Drug Control Department officials and police inspecting the seized cartons of Ferocure tablets at a warehouse in Baddi

बद्दी: बिना लाइसेंस चल रहे गोदाम पर छापा, 26.40 लाख दवाइयां जब्त

बद्दी में दवाओं का बड़ा अवैध खेल उजागर: फूड लाइसेंस की आड़ में चल रहे गोदाम पर छापा, 26.40 लाख टैबलेट जब्त”

 बद्दी (हिमाचल प्रदेश)  : संतोष सेठ की रिपोर्ट : THE POLITICS AGAIN

हिमाचल प्रदेश के प्रमुख औद्योगिक क्षेत्र बद्दी में दवाओं के अवैध कारोबार का एक बड़ा मामला सामने आया है।

औषधि नियंत्रण विभाग (Drug Control Department) और पुलिस की संयुक्त टीम ने बिलांवाली स्थित एक गोदाम पर छापा मारकर बिना वैध लाइसेंस के भंडारित 26.40 लाख फेरोक्योर टैबलेट (Ferocure Tablets) की बड़ी खेप जब्त की है।

यह दवा मुख्य रूप से आयरन और खून की कमी (एनीमिया) के इलाज में इस्तेमाल होती है।

फूड लाइसेंस की आड़ में चल रहा था धंधा

जानकारी के अनुसार, मंगलवार रात ड्रग इंस्पेक्टर हरीश रनौत के नेतृत्व में टीम ने खसरा नंबर 280 स्थित गोदाम में दबिश दी।

  • संचालक मौके पर दवाओं के भंडारण से संबंधित कोई भी वैध ड्रग लाइसेंस या आवश्यक दस्तावेज पेश नहीं कर सका।

  • प्रारंभिक जांच में खुलासा हुआ है कि ‘एएस केमिकल कंपनी’ के नाम से यह धंधा चल रहा था और संचालक ने फूड लाइसेंस (Food License) की आड़ में इन दवाओं का अवैध निर्माण और भंडारण किया था।

  • विभाग ने औषधि एवं प्रसाधन सामग्री अधिनियम की धारा 18(सी) के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है।

आरोपी का पुराना है आपराधिक रिकॉर्ड

जांच में सामने आया है कि यह गोदाम उत्तर प्रदेश के अमेठी (तिलोई) निवासी अंकित कौशल का है। अंकित कौशल का दवाओं के अवैध कारोबार का यह पहला मामला नहीं है।

  • 8 मई: बद्दी के सालासर कैंपस से 2.26 लाख नशीली दवाएं पकड़ी गई थीं।

  • 26 अगस्त: इसी आरोपी से जुड़े एक अन्य गोदाम से करीब 22 लाख नशीली और प्रतिबंधित दवाएं (क्लोनाजेपाम, अल्प्राजोलम, ट्रामाडोल आदि) बरामद की गई थीं।

  • विभाग को संदेह है कि आरोपी किसी अन्य अज्ञात स्थान पर दवाएं तैयार कर यहां से सप्लाई करता था।

अधिकारियों का सख्त रुख

बद्दी के एसपी विनोद धीमान ने बताया कि आयरन टैबलेट बरामदगी मामले में अन्य संदिग्धों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और नशे के कारोबार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ (Zero Tolerance) नीति जारी रहेगी।

वहीं, ड्रग कंट्रोलर डॉ. मनीष कपूर ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की सुरक्षा के साथ खिलवाड़ किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। जब्त दवाओं के नमूने जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जा रहे हैं।