हिमाचल मंडी समाचार – विवादित मस्जिद को लेकर हिंदू संगठनो ने किया जमकर प्रदर्शन, मंडी जेल रोड मस्जिद अवैध और इसे ध्वस्त किया जाना चाहिए, नगर निगम न्यायालय का फैसला

मंडी जेल रोड मस्जिद अवैध और इसे ध्वस्त किया जाना चाहिए, नगर निगम न्यायालय का फैसला, मुस्लिम पक्ष को फैसले के खिलाफ अपील दाखिल करने के लिए 30 दिन का समय दिया गया,

मंडी 14 / 09 / 2024 नीतू कौशल की रिपोर्ट 

जिला मुख्यालय मंडी में विवादित मस्जिद भवन को लेकर शुक्रवार को हिंदू संगठन द्वारा जमकर प्रदर्शन किया गया। शहर के सेरी चानणी में प्रदर्शन करने शुरुआती दौर में कम लोग पहुंचे थे।

लेकिन जैसे ही सेरी मंच से विरोध रैली चलना शुरू हुई और रैली ने मस्जिद की तरफ स्कोडी पुल का रूख किया तो अचानक लोग भारी तादाद में उमड़ आए।

प्रदर्शनकारियों ने शंख, घंटियां बजाते सेरी मंच और स्कोडी पुल के पास प्रदर्शन किया। इस दौरान समुदाय विशेष के खिलाफ नारेबाजी करने के साथ ही प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश सरकार व नगर निगम के खिलाफ भी खूब नारेबाजी की।

सेरी चानणी के समीप करीब पौने 11 बजे के बाद संगठन के कार्यकर्ता  सहित अन्य लोगों की भीड़ इकठ्ठा होना शुरु हुई। इस दौरान जहां संगठन के कार्यकत्र्ताओं द्वारा मुस्लिम समुदाय के खिलाफ करीब पौने घंटे तक जमकर नारेबाजी की।

इसके बाद 12 बजे के लगभग शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद हिंदू संगठनों ने सेरी मंच से नारेबाजी करते हुए चौहाटा बाजार, मोती बाजार, समखेतर, बालकरुपी मंदिर, चंद्रलोक गली, सनातन धर्म मंदिर, मुख्य डाकघर के बाद चौहाटा बाजार से गांधी चौक, स्कूल बाजार से होते हुए स्कोडी पुल तक तक रैली निकाली।

लंबी कतारों में पहुंचे लोग स्कूल बाजार से आगे जोश में आ गए गए और मुस्लिम समुदाय के खिलाफ जोरदार नारेबाजी करने लगे। प्रदर्शन में सबसे अधिक युवा वर्ग की संख्या रही।

युवा वर्ग बैरिकेड्स के पास पहुंचकर कुछ देर बाद चढऩा शुरु कर दिया। हालांकि पुलिस की टीम द्वारा प्रदर्शनकारियों को वापिस जाने को कहा। लेकिन युवा वर्ग के जोश दिखाते हुए किसी की बात नहीं मानी।

कुछ युवाओं ने बैरिकेड पर चढक़र दूसरी तरफ जाने की कोशिश भी की। वहीं भीड़ बेकाबू होने पर पुलिस को करीब दोपहर 12:35 पर वॉटर कैनन के पानी की बौछारें करनी पड़ी।

ताकि प्रदर्शनकारी बैरिकेड से पीछे हट जाए। प्रदर्शनकारी करीब डेढ़ घंटे से अधिक समय तक सकोडी पुल के पास डटे रहे। इस दौरान प्रशासन व पुलिस के अधिकारी साउंड सिस्टम के माध्यम के प्रदर्शन को समाप्त करने का आग्रह करते रहे।

मंडी जेल रोड मस्जिद अवैध और इसे ध्वस्त किया जाना चाहिए, नगर निगम न्यायालय का फैसला, मुस्लिम पक्ष को फैसले के खिलाफ अपील दाखिल करने के लिए 30 दिन का समय दिया गया,
एक महत्वपूर्ण फैसले में, मंडी नगर निगम के आयुक्त न्यायालय ने आज विवादास्पद जेल रोड मस्जिद मामले पर अपना फैसला सुनाया। आयुक्त एचएच राणा ने घोषणा की कि मस्जिद की संरचना को अवैध घोषित किया गया है और इसे ध्वस्त कर दिया जाएगा।
इस फैसले में क्षेत्र को उसके मूल स्वरूप में बहाल करने का निर्देश दिया गया है। मुस्लिम समुदाय को इस निर्णय के खिलाफ अपील करने के लिए 30 दिन का समय दिया गया है।
फैसले के बाद मंडी के सेरी मंच पर विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए, जहां प्रदर्शनकारी हनुमान चालीसा का जाप कर रहे थे। बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा होने लगे, जिससे क्षेत्र में तनावपूर्ण माहौल बन गया।
मंडी नगर निगम के कार्यालयों पर कड़ी पुलिस निगरानी रखी जा रही है, बिना अनुमति के किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं है। कार्यालय की ओर जाने वाले कई रास्तों को बंद कर दिया गया और शांति बनाए रखने के लिए बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे।
मंडी शहर के सात वार्डों, जिनमें थनेहरा, मोहना पैलेस कॉलोनी, सुहाड़ा मोहना और समाज खेतर शामिल हैं, में धारा 163 लागू कर दी गई है। इस धारा के तहत पांच से अधिक लोगों के एकत्रित होने पर प्रतिबंध है और बिना अनुमति के किसी भी प्रकार के सार्वजनिक विरोध या प्रदर्शन पर रोक है। पु
लिस ने सकोड़ी चौक पर तीन स्तरीय बैरिकेड्स लगाए थे, और अतिरिक्त सुरक्षा उपायों के तहत भीड़ को एकत्रित होने से रोकने के लिए पानी की पाइपें भी लगाई गई थी । मस्जिद की ओर जाने वाले रास्तों को सील कर दिया गया और मस्जिद के गेट पुलिस सुरक्षा के तहत बंद रखे गए थे।
शुक्रवार को नमाज़ का महत्वपूर्ण दिन होने के कारण मुस्लिम समुदाय के बड़ी संख्या में लोगों के मस्जिद में इकट्ठा होने की संभावना थी। हालांकि, तनावपूर्ण स्थिति और धारा 163 के लागू होने के चलते, अधिकारियों ने किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए सभी प्रवेश बिंदुओं पर कड़ी सुरक्षा सुनिश्चित की थी ।
आदेशों के अनुसार, मजिस्ट्रेट, सरकारी कर्मचारी, अग्निशमन सेवा, पुलिस, अर्धसैनिक बल, नगर निगम कर्मचारी और मीडिया कर्मियों को छूट दी गई थी ।
यह पहली बार है जब मंडी में धारा 163 लागू की गई है, जिसमें लाउडस्पीकर, सार्वजनिक भाषण और धार्मिक या राजनीतिक प्रतीकों से जुड़े प्रदर्शन पर प्रतिबंध लगाया गया था।
जिला प्रशासन ने इन क्षेत्रों में हथियारों का सार्वजनिक प्रदर्शन और हथियार प्रशिक्षण पर भी प्रतिबंध लगा दिया है। उच्च तनाव की स्थिति में, मुस्लिम समुदाय 30 दिन की अवधि के भीतर अपील दायर करने पर विचार कर रहा है।
Santosh SETH

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