Taliban army retaliates against Pakistan

पाकिस्तान-अफगानिस्तान बॉर्डर पर छिड़ी जंग: पाकिस्तानी हवाई हमलों के बाद अफगान तालिबान का करारा पलटवार | The Politics Again

“पाकिस्तान और अफगान तालिबान के बीच बॉर्डर पर छिड़ी भीषण जंग, हवाई हमलों के जवाब में अफगान आर्मी का करारा पलटवार”

काबुल/इस्लामाबाद (The Politics Again) : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच डूरंड लाइन (सीमा) पर तनाव एक बार फिर चरम पर पहुंच गया है। दोनों देशों की सेनाओं के बीच भारी गोलाबारी और सैन्य टकराव की खबरें हैं।

अफगानिस्तान की सत्ता पर काबिज तालिबान आर्मी ने पाकिस्तानी हवाई हमलों के जवाब में कड़ी सैन्य कार्रवाई शुरू कर दी है, जिससे सीमावर्ती इलाकों में युद्ध जैसे हालात बन गए हैं।

हवाई हमलों के बाद शुरू हुई ‘भारी झड़पें’

अफगानिस्तान के पूर्वी सैन्य कोर के मीडिया ऑफिस द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में कहा गया है कि गुरुवार रात को पाकिस्तानी सेना ने अफगानिस्तान के ‘नंगरहार और पक्तिया’ प्रांतों में हवाई हमले (Airstrikes) किए थे।

इन अकारण हमलों के जवाब में अफगान सैन्य अफसरों ने पाकिस्तान के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है और सीमा पर दोनों तरफ से ‘भारी झड़पें’ शुरू हो गई हैं।

दावों और पलटवार का दौर जारी

इस सैन्य टकराव से पहले दोनों देशों के बीच बयानों के तीर भी चले थे:

  • पाकिस्तान का दावा: बीते रविवार को पाकिस्तानी सेना ने सीमा पार हमले किए थे और दावा किया था कि उसने कम से कम 70 आतंकवादियों को मार गिराया है।

  • अफगानिस्तान का पलटवार: तालिबान सरकार ने पाकिस्तान के इस दावे को सिरे से खारिज कर दिया। अफगानिस्तान का कहना है कि इन हमलों में आतंकवादी नहीं, बल्कि महिलाओं और बच्चों समेत दर्जनों निर्दोष अफगान नागरिक मारे गए हैं। इसी का बदला अब तालिबानी आर्मी ले रही है।

पाकिस्तान ने लगाया ‘बिना उकसावे की गोलीबारी’ का आरोप

इस बीच, पाकिस्तान ने अफगान तालिबान पर सीमा पर तनाव बढ़ाने का ठीकरा फोड़ा है। पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ के प्रवक्ता मोशर्रफ जैदी ने बताया कि अफगान तालिबान ने तोरखम और तिराह उप-क्षेत्रों में बिना किसी उकसावे के गोलीबारी शुरू कर दी।

प्रवक्ता ने दावा किया कि पाकिस्तानी सुरक्षाबलों ने इस गोलाबारी का तुरंत और कड़ा जवाब देते हुए तालिबानी आक्रामकता को शांत कर दिया है।

पाकिस्तान ने चेतावनी दी है कि भविष्य में ऐसे किसी भी हमले का और भी सख्त जवाब दिया जाएगा।

अक्टूबर में भी हुआ था खूनी संघर्ष

आपको बता दें कि दोनों पड़ोसी देशों के बीच सीमा विवाद नया नहीं है। पिछले साल अक्टूबर में भी दोनों पक्षों के बीच भयानक सशस्त्र संघर्ष हुआ था।

पाकिस्तानी सेना के आंकड़ों के मुताबिक, उस भीषण टकराव में 23 पाकिस्तानी सैनिक और 200 से ज्यादा अफगान तालिबान के लड़ाके मारे गए थे।

उस खूनी संघर्ष के बाद दोनों देशों के बीच सीजफायर (युद्धविराम) पर सहमति बनी थी, जो अब फिर से टूटती हुई नजर आ रही है।

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