Charred remains of the sleeper bus on the Yamuna Expressway in Greater Noida after the tragic fire incident

यमुना एक्सप्रेसवे बस हादसा: चालक की लापरवाही से 9 यात्री मरे

यमुना एक्सप्रेसवे बस अग्निकांड: मानक से ऊंची थी बस, चालक की लापरवाही से गई 9 की जान, 19 चालान पहले से थे दर्ज”

ग्रेटर नोएडा: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

यमुना एक्सप्रेसवे पर एक निजी स्लीपर बस में लगी भयंकर आग में 9 यात्रियों के जिंदा जलने की घटना ने परिवहन तंत्र और सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

हादसे के बाद परिवहन विभाग और पुलिस की जांच में सामने आया है कि मध्य प्रदेश की ‘राज कल्पना ट्रैवल्स’ की यह बस तकनीकी मानकों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रही थी।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस दर्दनाक हादसे पर गहरा दुख जताते हुए मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने का ऐलान किया है।

मानक से 30 सेंटीमीटर ऊंची थी बस, 1.75 लाख का जुर्माना लंबित

हादसे के बाद परिवहन विभाग की तकनीकी जांच में बस की ऊंचाई 4.1 मीटर पाई गई, जबकि निर्धारित मानक के अनुसार अधिकतम ऊंचाई 3.8 मीटर होनी चाहिए।

पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि इस बस पर यातायात नियमों के उल्लंघन के चलते पहले से ही 19 चालान (करीब 1.75 लाख रुपये का जुर्माना) दर्ज थे।

पुलिस ने आरोपी चालक पवन और परिचालक योगेश को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस अब बस की फिटनेस, परमिट और अन्य दस्तावेजों की बारीकी से जांच कर रही है।

यात्रियों की शिकायत की अनदेखी, सिगरेट पीते रहे चालक-परिचालक

हादसे में बाल-बाल बचे यात्रियों ने चालक और परिचालक पर सनसनीखेज आरोप लगाए हैं। यात्रियों के मुताबिक, बस में आग लगने से काफी पहले ही जलने की बदबू आ रही थी।

जब यात्रियों ने शिकायत की, तो चालक ने इसे सामान्य बात बताकर टाल दिया और केबिन में बैठकर सिगरेट पीने लगा।

कुछ देर बाद जब चालक की सीट के पास से लपटें उठने लगीं और यात्रियों ने शोर मचाया, तब भी चालक ने बस रोकने के बजाय यात्रियों को डांटा।

मुख्य अग्निशमन अधिकारी प्रदीप कुमार के अनुसार, शुरुआती जांच में एसी (AC) में स्पार्क या शॉर्ट सर्किट के बाद इंजन में आग लगने की आशंका है।

शीशे तोड़कर बचाई जान, 2 घंटे तक चला रेस्क्यू ऑपरेशन

चश्मदीद यात्री विश्वामित्र यादव ने बताया कि बस खचाखच भरी थी। धुआं भरने के कारण घबराहट फैली और कई यात्रियों ने खिड़कियों के शीशे तोड़कर बस से बाहर कूदकर अपनी जान बचाई।

घटनास्थल से महज 300 मीटर दूर मौजूद पुलिस पेट्रोलिंग टीम सूचना मिलते ही 10 मिनट में मौके पर पहुंच गई। दमकल की 5 गाड़ियों और 20 एंबुलेंस की मदद से करीब 45 मिनट में आग पर काबू पाया गया।

बस का पिछला हिस्सा काटकर फायरकर्मियों ने 9 यात्रियों के जले हुए शव बाहर निकाले। इस दर्दनाक हादसे और दो घंटे चले रेस्क्यू अभियान के कारण नोएडा से आगरा जाने वाली लेन काफी देर तक प्रभावित रही।