गणतंत्र दिवस 2026: पद्म पुरस्कारों का ऐलान, ‘ही-मैन’ धर्मेंद्र और रोहित शर्मा समेत इन दिग्गजों को मिला सम्मान; राष्ट्रपति ने दिया राष्ट्र को संदेश

“77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर केंद्र सरकार ने देश के प्रतिष्ठित ‘पद्म पुरस्कार 2026’ की घोषणा कर दी है”

नई दिल्ली | The Politics Again ब्यूरो संतोष सेठ की रिपोर्ट 

इस वर्ष कला, साहित्य, खेल और सार्वजनिक जीवन में उत्कृष्ट योगदान देने वाली विभूतियों को सम्मानित किया गया है।

वहीं, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र के नाम अपने संदेश में संविधान और लोकतंत्र की मजबूती पर जोर दिया।

पद्म विभूषण: 5 हस्तियों को देश का दूसरा सर्वोच्च सम्मान

सरकार ने इस साल 5 दिग्गजों को पद्म विभूषण से नवाजा है:

  • धर्मेंद्र (कला): बॉलीवुड के दिग्गज अभिनेता और ‘ही-मैन’ को भारतीय सिनेमा में उनके अभूतपूर्व योगदान के लिए सम्मानित किया गया।

  • वीएस अच्युतानंदन (मरणोपरांत): केरल के पूर्व मुख्यमंत्री और दिग्गज वामपंथी नेता को सार्वजनिक मामलों में उनकी सेवा के लिए यह सम्मान मिला।

  • केटी थॉमस: सार्वजनिक मामलों में योगदान के लिए।

  • एन राजम: प्रसिद्ध वायलिन वादक (कला क्षेत्र)।

  • पी नारायणन: साहित्य एवं शिक्षा के क्षेत्र में विशिष्ट सेवा के लिए।

पद्म भूषण: राजनीति से लेकर मनोरंजन जगत तक गूंजे नाम

देश का तीसरा सर्वोच्च सम्मान ‘पद्म भूषण’ इस बार विविध क्षेत्रों के दिग्गजों को दिया गया है:

  • राजनीति: महाराष्ट्र के पूर्व राज्यपाल भगत सिंह कोश्यारी और भाजपा नेता वीके मल्होत्रा।

  • कला: मलयालम सुपरस्टार ममूटी और मशहूर गायिका अलका याग्निक।

  • अन्य: विज्ञापन जगत के गुरु पीयूष पांडे (मरणोपरांत) और मशहूर बैंकर उदय कोटक।

पद्म श्री: क्रिकेट के मैदान से लेकर टॉलीवुड तक

खेल और सिनेमा जगत के सितारों को पद्म श्री से सम्मानित किया गया है:

  • क्रिकेट: भारतीय टीम (पुरुष) के पूर्व कप्तान रोहित शर्मा और महिला टीम की कप्तान हरमनप्रीत कौर।

  • हॉकी: गोलकीपर सविता पूनिया।

  • कला: टॉलीवुड स्टार प्रोसेनजीत चटर्जी और दिवंगत अभिनेता सतीश शाह (मरणोपरांत)।

  • शिक्षा: यूजीसी चेयरमैन मामिडाला जगदीश कुमार।

मुख्य आंकड़े: इस वर्ष की सूची में कुल 19 महिलाएं शामिल हैं, जबकि 16 महानुभावों को मरणोपरांत सम्मान दिया गया है। 6 विदेशी नागरिकों को भी पुरस्कृत किया गया है।


राष्ट्रपति का संदेश: “संविधान हमारे गणराज्य की नींव”

पुरस्कारों की घोषणा से पहले, राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र को संबोधित किया। उन्होंने कहा,

“26 जनवरी 1950 से हम अपने गणराज्य को संवैधानिक आदर्शों की दिशा में आगे बढ़ा रहे हैं। हमारा संविधान विश्व इतिहास के सबसे बड़े गणराज्य की आधारशिला है।”

राष्ट्रपति ने महान कवि सुब्रमण्यम भारती और ऋषि बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय के ‘वंदे मातरम’ के योगदान को याद किया और नेताजी सुभाष चंद्र बोस की जयंती (पराक्रम दिवस) पर उन्हें श्रद्धांजलि दी। उन्होंने कहा कि ‘जय हिंद’ का नारा हमारे राष्ट्र-गौरव का उद्घोष है।