पश्चिम एशिया युद्ध : भारतीय शेयर बाजार में ‘ब्लैक मंडे’ सेंसेक्स 2400 अंक गिरा
“शेयर बाजार में ‘ब्लैक मंडे’: युद्ध और तेल के झटके से थर्राई दलाल स्ट्रीट, सेंसेक्स 2400 अंक टूटा, खरबों स्वाहा “
नई दिल्ली (The Politics Again) : संतोष सेठ की रिपोर्ट
भारतीय शेयर बाजार के इतिहास में आज का दिन यानी सोमवार एक ‘खूनी मंजर’ (Bloodbath) के साथ ‘ब्लैक मंडे’ के रूप में दर्ज हो गया है।
पश्चिम एशिया (ईरान, इज़राइल और अमेरिका) के बीच छिड़े भीषण युद्ध और कच्चे तेल की कीमतों में आए भयानक ‘ग्लोबल ऑयल शॉक’ ने दलाल स्ट्रीट की नींव हिलाकर रख दी है।
बाजार खुलते ही निवेशकों में ऐसी चौतरफा घबराहट (Panic Selling) फैली कि प्रमुख इंडेक्स ताश के पत्तों की तरह ढह गए।
सुबह ओपनिंग बेल बजते ही निवेशकों के स्क्रीन पर ‘लाल रंग’ की एक डिजिटल सुनामी आई जिसने देखते ही देखते खरबों रुपये स्वाहा कर दिए।
यह महज़ गिरावट नहीं थी, बल्कि एक ऐसा हाहाकार था जहाँ सेंसेक्स के 2,400 से अधिक अंकों के साथ निवेशकों का भरोसा भी पाताल में धंसता चला गया।
बाजार के प्रमुख आंकड़े (शुरुआती ट्रेड)
सुबह 9:28 बजे के आसपास बाजार का हाल कुछ इस तरह था:
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S&P BSE सेंसेक्स: 2,444.51 पॉइंट (3.09%) गिरकर 76,474.39 पर आ गया।
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NSE निफ्टी50: 729.90 पॉइंट (2.99%) गिरकर 23,720.55 पर आ गया।
खाड़ी युद्ध की आग से कच्चा तेल (बेंट क्रूड) $115 प्रति बैरल के पार पहुँच गया है। बाजार में भारी उतार-चढ़ाव (Volatility) के बीच इंडिया VIX (India VIX) 21.52% तक उछल गया।
एक्सपर्ट की राय: तेल का बड़ा झटका
जियोजित इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट डॉ. वीके विजयकुमार ने स्थिति को स्पष्ट करते हुए कहा, “ब्रेंट क्रूड $115 से ऊपर चला गया है, जिससे इकॉनमी और मार्केट को बड़ा तेल झटका लगा है।
अगर पश्चिम एशिया की लड़ाई लंबे समय तक चलती है, तो भारत जैसे बड़े तेल इंपोर्टर्स को भारी नुकसान होगा।”
उन्होंने चेतावनी दी कि महंगाई निश्चित रूप से बढ़ेगी, चाहे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का असर सीधे कंज्यूमर्स पर पड़े या नहीं।
इन शेयर्स पर टूटी मुसीबत, PSU बैंक सबसे ज्यादा पिसे
शुरुआती ट्रेड में हर सेक्टर लाल निशान पर था। सबसे बुरा हाल PSU बैंकों का रहा:
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निफ्टी PSU बैंक: 5.32% तक टूट गया।
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निफ्टी ऑटो: 3.89% की गिरावट।
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टॉप लूजर्स: इंडसइंड बैंक सबसे तेज 7.55% गिरा, स्टेट बैंक ऑफ़ इंडिया (SBI) 5.56% और लार्सन एंड टूब्रो 4.87% नीचे आ गए।
रिलायंस इंडस्ट्रीज पर सबसे कम असर पड़ा और वह महज़ 0.04% गिरा।
निवेशकों के लिए सलाह: जल्दबाजी न करें, सब्र रखें
डॉ. विजयकुमार ने निवेशकों को धैर्य रखने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि टकराव जैसे जियोपॉलिटिकल मुद्दों का असर बाज़ारों पर ज़्यादा समय तक नहीं रहता।
लंबे समय के निवेशकों के लिए बैंकिंग, ऑटोमोबाइल, टेलीकॉम, सीमेंट, डिफेंस और फार्मास्यूटिकल्स जैसे मजबूत सेक्टर्स में अवसर हो सकते हैं।












