National

Womaniya : महिला उद्यमियों ने जीते ₹28,000 करोड़ के सरकारी टेंडर

‘वुमनिया’ का डंका: सरकारी खरीद में महिलाओं ने गाड़े झंडे, GeM पोर्टल पर जीते ₹28,000 करोड़ के टेंडर 

नई दिल्ली: ‘The Politics Again’ न्यूज़ डेस्क। श्रीमती शिल्पा की रिपोर्ट 

 भारत में महिला सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता की दिशा में ‘सरकारी ई-मार्केटप्लेस’ (GeM) की ‘वुमनिया’ (Womaniya) पहल ने इतिहास रच दिया है।

सरकारी खरीद में महिलाओं की भागीदारी सुनिश्चित करने और उन्हें सीधे बाजार से जोड़ने के उद्देश्य से शुरू की गई इस योजना ने बिचौलियों का खेल पूरी तरह से खत्म कर दिया है।

अब देश की महिला सूक्ष्म उद्यमी और स्वयं सहायता समूह (SHG) अपने उत्पाद सीधे सरकारी मंत्रालयों, विभागों और सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रमों (PSUs) को बेच रही हैं।

28 हजार करोड़ के पार पहुंचा महिलाओं का व्यापार

वित्तीय वर्ष 2025-26 के आंकड़े महिला उद्यमियों की इस अभूतपूर्व सफलता की गवाही दे रहे हैं। इस वर्ष GeM पोर्टल पर 2.1 लाख से अधिक नई महिला सूक्ष्म उद्यमियों ने पंजीकरण कराया।

इन महिलाओं को कुल 13.7 लाख सरकारी ऑर्डर प्राप्त हुए, जिनकी कुल कीमत 28,000 करोड़ रुपये से अधिक रही।

यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 27.60 प्रतिशत की भारी वृद्धि है। सबसे खास बात यह है कि कुल सरकारी खरीद ऑर्डरों में महिला उद्यमियों की हिस्सेदारी अब 5.6 प्रतिशत तक पहुंच गई है, जो सरकार द्वारा निर्धारित 3 प्रतिशत के लक्ष्य से काफी अधिक है।

क्या है ‘वुमनिया’ और ‘स्वायत्त’ (SWAYATT) पहल?

‘वुमनिया’ पहल वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अंतर्गत GeM पोर्टल पर 2019 में शुरू की गई थी। यह ‘स्वायत्त’ (SWAYATT) कार्यक्रम का एक अहम हिस्सा है, जिसका लक्ष्य स्टार्टअप्स, महिलाओं और युवाओं को ई-लेनदेन के माध्यम से सरकारी बाजारों तक पहुंच प्रदान करना है।

इस पूरी प्रक्रिया को कागज रहित, नकद रहित और संपर्क रहित बनाया गया है, जिससे खरीद में पूर्ण पारदर्शिता आई है और भ्रष्टाचार पर लगाम लगी है।

क्या-क्या बेच रही हैं महिला उद्यमी?

GeM पर महिलाओं द्वारा बनाए गए उत्पादों के लिए विशेष ‘कैटलॉग’ और ‘स्टोरफ्रंट’ बनाए गए हैं। इसमें मुख्य रूप से पांच श्रेणियां शामिल हैं:

  1. वुमनिया हस्तशिल्प (Handicrafts)

  2. वुमनिया हथकरघा वस्त्र (Handloom)

  3. वुमनिया ऑफिस एक्सेसरीज (जूट, कोयर उत्पाद)

  4. वुमनिया ग्रॉसरी एवं पेंट्री

  5. वुमनिया व्यक्तिगत स्वच्छता एवं देखभाल की वस्तुएं

डिजिटल ऑनबोर्डिंग, समय पर भुगतान की गारंटी और मुफ्त प्रशिक्षण शिविरों ने ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं और SHG नेटवर्क (जिसमें 10.05 करोड़ से अधिक महिलाएं जुड़ी हैं) को एक नई आर्थिक उड़ान दी है।

यह पहल साबित कर रही है कि जब आधी आबादी को सही मंच मिलता है, तो वे देश की अर्थव्यवस्था की तस्वीर बदल सकती हैं।

Santosh SETH

Recent Posts

परिसीमन पर संग्राम: लोकसभा में 850 सीटों का प्रस्ताव आज होगा पेश

परिसीमन पर महासंग्राम: लोकसभा की सीटें 850 करने की तैयारी, सरकार ने दूर की दक्षिण…

1 hour ago

प्रयागराज : पुरुषोत्तम एक्सप्रेस ने 5 यात्रियों को रौंदा, हुई मौत

प्रयागराज में बड़ा रेल हादसा: पटरी पर खड़े 5 यात्रियों को पुरुषोत्तम एक्सप्रेस ने रौंदा,…

8 hours ago

LIVE कर्नाटक: पीएम ने मांड्या में किया श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर का उद्घाटन

कर्नाटक दौरा: पीएम मोदी ने मांड्या में किया 'श्री गुरु भैरवैक्य मंदिर' का भव्य उद्घाटन,…

19 hours ago

लखीमपुर खीरी : अंबेडकर प्रतिमा हटाने पर पुलिस पर पथराव

लखीमपुर खीरी में भड़की भारी हिंसा: अंबेडकर प्रतिमा हटाने पर उग्र हुई भीड़, पुलिस पर…

19 hours ago

पीएम मोदी ने ‘नारी शक्ति’ को लिखा पत्र, 2029 से महिला आरक्षण लागू करने का दोहराया संकल्प

पीएम मोदी ने 'नारी शक्ति' के नाम लिखा विशेष पत्र: 2029 से लागू होगा महिला…

24 hours ago

रोबोट्स ने सैन्य ठिकाने पर किया कब्जा, सैनिकों ने मशीनों के आगे किया सरेंडर

भविष्य का युद्ध बना हकीकत: यूक्रेन के रोबोट्स और ड्रोन्स ने रूसी सैन्य ठिकाने पर…

1 day ago