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पश्चिम बंगाल : राष्ट्रपति के अपमान पर बवाल; PM मोदी का ममता पर हमला

“पश्चिम बंगाल में बड़ा सियासी बवाल: ‘राष्ट्रपति के अपमान’ पर मोदी-ममता में आर-पार, शाह और राजनाथ ने भी खोला मोर्चा “

कोलकाता/नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट 

पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के आगमन को लेकर एक बड़ा संवैधानिक और राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है।

राष्ट्रपति मुर्मू द्वारा यह कहे जाने के बाद कि हवाई अड्डे पर उनके स्वागत के लिए राज्य सरकार का कोई नुमाइंदा (यहां तक कि मुख्यमंत्री भी नहीं) मौजूद नहीं था, भारतीय जनता पार्टी (BJP) और तृणमूल कांग्रेस (TMC) के बीच सीधी जंग छिड़ गई है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इसे देश के सर्वोच्च पद और आदिवासी समाज का अपमान बताया है, जबकि पलटवार करते हुए सीएम ममता बनर्जी ने भाजपा पर राष्ट्रपति पद के राजनीतिकरण का आरोप लगाया है।

पीएम मोदी का तीखा प्रहार: ‘शर्मनाक और अविश्वसनीय’

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक्स (पूर्व में ट्विटर) पर राष्ट्रपति का वीडियो साझा करते हुए ममता सरकार पर करारा हमला बोला।

  • आदिवासी समाज का अपमान: पीएम मोदी ने लिखा कि यह घटना शर्मनाक और अविश्वसनीय है। स्वयं आदिवासी समुदाय से आने वाली राष्ट्रपति जी की पीड़ा ने भारत की जनता को गहरा दुख पहुंचाया है।

  • पार कीं सारी हदें: उन्होंने आगे कहा कि टीएमसी सरकार ने सारी हदें पार कर दी हैं। संथाल संस्कृति जैसे महत्वपूर्ण विषय को लापरवाही से लेना दुर्भाग्यपूर्ण है। राष्ट्रपति का पद राजनीति से ऊपर है और टीएमसी को अपनी कार्यप्रणाली सुधारनी चाहिए।

शाह और राजनाथ ने भी खोला मोर्चा

  • अमित शाह: केंद्रीय गृह मंत्री ने इसे टीएमसी सरकार का ‘अराजक आचरण’ और ‘प्रोटोकॉल की घोर अवहेलना’ करार दिया।

  • उन्होंने कहा कि जो सरकार नागरिकों के अधिकारों का हनन करती है, वह देश के सर्वोच्च संवैधानिक पद का अपमान करने से भी नहीं हिचकिचाती।

  • राजनाथ सिंह: रक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि टीएमसी सरकार ने संथाल समुदाय को उनके ही अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन से दूर रखकर आदिवासी समाज की भावनाओं और राष्ट्रपति पद की गरिमा को ठेस पहुंचाई है।

ममता बनर्जी का पलटवार: ‘भाजपा कर रही राष्ट्रपति पद का इस्तेमाल’

इन तमाम हमलों के बीच पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने भी आक्रामक रुख अपनाते हुए भाजपा पर गंभीर आरोप लगाए।

  • राजनीति का आरोप: ममता ने कहा कि भाजपा चुनाव के समय पश्चिम बंगाल को बदनाम करने के लिए राष्ट्रपति के नाम का इस्तेमाल कर रही है।

  • राष्ट्रपति एक संवैधानिक पद है और उन्हें भाजपा के कहने पर राजनीतिक विवादों से दूर रहना चाहिए।

  • मणिपुर का उठाया मुद्दा: सीएम ममता ने भाजपा पर आदिवासियों के मुद्दे पर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया।

  • उन्होंने सवाल पूछा कि जब मणिपुर और अन्य भाजपा शासित राज्यों में आदिवासियों पर अत्याचार हुए, तब राष्ट्रपति ने प्रतिक्रिया क्यों नहीं दी?

  • विकास का दावा: उन्होंने दावा किया कि शायद राष्ट्रपति को बंगाल में आदिवासियों के लिए शिक्षा, स्वास्थ्य और सामाजिक क्षेत्र में किए गए विकास कार्यों की सही जानकारी नहीं है।

यह विवाद अब केवल प्रोटोकॉल टूटने का नहीं रह गया है, बल्कि यह आगामी चुनावों के मद्देनजर ‘आदिवासी वोट बैंक’ और केंद्र बनाम राज्य की राजनीतिक अस्मिता की लड़ाई में तब्दील हो चुका है।

Santosh SETH

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