उत्तराखंड: जोशीमठ में बहा वैली ब्रिज, 17 गांवों का संपर्क टूटा
उत्तराखंड में कुदरत का कहर: जोशीमठ के पास उफान में बहा वैली ब्रिज, 17 गांवों का संपर्क टूटा, BRO का चालक लापता”
जोशीमठ (उत्तराखंड): द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तराखंड के सीमांत क्षेत्रों में लगातार हो रही मूसलाधार बारिश एक बार फिर बड़ी तबाही का कारण बन गई है।
तमक नाला उफनाने से नाले पर बना पुल क्षतिग्रस्त, मलारी से आगे आवाजाही बाधित। फिलहाल किसी जनहानि की सूचना नहीं है।
पुलिस, प्रशासन, SDRF व NDRF की टीमें मौके के लिए रवाना। स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है। pic.twitter.com/0qgB4mngJx
— Chamoli Police Uttarakhand (@chamolipolice) August 10, 2026
चमोली जिले में जोशीमठ से करीब 37 किलोमीटर आगे लोंग (तमक) नामक स्थान पर हाल ही में बनाया गया ‘वैली ब्रिज’ उफनती नदी के तेज बहाव में ताश के पत्तों की तरह ढह कर बह गया।
इस भयानक हादसे में एक डोजर (Dozer) और सीमा सड़क संगठन (BRO) का एक वाहन भी पानी के तेज बहाव की चपेट में आ गया।
17 से अधिक गांवों का संपर्क कटा
इस अहम पुल के टूट जाने से भारत-चीन सीमा को जोड़ने वाली नीती घाटी (Niti Valley) की ओर जाने वाला सड़क मार्ग पूरी तरह से बाधित हो गया है।
पुल के दूसरी तरफ मौजूद 17 से अधिक गांवों का सड़क संपर्क शेष दुनिया से कट गया है। सीमांत क्षेत्र के लिए इस पुल को ‘जीवनरेखा’ (Lifeline) माना जाता था। अब आवश्यक सेवाओं और रोजमर्रा के सामान की आपूर्ति ठप होने का खतरा मंडरा रहा है।
BRO का चालक लापता, SDRF का रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू
चमोली के अपर जिलाधिकारी (ADM) विवेक प्रकाश ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया,
“तमक नाले में शाम करीब 5:30 बजे अचानक पानी का बहुत तेज और भयावह बहाव आया। इस दौरान वहां बने वैली ब्रिज का नामोनिशान मिट गया। घटना के वक्त BRO के अधिकारी और कर्मचारी मौके पर मौजूद थे। दुखद बात यह है कि BRO का एक वाहन और उसका चालक लापता हैं।”
लापता चालक की तलाश के लिए एसडीआरएफ (SDRF) की टीम को तत्काल घटनास्थल के लिए रवाना कर दिया गया है और बड़े पैमाने पर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।
ITBP से समन्वय और पर्यटकों को अलर्ट
प्रशासन लगातार BRO के संपर्क में है ताकि जल्द से जल्द कोई वैकल्पिक मार्ग तैयार किया जा सके। एडीएम ने बताया कि प्रशासन भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के साथ भी समन्वय कर रहा है ताकि यह पता लगाया जा सके कि उस क्षेत्र में कितने पर्यटक और स्थानीय लोग फंसे हुए हैं।
नीती घाटी की ओर न जाने की अपील
लगातार बिगड़ते हालात और रास्ते बंद होने के कारण प्रशासन ने सख्त एडवाइजरी जारी की है। यात्रियों और स्थानीय लोगों से अपील की गई है कि वे फिलहाल नीती घाटी की ओर बिल्कुल यात्रा न करें।
बारिश और उफनती नदियों के बीच कोई भी जोखिम उठाना जानलेवा साबित हो सकता है।











