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मौसम : अरुणाचल में बाढ़, सिक्किम में भूस्खलन, हिमाचल प्रदेश में 183 मौतें

मौसम का कहर: अरुणाचल में बाढ़, सिक्किम में भूस्खलन; हिमाचल में 183 मौतें और 972 करोड़ का भारी नुकसान”

नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

देश के कई राज्यों में मानसून इस समय आफत बनकर बरस रहा है। पूर्वोत्तर में अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम से लेकर पहाड़ों पर हिमाचल प्रदेश तक भारी बारिश, बाढ़ और भूस्खलन ने भारी तबाही मचाई है।

कई स्थानों पर आम जनजीवन पूरी तरह से अस्त-व्यस्त हो गया है और सेना के शिविर भी इस प्राकृतिक आपदा की चपेट में आ गए हैं। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, प्रभावित राज्यों को फिलहाल राहत मिलने के आसार नहीं हैं।

अरुणाचल प्रदेश और सिक्किम में बाढ़-भूस्खलन से हाहाकार

पूर्वोत्तर भारत में मूसलाधार बारिश से हालात गंभीर बने हुए हैं:

  • अरुणाचल प्रदेश: भारी बारिश के कारण अंजॉ जिले में बाढ़ जैसी स्थिति पैदा हो गई है। मौसम की इस मार से सेना का एक स्थानीय शिविर भी प्रभावित हुआ है।
  • अंजॉ जिला आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी वीडियो और तस्वीरों में रास्तों पर भारी जलभराव और पानी का तेज प्रवाह देखा जा सकता है, जो मंजर की भयावहता को बयां कर रहा है।
  • सिक्किम: अरुणाचल के अलावा सिक्किम में भी भीषण भूस्खलन की खबरें हैं। पश्चिम सिक्किम के रिम्बी और सिंगलिटम क्षेत्रों में आपदा ने भारी नुकसान पहुंचाया है, जिसके विजुअल राज्य आपदा प्रबंधन एजेंसी ने जारी किए हैं।

हिमाचल प्रदेश में त्राहिमाम: 972 करोड़ का नुकसान

पहाड़ी राज्य हिमाचल प्रदेश में भी 30 जून से शुरू हुए मानसून सीजन में मौसम की मार ने तबाही मचा रखी है।

राज्य सरकार और मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि (30 जून से 15 अगस्त) में हुए नुकसान का विवरण इस प्रकार है:

  • 183 लोगों की मौत: अब तक 79 लोगों की मौत प्राकृतिक आपदाओं और बारिश से जुड़ी घटनाओं में हुई है, जबकि 104 लोगों ने सड़क हादसों में अपनी जान गंवाई है।
  • आर्थिक नुकसान: राज्य में कुल आर्थिक नुकसान 972.64 करोड़ रुपये आंका गया है। इसमें सबसे ज्यादा नुकसान लोक निर्माण विभाग (PWD) को झेलना पड़ा है।
  • घायल और लापता: मानसून से जुड़ी घटनाओं में अब तक 291 लोग घायल हुए हैं और 31 लोग लापता हैं। इसके अलावा 732 से अधिक पशु भी मारे गए हैं।
  • बुनियादी ढांचे को नुकसान: 15 अगस्त की शाम तक राज्य में 103 सड़कें बंद थीं (मंडी में 43 और कुल्लू में 32)।
  • इसके अलावा 221 जलापूर्ति योजनाएं पूरी तरह से ठप हैं, जिनमें अकेले मंडी जिले की 209 योजनाएं शामिल हैं। प्रशासन राहत और बहाली कार्यों में युद्ध स्तर पर जुटा है।

राहत के आसार नहीं, 18-19 अगस्त तक बारिश का अलर्ट

मौसम विभाग की तरफ से जारी पूर्वानुमान के मुताबिक, अभी इन राज्यों को प्राकृतिक आपदा से कोई राहत मिलती नहीं दिख रही है।

कई शहरों में 18-19 अगस्त तक भारी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। वहीं, हिमाचल और पूर्वोत्तर के अलावा असम और ओडिशा समेत कई अन्य राज्यों में भी बाढ़ और बारिश का कहर देखने को मिल रहा है।

Santosh SETH

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