“राजनीति की पिच पर भारत और बांग्लादेश के रिश्ते शेख हसीना के सत्ता से हटते ही खराब हो गए थे, लेकिन अब इसकी आंच क्रिकेट के मैदान तक पहुंच गई है “
नई दिल्ली | The Politics Again ब्यूरो दिनांक: 23 जनवरी, 2026 (शुक्रवार)
भारत और श्रीलंका की संयुक्त मेजबानी में अगले महीने होने वाले T20 वर्ल्ड कप 2026 से बांग्लादेश ने हटने का फैसला किया है। इस फैसले पर पूर्व भारतीय दिग्गज क्रिकेटर मदन लाल ने तीखा हमला बोला है।
मदन लाल ने आरोप लगाया है कि बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) का यह फैसला ‘बेवकूफी भरा’ है और इसके पीछे असली दिमाग पाकिस्तान का है।
उन्होंने साफ कहा कि पाकिस्तान भारत से सीधे नहीं उलझ सकता, इसलिए वह अब बांग्लादेश को मोहरा बना रहा है।
‘इंडिया टुडे’ से बातचीत में 1983 वर्ल्ड कप विजेता टीम के सदस्य मदन लाल ने कहा:
“यह बांग्लादेश का एक बेवकूफी भरा फैसला है। इससे भारत या बीसीसीआई को कोई नुकसान नहीं होने वाला। नुकसान सिर्फ बांग्लादेश का होगा। इतने बड़े ग्लोबल टूर्नामेंट का बॉयकॉट करने से बांग्लादेश को भारी आर्थिक नुकसान (Commercial Loss) उठाना पड़ेगा और वे क्रिकेट की दुनिया में अलग-थलग पड़ जाएंगे।”
इस पूरे विवाद में पाकिस्तान क्रिकेट बोर्ड (PCB) और एशियन क्रिकेट काउंसिल के अध्यक्ष मोहसिन नकवी को ‘विलेन’ माना जा रहा है।
फ्लैशबैक 2025: रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में जब भारत ने पाकिस्तान को हराकर एशिया कप जीता था, तब नकवी ट्रॉफी देने के बजाय उसे लेकर मैदान से चले गए थे। भारत और आईसीसी के हस्तक्षेप के बावजूद ट्रॉफी अब तक नहीं सौंपी गई है।
बदले की भावना: मदन लाल और क्रिकेट जानकारों का मानना है कि नकवी उसी हार और अपमान का बदला लेने के लिए बांग्लादेश को उकसा रहे हैं। चूंकि पाकिस्तान खुद कुछ कर नहीं पा रहा, इसलिए वह बांग्लादेश के कंधे पर रखकर बंदूक चला रहा है।
बांग्लादेश ने तर्क दिया है कि भारत में उनकी टीम को सुरक्षा का खतरा है, इसलिए उनके मैच श्रीलंका शिफ्ट किए जाएं।
ICC का जवाब: आईसीसी ने इस मांग को सिरे से खारिज कर दिया है। आईसीसी का कहना है कि भारत में सुरक्षा का कोई मसला नहीं है और अब वेन्यू बदलने के लिए समय नहीं बचा है।
मदन लाल का तर्क: मदन लाल ने कहा कि बांग्लादेश को कोलकाता और मुंबई में खेलना था। मुंबई भारत के सबसे सुरक्षित शहरों में से एक है। सुरक्षा का बहाना केवल एक राजनीतिक स्टंट है।
बांग्लादेश में यूनुस सरकार के आने के बाद से भारत विरोधी भावनाएं भड़काई जा रही हैं। पाकिस्तान का स्टैंड और बांग्लादेश का स्टैंड इस मामले में एक जैसा है, जो यह साबित करता है कि दोनों मिलकर भारत की मेजबानी को खराब करने की साजिश रच रहे हैं।
हालांकि, बीसीसीआई ने साफ कर दिया है कि टूर्नामेंट तय शेड्यूल के मुताबिक ही होगा, चाहे बांग्लादेश खेले या न खेले।
क्रिकेट को राजनीति से दूर रखने की बातें अक्सर होती हैं, लेकिन पड़ोसी मुल्क इसे हथियार बनाने से बाज नहीं आते।
पाकिस्तान की शह पर बांग्लादेश का यह कदम उसे अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में ‘आत्मघाती’ साबित हो सकता है।
भारत वर्ल्ड क्रिकेट का पावरहाउस है, और उससे पंगा लेकर बांग्लादेश अपना ही भविष्य अंधकारमय कर रहा है।
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