यूपी चुनाव: सपा का सहयोगी दलों को संदेश, केवल जिताऊ प्रत्याशी लड़ेंगे
यूपी विधानसभा चुनाव: ‘इंडिया’ गठबंधन को सपा का दो टूक संदेश, केवल मजबूत और ‘जिताऊ’ उम्मीदवारों को ही मिलेगा टिकट”
लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट
उत्तर प्रदेश के आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। सत्ता में वापसी की पुरजोर कोशिशों में जुटी समाजवादी पार्टी (सपा) ने ‘इंडिया’ (INDIA) गठबंधन के अपने मौजूदा और संभावित सहयोगी दलों के लिए एक सख्त और स्पष्ट संदेश जारी किया है।
पार्टी ने साफ कर दिया है कि आगामी चुनावों में गठबंधन के भीतर केवल उन्हीं प्रत्याशियों को चुनावी मैदान में उतारा जाएगा, जो पूरी तरह से ‘जिताऊ’ हों और जिनका अपने-अपने क्षेत्रों में मजबूत व्यक्तिगत जनाधार हो।
उम्मीदवारों के नाम और ब्योरा पहले देना होगा
समाजवादी पार्टी के शीर्ष नेतृत्व का मानना है कि किसी भी गठबंधन की असली सफलता इस बात पर निर्भर करती है कि मैदान में उतारे गए उम्मीदवार जनता के बीच कितने प्रभावी हैं।
सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस सहित गठबंधन के अन्य सभी सहयोगी दलों को यह स्पष्ट रूप से बता दिया गया है कि वे जिन भी सीटों पर चुनाव लड़ने की इच्छा रखते हैं, वहां उन्हें अपने प्रस्तावित प्रत्याशियों के नाम और उनकी जीत की ठोस संभावनाओं का विस्तृत विवरण पहले सपा के सामने प्रस्तुत करना होगा।
समीक्षा के बाद मिलेगी हरी झंडी
सहयोगी दलों द्वारा दी गई सूची और उम्मीदवारों के विवरण की सपा नेतृत्व द्वारा बारीकी से समीक्षा की जाएगी।
केवल उन्हीं चेहरों को चुनाव लड़ने के लिए अंतिम रूप से हरी झंडी दी जाएगी, जिनके बारे में सपा को यह पूर्ण विश्वास हो जाएगा कि वे भाजपा को कड़ी टक्कर देकर चुनाव जीत सकते हैं।
पार्टी का स्पष्ट मानना है कि चुनावी राजनीति में केवल पार्टी का नाम काफी नहीं होता, बल्कि उम्मीदवार की व्यक्तिगत पकड़ और जनता से उसका सीधा जुड़ाव सबसे ज्यादा मायने रखता है।
जो नेता अपने क्षेत्र की जमीनी समस्याओं से भलीभांति परिचित होते हैं, वे ही दमदारी से चुनाव लड़कर जीत सुनिश्चित कर सकते हैं।
सीट बंटवारे की प्रक्रिया होगी प्रभावित
सपा की यह नई और आक्रामक रणनीति गठबंधन के भीतर होने वाले सीट बंटवारे (Seat Sharing) को भी सीधे तौर पर प्रभावित करेगी।
सपा अब अपने कोटे से अन्य दलों को केवल वही सीटें आवंटित करेगी, जिनके लिए सहयोगी दल एक मजबूत और योग्य उम्मीदवार पेश कर पाएंगे।
इसका मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि गठबंधन के तहत किसी भी सीट पर कमजोर उम्मीदवार उतारकर जीत के महत्वपूर्ण अवसर को व्यर्थ न जाने दिया जाए।
गौरतलब है कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव पहले ही यह सार्वजनिक तौर पर कह चुके हैं कि उत्तर प्रदेश में ‘इंडिया’ गठबंधन के तहत सीटों का बंटवारा और उसका नेतृत्व उनकी पार्टी ही करेगी।
अब इस नई शर्त ने यह तय कर दिया है कि आगामी यूपी चुनावों में टिकटों का वितरण केवल योग्यता और जमीनी ताकत के आधार पर होगा।
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