संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज से शुरू। The Politics Again
“बजट सत्र का दूसरा चरण आज से: स्पीकर ओम बिरला को हटाने के प्रस्ताव पर होगी चर्चा, विपक्ष और सत्ता पक्ष में आर-पार के आसार “
नई दिल्ली (The Politics Again): संतोष सेठ की रिपोर्ट
संसद के बजट सत्र का दूसरा चरण आज (सोमवार, 9 मार्च) से शुरू हो रहा है, जिसके बेहद हंगामेदार रहने के आसार हैं।
सत्र के पहले ही दिन लोकसभा में स्पीकर ओम बिरला को पद से हटाने के लिए लाए गए विपक्ष के प्रस्ताव पर तीखी बहस होगी।
इस महत्वपूर्ण चर्चा के लिए एनडीए (NDA) और विपक्षी गठबंधन (I.N.D.I.A) दोनों ने अपने-अपने सांसदों को सदन में उपस्थित रहने के लिए व्हिप जारी कर दिया है।
9 मार्च से 2 अप्रैल तक चलने वाले इस दूसरे चरण में पश्चिम एशिया का संघर्ष, भारत-अमेरिका व्यापार समझौता और पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति के अपमान जैसे कई ज्वलंत मुद्दों पर पक्ष-विपक्ष के बीच भारी तकरार देखने को मिल सकती है।
स्पीकर के खिलाफ विपक्ष का प्रस्ताव: क्या हैं आरोप?
लोकसभा में प्रश्नकाल के बाद 118 विपक्षी सांसदों द्वारा हस्ताक्षरित स्पीकर को हटाने के प्रस्ताव पर चर्चा शुरू होगी। विपक्ष ने स्पीकर ओम बिरला पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं:
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पक्षपात का आरोप: विपक्ष का दावा है कि उन्हें बहस के लिए पर्याप्त समय नहीं मिलता और उनके नोटिस पक्षपातपूर्ण तरीके से खारिज किए जाते हैं।
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माइक बंद करने का मुद्दा: कांग्रेस का आरोप है कि नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के बोलने के दौरान अक्सर उनका माइक बंद कर दिया जाता है।
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विवादास्पद बयान: विपक्ष स्पीकर के उस कथित बयान से भी नाराज है, जिसमें कहा गया था कि महिला सांसद सदन में प्रधानमंत्री पर हमले की योजना बना रही थीं। विपक्ष ने इस आरोप को निराधार बताते हुए सबूत की मांग की है।
क्या पास हो पाएगा प्रस्ताव? समझें आंकड़ों का गणित
संविधान के अनुच्छेद 94(सी) के तहत स्पीकर को हटाने के लिए सदन के तत्कालीन सभी सदस्यों के बहुमत की जरूरत होती है।
यानी 543 सदस्यों वाली लोकसभा में इस प्रस्ताव को पास कराने के लिए कम से कम 272 वोटों की आवश्यकता होगी।
चूंकि एनडीए सरकार के पास अकेले 290 से अधिक सांसदों का मजबूत समर्थन है, इसलिए इस प्रस्ताव के पारित होने की कोई संभावना नहीं है।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि टीएमसी (TMC) के हस्ताक्षर न करने के बावजूद समर्थन देने से विपक्ष सिर्फ बंगाल और तमिलनाडु जैसे राज्यों के आगामी विधानसभा चुनावों से पहले अपनी एकजुटता का संदेश देना चाहता है।
सरकार का पलटवार: ‘राष्ट्रपति के अपमान’ पर गूंजेगा सदन
सरकार भी विपक्ष के इस प्रस्ताव पर रक्षात्मक होने के बजाय बेहद आक्रामक रुख अपनाने की तैयारी में है।
सत्ता पक्ष कांग्रेस पर ‘संसदीय परंपराएं तोड़ने’ का आरोप लगाएगा। इसके साथ ही, पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के अपमान के मुद्दे को सरकार सदन में जोर-शोर से उठाएगी।
खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस मुद्दे पर ममता बनर्जी सरकार की तीखी आलोचना कर चुके हैं।
पश्चिम एशिया संकट पर आज बयान देंगे विदेश मंत्री
ईरान के खिलाफ अमेरिका-इजराइल के संयुक्त हमले से पश्चिम एशिया में उपजे भारी संकट पर विपक्ष ने चर्चा की मांग की है।
इसे देखते हुए रविवार शाम जारी संशोधित कार्यसूची के अनुसार, विदेश मंत्री एस. जयशंकर आज (सोमवार) लोकसभा में पश्चिम एशिया की स्थिति पर भारत सरकार का आधिकारिक बयान देंगे।
इसके अलावा भारत-अमेरिका व्यापार समझौते पर भी विपक्ष सरकार को घेरने की कोशिश करेगा।












