गणतंत्र दिवस 2026: वीरता पुरस्कारों का ऐलान, अंतरिक्ष यात्री शुभांशु शुक्ला को ‘अशोक चक्र’; डोगरा और असम राइफल्स के जांबाज भी सम्मानित

“77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देश के शूरवीरों के लिए वीरता पुरस्कारों (Gallantry Awards 2026) की घोषणा कर दी है”

नई दिल्ली | The Politics Again ब्यूरो संतोष सेठ की रिपोर्ट 

इस वर्ष कुल 70 सशस्त्र बलों के जवानों को उनके अदम्य साहस और पराक्रम के लिए सम्मानित किया गया है।

इसमें सबसे बड़ा नाम ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला का है, जिन्हें शांतिकाल के सर्वोच्च वीरता पुरस्कार ‘अशोक चक्र’ से नवाजा गया है।

अंतरिक्ष के नायक को ‘अशोक चक्र’

ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला ने इतिहास रचते हुए भारत का नाम रोशन किया है। वे इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन (ISS) का दौरा करने वाले पहले भारतीय हैं।

पिछले साल जून में ‘एक्सिओम-4’ मिशन के तहत उन्होंने 18 दिनों की अंतरिक्ष यात्रा की थी। 1984 में राकेश शर्मा के बाद अंतरिक्ष में जाने वाले वे दूसरे भारतीय बने।

एक फाइटर पायलट के रूप में उनके पास सुखोई-30 MKI और मिग-29 जैसे विमानों में 2,000 घंटे से अधिक उड़ान का अनुभव है।

कीर्ति चक्र: दुश्मन के घर में घुसकर दिखाया शौर्य

इस साल तीन जांबाजों को देश के दूसरे सबसे बड़े शांतिकाल वीरता पुरस्कार ‘कीर्ति चक्र’ से सम्मानित किया गया है:

  1. मेजर अर्शदीप सिंह (प्रथम असम राइफल्स): 14 मई 2025 को भारत-म्यांमार सीमा पर एक विशेष ऑपरेशन के दौरान, मेजर अर्शदीप ने भारी गोलीबारी के बीच दुश्मन की चौकी पर हमला किया। उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना आरपीजी (RPG) लॉन्चर से लैस आतंकवादियों को मार गिराया और अपने सैनिकों को सुरक्षित रखा।

  2. नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा (पैराशूट रेजिमेंट – स्पेशल फोर्सेज): 11 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के किश्तवार में एक एंटी-टेरर ऑपरेशन के दौरान, डोलेश्वर सुब्बा ने गजब की हिम्मत दिखाई। उन्होंने बेहद करीब से गोलीबारी करते हुए एक कट्टर विदेशी आतंकवादी को मार गिराया और दूसरे को भी ढेर कर दिया।

  3. ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर: उन्हें भी उनके असाधारण साहस के लिए कीर्ति चक्र से सम्मानित किया गया है।

सम्मानों की कुल संख्या राष्ट्रपति ने जिन 70 वीरता पुरस्कारों को मंजूरी दी है, उनमें शामिल हैं:

पुरस्कार श्रेणी कुल संख्या प्रमुख विजेता/विवरण
अशोक चक्र (सर्वोच्च शांतिकाल वीरता पुरस्कार) 1 ग्रुप कैप्टन शुभांशु शुक्ला (इंटरनेशनल स्पेस स्टेशन का दौरा करने वाले पहले भारतीय)
कीर्ति चक्र 3 मेजर अर्शदीप सिंह, नायब सूबेदार डोलेश्वर सुब्बा, और ग्रुप कैप्टन प्रशांत बालकृष्णन नायर
शौर्य चक्र 13 इसमें एक पुरस्कार मरणोपरांत शामिल है
सेना मेडल (वीरता) 44
बार टू सेना मेडल (वीरता) 1
कुल पुरस्कार 70

 

इन पुरस्कारों की घोषणा ने एक बार फिर साबित कर दिया है कि जल, थल और नभ—हर जगह भारतीय सेना के जवान देश की रक्षा के लिए तत्पर हैं।