यूपी चुनाव 2027 के लिए भाजपा की तैयारी शुरू। संगठन में 60% नए चेहरे, विधायकों का होगा परफॉर्मेंस टेस्ट।
मिशन 2027: यूपी में BJP ने कसी कमर, संगठन में 60% नए चेहरे; विधायकों का होगा ‘परफॉर्मेंस टेस्ट’
लखनऊ/नई दिल्ली: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव की आहट अब साफ तौर पर सुनाई देने लगी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के हालिया दिल्ली दौरे और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व राष्ट्रीय अध्यक्ष से मुलाकात के बाद प्रदेश भाजपा (UP BJP) पूरी तरह से ‘चुनावी मोड’ में आ गई है।
पार्टी ने केवल नारों तक सीमित न रहकर बूथ से लेकर विधानसभा क्षेत्र तक संगठन को सक्रिय करने के लिए नई नियुक्तियों का ऐलान कर दिया है।
भाजपा ने उत्तर प्रदेश के छह संगठनात्मक क्षेत्रों और विभिन्न मोर्चों के प्रभारियों की घोषणा कर दी है, जिसमें लगभग 60 फीसदी नए चेहरों को जगह दी गई है।
क्षेत्रीय प्रभारी: दिलीप पटेल (अवध), अभिजात मिश्रा (गोरखपुर), रमेश सिंह (काशी), गीता शाक्य (बृज), राम प्रताप चौहान (पश्चिम) और शंकर लोधी (कानपुर-बुंदेलखंड) को जिम्मेदारी सौंपी गई है।
मोर्चा प्रभारी: इस बार सात की जगह आठ प्रदेश महामंत्री बनाए गए हैं। राजेश चौधरी (युवा मोर्चा), संजय राय (OBC), धर्मेंद्र सिंह (SC), कामेश्वर सिंह (महिला मोर्चा), प्रियंका रावत (ST), देवेश कोरी (अल्पसंख्यक) और शंकर गिरि को किसान मोर्चे की कमान दी गई है।
संगठन के बाद अब भाजपा का अगला फोकस टिकट वितरण पर है। सूत्रों के मुताबिक, पार्टी मौजूदा विधायकों का ‘रिपोर्ट कार्ड’ तैयार करा रही है।
टिकट वितरण में केवल विधायक होना ही काफी नहीं होगा; क्षेत्र में सक्रियता और जनता के बीच स्वीकार्यता का कड़ा ‘परफॉर्मेंस टेस्ट’ लिया जाएगा।
खराब प्रदर्शन या जनता की नाराजगी वाले विधायकों के टिकट कट सकते हैं। इस बार महिलाओं और युवाओं को बड़ी संख्या में मौका देने की तैयारी है।
इसके साथ ही, परिवारवाद से बचने के लिए सांसदों द्वारा अपने परिजनों के लिए टिकट मांगने की प्रवृत्तियों पर भी पार्टी सख्ती दिखा सकती है।
सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारा भी भाजपा के लिए एक चुनौती होगी। खास तौर पर सुभासपा प्रमुख ओम प्रकाश राजभर जैसे नेता जो ज्यादा सीटों की मांग कर रहे हैं, उनके साथ संतुलन बिठाना अहम होगा।
वहीं, समाजवादी पार्टी (SP) के ‘पीडीए’ (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) फॉर्मूले की काट के लिए भाजपा ने अपने सभी मोर्चों को पूरी तरह सक्रिय कर दिया है।
पार्टी नेतृत्व ने स्पष्ट कर दिया है कि 2027 के चुनाव में योगी आदित्यनाथ ही भाजपा का मुख्य चेहरा होंगे और उनके नेतृत्व में सत्ता की ‘हैट्रिक’ लगाने का लक्ष्य है।
यह चुनाव ‘योगी मॉडल’ पर जनादेश की परीक्षा भी होगा। इसके अलावा, बताया जा रहा है कि आगामी शारदीय नवरात्रि से यूपी में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय मंत्रियों के दौरे बढ़ाए जाएंगे, ताकि संगठन और सरकार के मोर्चे पर एक साथ चुनावी माहौल बनाया जा सके।
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