आंकड़ा

पश्चिम बंगाल चुनाव परिणाम आज: 293 सीटों पर वोटों की गिनती शुरू, जानिए बहुमत का…

17 hours ago