यूपी राज्यसभा चुनाव: CM की मौजूदगी में BJP के 8 प्रत्याशियों का नामांकन
यूपी राज्यसभा चुनाव: सीएम योगी की मौजूदगी में भाजपा के 8 प्रत्याशियों ने किया नामांकन, सपा ने तीसरे उम्मीदवार से खींचे हाथ; निर्विरोध निर्वाचन लगभग तय”
लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए पिछले कुछ दिनों से चल रही सियासी खींचतान और क्रॉस-वोटिंग की अटकलों पर मंगलवार को विराम लग गया।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के सभी आठ प्रत्याशियों ने विधानभवन पहुंचकर अपना नामांकन दाखिल कर दिया।
वहीं, एक बड़ा यू-टर्न लेते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने स्पष्ट कर दिया कि पार्टी चुनाव में अपना तीसरा उम्मीदवार मैदान में नहीं उतारेगी।
कुल 10 सीटों के लिए केवल 10 (8 भाजपा और 2 सपा) उम्मीदवारों के नामांकन दाखिल होने से अब उत्तर प्रदेश में राज्यसभा चुनाव निर्विरोध संपन्न होना लगभग तय हो गया है और 16 अक्टूबर को मतदान की नौबत शायद नहीं आएगी।
दिग्गजों के जमावड़े के बीच भाजपा प्रत्याशियों का शक्ति प्रदर्शन
नामांकन के आखिरी दिन भाजपा प्रत्याशी धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, रामप्रताप सिंह चौहान और श्रुति गंगवार ने अपना पर्चा दाखिल किया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी प्रत्याशियों को शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर विधानभवन में एनडीए का भारी शक्ति प्रदर्शन देखने को मिला। पर्चा दाखिले के दौरान मुख्यमंत्री के अलावा केंद्रीय वित्त राज्यमंत्री और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक प्रमुख रूप से मौजूद रहे।
इसके अलावा योगी सरकार के वरिष्ठ मंत्री सुरेश खन्ना, राकेश सचान, आशीष पटेल, डॉ. संजय निषाद, कपिलदेव अग्रवाल, जेपीएस राठौर, दिनेश प्रताप सिंह, गिरीश चंद्र यादव, ब्रजेश सिंह, सतीश चंद्र शर्मा और बलदेव सिंह औलख सहित कई अन्य नेता भी उपस्थित थे।
प्रदेश मुख्यालय से विधानभवन तक ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न
मंगलवार सुबह नामांकन से पहले सभी आठों प्रत्याशी भाजपा प्रदेश मुख्यालय पहुंचे। उनके पहुंचते ही बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता वहां जुट गए और ढोल-नगाड़ों व फूल-मालाओं के साथ अपने नेताओं का भव्य स्वागत किया गया।
इसके बाद सभी उम्मीदवार भारी समर्थकों और पार्टी नेताओं के हुजूम के साथ विधानभवन के लिए रवाना हुए, जहां पूरी चुनावी प्रक्रिया संपन्न की गई।
सपा के पीछे हटने से साफ हुई तस्वीर
सोमवार तक सपा खेमे से यह दावा किया जा रहा था कि 10 विधायकों ने तीसरे प्रत्याशी के लिए हस्ताक्षर कर दिए हैं, लेकिन मंगलवार को नामांकन के आखिरी दिन सपा ने अपना कदम पीछे खींच लिया।
अखिलेश यादव के इस फैसले के बाद सपा की तरफ से केवल दो उम्मीदवार—प्रो. रामगोपाल यादव और रिलायंस इंडस्ट्रीज के अधिकारी धनराज परिमल नाथवानी—ही मैदान में रह गए हैं, जो पहले ही अपना नामांकन कर चुके हैं।
क्या है आगे की प्रक्रिया?
राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन की अंतिम तारीख 6 अक्टूबर थी। चुनाव आयोग के कार्यक्रम के अनुसार 7 अक्टूबर को सभी नामांकन पत्रों की जांच (Scrutiny) होगी।
इसके बाद 9 अक्टूबर तक नाम वापस लिए जा सकेंगे। चूंकि 10 सीटों पर केवल 10 ही नामांकन हुए हैं, इसलिए 9 अक्टूबर को नाम वापसी का समय खत्म होने के बाद सभी प्रत्याशियों के निर्विरोध निर्वाचन की औपचारिक घोषणा होने की पूरी संभावना है।
यूपी राज्यसभा चुनाव 2026: नामांकन का पूरा समीकरण
| चुनावी प्रक्रिया / पहलू | महत्वपूर्ण जानकारी एवं आंकड़े |
| कुल रिक्त सीटें | 10 सीटें |
| भाजपा के प्रत्याशी (8) | धर्मपाल सिंह, राधाकांत ओझा, प्रकाश पाल, विद्यासागर सोनकर, गोपी कृष्ण पांडेय, प्रियंका सिंह रावत, रामप्रताप सिंह चौहान, श्रुति गंगवार |
| सपा के प्रत्याशी (2) | रामगोपाल यादव और धनराज परिमल नाथवानी |
| सपा का रुख | तीसरा उम्मीदवार नहीं उतारने का आधिकारिक फैसला |
| नामांकन में प्रमुख उपस्थिति | सीएम योगी, पंकज चौधरी, दोनों डिप्टी सीएम व एनडीए के कई मंत्री |
| नामांकन पत्रों की जांच | 7 अक्टूबर 2026 |
| नाम वापसी की अंतिम तिथि | 9 अक्टूबर 2026 |
| संभावित परिणाम | सभी 10 सीटों पर प्रत्याशियों का निर्विरोध निर्वाचन तय |











