वाराणसी के युवक का अपहरण, फर्जी असलहा थमाकर पुलिस ने लूटा
खाकी पर गंभीर आरोप: वाराणसी के युवक का अपहरण कर जौनपुर ले गई पुलिस, फर्जी असलहा थमाकर लूटे लाखों रुपये, 6 पर FIR”
वाराणसी/जौनपुर: दीपू हिन्दू की रिपोर्ट : (THE POLITICS AGAIN)
उत्तर प्रदेश पुलिस की कार्यप्रणाली पर एक बार फिर गंभीर और शर्मनाक सवाल खड़े हुए हैं। वाराणसी के एक युवक का दिनदहाड़े अपहरण कर, उसे फर्जी मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर लाखों रुपये की रंगदारी वसूलने का सनसनीखेज मामला सामने आया है।
इस संगीन आरोप में जौनपुर के सुरेरी थाने में मंगलवार देर शाम राजेंद्र दुबे, वंशनारायण गिरि और सादी वर्दी वाले चार अज्ञात पुलिसकर्मियों के खिलाफ अपहरण, लूट और जबरन वसूली की धाराओं में प्राथमिकी (FIR) दर्ज की गई है।
जौनपुर के एसएसपी कुंवर अनुपम सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एसपी ग्रामीण आशीष कुमार को सौंप दी है।
साजिश के तहत अपहरण और थाने में फर्जी वीडियो
वाराणसी जिले के बड़ागांव थाना क्षेत्र (चिलबिला) के निवासी पीड़ित सुशील कुमार पांडेय ने एसपी को दी गई अपनी तहरीर में बताया कि 13 सितंबर की सुबह वह घर से मंदिर पूजा करने जा रहे थे।
रास्ते में उनके परिचित राजेंद्र दूबे ने फोन कर उन्हें मुख्य हाईवे पर मिलने बुलाया। जब वह वहां पहुंचे, तो राजेंद्र एक कार में बैठा मिला।
तभी वहां सादे कपड़ों में चार लोग पहुंचे और खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए सुशील को जबरन कार में बैठा लिया।
अपहरणकर्ताओं ने न तो अपनी कोई पहचान दिखाई और न ही स्थानीय (वाराणसी) पुलिस को कोई सूचना दी।
आरोपी उन्हें सीधे जौनपुर के सुरेरी थाने ले गए। आरोप है कि थाने पहुंचने के बाद पुलिसकर्मियों ने सुशील के हाथ में एक अवैध असलहा पकड़ा दिया और उसका वीडियो बना लिया।
साथ ही एक सादे कागज, जिस पर ऊपर दो-तीन लाइनें लिखी थीं, पर दबाव डालकर हस्ताक्षर भी करा लिए गए।
5 लाख की मांग, एनडीपीएस (NDPS) में फंसाने की धमकी
फर्जी असलहा तस्कर बताने के बाद पुलिसकर्मियों ने सुशील से 5 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। जब पीड़ित ने खुद को बेरोजगार और किसान बताते हुए असमर्थता जताई,
तो उसे अवैध असलहे और गांजे (मादक पदार्थ) के साथ एनडीपीएस के दो फर्जी मुकदमों में जेल भेजने की धमकी दी गई। खौफजदा पीड़ित को परिवार वालों से बात कर पैसे मंगाने के लिए मजबूर किया गया।
नकद और यूपीआई से हुई वसूली, जान से मारने की धमकी
जानकारी मिलने पर सुशील के परिजन सुरेरी थाने पहुंचे।
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नकद भुगतान: पुलिसकर्मियों से बातचीत के बाद परिवार वालों ने 1.05 लाख रुपये नकद दिए।
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ऑनलाइन ट्रांसफर: इसके बाद पीड़ित के साथ मारपीट की गई और मोबाइल का यूपीआई (UPI) नंबर जानकर वंशनारायण गिरि के बैंक खाते में तीन बार में ऑनलाइन रकम ट्रांसफर कराई गई।
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इसमें 55,000 रुपये, 5,000 रुपये और 299 रुपये (कुल 60,299 रुपये) शामिल हैं। पीड़ित ने पुलिस को सभी ट्रांजेक्शन आईडी और समय के साक्ष्य सौंप दिए हैं।
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पैसे लेने के बाद पुलिसकर्मियों ने धमकी दी कि यदि किसी से शिकायत की, तो पैर में गोली मार देंगे, वीडियो वायरल कर देंगे और पूरे परिवार को जेल भेज देंगे।
सीसीटीवी फुटेज और साक्ष्यों की जांच शुरू
सुशील ने न्याय की गुहार लगाते हुए एसपी से 13 सितंबर की सुरेरी थाने की सीसीटीवी फुटेज, जबरन बनवाया गया वीडियो और हस्ताक्षर वाले कागज को सुरक्षित कराने की मांग की है।
जौनपुर के एसएसपी कुंवर अनुपम सिंह ने कहा, “पीड़ित की तहरीर पर सुरेरी थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
एसपी ग्रामीण को मामले की गहन जांच सौंपी गई है। थाने की सीसीटीवी फुटेज और ऑनलाइन लेनदेन के विवरण की जांच अहम सबूत साबित होंगे।”











