कन्नौज नवाब सिंह यादव काण्ड – बहादुर बेटी की हिम्मत और पुलिस की सम्यक पैरवी से खुलती गई परत दर पर, मिला इन्साफ

“कन्नौज दुष्कर्म कांड में डीएनए की रिपोर्ट से खुलासा हो गया है कि नवाब सिंह ने किशोरी से दुष्कर्म किया था। फोरेंसिक लैब के निदेशक ने एसपी को रिपोर्ट भेजी है। मामले में पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए थे और अब जल्द ही चार्जशीट दाखिल होगी”

कन्नौज 03 / 09/ 2024 संतोष सेठ की रिपोर्ट 

कन्नौज पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह के राजनीतिक रसूख और इत्र नगरी में उसकी बादशाहत को एक बेटी ने अपनी बहादुरी से खत्म कर दिया।

षड़यंत्रकारी बुआ ने चंद रुपयों के लालच में अपनी भतीजी को देह व्यापार के दलदल में धकेलना चाहा, लेकिन उसने पहली ही कोशिश में ऐसा प्रतिकार किया कि जिसकी चोट राजनीतिक गलियारों में भी पहुंच गई।

बुआ के लाख मना करने पर भी उसने अपना मेडिकल परीक्षण कराया और डीएनए सैंपल दिया। अब डीएनए रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद आरोपी नवाब सिंह के भविष्य का फैसला कोर्ट तय करेगा।

11 अगस्त की रात जब लालची बुआ अपनी भतीजी को लेकर चौधरी चंदन सिंह डिग्री कॉलेज पहुंची और उसे पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव को सौंप दिया

अस्त व्यस्त हालात में मिला था नवाब
 
उसने भी नहीं सोचा था कि उसे इस तरह की दरिंदगी झेलनी पड़ेगी। बेबस होकर वह चुपचाप सब कुछ सहती रही। बाद में उसने बुआ से मोबाइल मांगा और मां से बात करने को कहकर बाहर चली गई।
 
बाहर जाकर उसने 112 नंबर मिलाया और पुलिस को सूचना दी। रात में ही पुलिस पहुंची तो डिग्री कॉलेज के एक कमरे में नवाब सिंह अस्त व्यस्त हालात में मिला।
 
माता-पिता ने भी बुआ की करतूतों को उजागर किया
 
अगले दिन 12 अगस्त को जब पुलिस पीड़िता को लेकर जिला अस्पताल पहुंची तो बुआ ने उससे मेडिकल परीक्षण न कराने के लिए कहा, लेकिन उसने बुआ की बात नहीं मानी और पुलिस से तत्काल मेडिकल परीक्षण कराने के लिए कहा।
 
अस्पताल पहुंचे किशोरी के माता-पिता ने भी बुआ की करतूतों को उजागर किया और पुलिस की हर कार्रवाई में साथ देने का वादा किया।

वैज्ञानिक साक्ष्य के लिए गया डीएनए सैंपल

अगले दिन 13 अगस्त को किशोरी का आंतरिक मेडिकल परीक्षण कराया गया और उसने कोर्ट में बयान दिए। जिसके आधार पर नवाब सिंह यादव पर दुष्कर्म की धाराएं बढ़ाईं गईं।
 
वैज्ञानिक साक्ष्य के लिए पुलिस ने जब डीएनए टेस्ट कराने का निर्णय लिया, तो पीड़िता ने अपना सैंपल दिया। वहीं, पुलिस व डॉक्टरों की टीम जिला कारागार से आरोपी नवाब सिंह यादव का डीएनए सैंपल लेकर आई।

जमानत मिलने की अटकलें हो गईं खत्म

सोमवार को डीएनए रिपोर्ट पॉजिटिव आने के बाद अब नवाब सिंह यादव को जमानत मिलने की अटकलें खत्म हो गईं हैं।
 
इलेक्ट्रानिक और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर अब पुलिस जल्द ही चार्जशीट तैयार करेगी और कोर्ट में दाखिल करेगी। इसके बाद ट्रायल शुरू होगा।
 
शहर में उस बहादुर बेटी की प्रशंसा हो रही है, जिसने अपनी बहादुरी से नवाब सिंह की बादशाहत को खत्म कर दिया। जिसके सामने कोई बोलने की हिम्मत नहीं रखता था।

पीड़िता को मिलेंगे तीन लाख रुपये

राज्य बाल संरक्षण आयोग के अध्यक्ष डॉ. देवेंद्र शर्मा ने भी रानी लक्ष्मीबाई सम्मान कोष से पीड़िता को तीन लाख रुपये दिलाए जाने के आदेश जिला प्रोबेशन अधिकारी को दिए हैं।
 
साथ ही बाल कल्याण समिति को पीड़िता की पैरवी के लिए एक सपोर्ट पर्सन नियुक्त करने के भी निर्देश दिए हैं। उन्होंने डीएम शुभ्रांत कुमार शुक्ल व एसपी अमित कुमार आनंद को पीड़िता को पर्याप्त सुरक्षा मुहैया कराए जाने के भी निर्देश दिए हैं।

डीएनए जांच में किशोरी से दुष्कर्म की पुष्टि

पूर्व ब्लॉक प्रमुख नवाब सिंह यादव ने पीड़िता से दुष्कर्म किया था। किशोरी व आरोपी के डीएनए सैंपल का मिलान होने से पुलिस को एक वैज्ञानिक साक्ष्य मिल गया है, जिसके आधार पर चार्जशीट कोर्ट में दाखिल करने की तैयारी हो रही है।
 
फोरेंसिक लैब के निदेशक ने सोमवार को एसपी के पास डीएनए रिपोर्ट भेज दी, जिसमें पीड़िता से दुष्कर्म की पुष्टि हुई है।

बढ़ेंगी पूर्व ब्लॉक प्रमुख की मुश्किलें

एसपी के अनुसार डीएनए रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को कड़ी सजा दिलाई जाएगी। एसपी अमित कुमार आनंद ने बताया कि पीड़िता ने कोर्ट में बयान दिया था कि नवाब सिंह यादव ने उसके साथ दुष्कर्म किया था।
 
इसकी पुष्टि के लिए पीड़िता व आरोपी का डीएनए सैंपल लेकर जांच के लिए फोरेंसिक लैब भेजा गया था।

फोरेंसिक टीम ने लिए थे नमूने

इससे पहले पुलिस की फोरेंसिक टीम ने चौधरी चंदन सिंह डिग्री कॉलेज के उस कमरे (इसी कमरे में किशोरी ने दुष्कर्म की बात कही थी) इससे बेडशीट पर गिरे वीर्य, अन्य नमूने व फिंगर प्रिंट लिए थे। उन्हें भी जांच के लिए भेजा गया था।
 
वहीं, किशोरी के मेडिकल परीक्षण के दौरान दुष्कर्म की पुष्टि के लिए स्लाइड बनाकर जांच के लिए भेजी गई थी। डीएनए जांच में इन नमूनों से मिलान किया गया।

पुलिस ने इलेक्ट्रॉनिक और वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए

इसमें पुष्टि हुई कि किशोरी के साथ नवाब सिंह यादव ने ही दुष्कर्म किया था। इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य के रूप में पुलिस ने कॉलेज का डीवीआर, किशोरी की कॉल रिकॉर्डिंग, मोबाइल द्वारा मौके का बनाया गया वीडियो जुटाया था।
 
इसके अलावा सीडीआर भी एकत्र किया था। एसपी ने बताया कि सबसे मजबूत वैज्ञानिक साक्ष्य के रूप में डीएनए रिपोर्ट है, जिसका अध्ययन कर जल्द ही चार्जशीट तैयार कर कोर्ट में दाखिल की जाएगी।