Uttar Pradesh Parliamentary Affairs Minister Suresh Khanna presenting the supplementary budget in the assembly.

यूपी विधानसभा में 59,019 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश

यूपी विधानसभा में 59,019 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश: ऊर्जा और औद्योगिक विकास पर जोर, कैबिनेट के 21 प्रस्ताव पास”

 लखनऊ: द पॉलिटिक्स अगेन : संतोष सेठ की रिपोर्ट

उत्तर प्रदेश विधानमंडल के मानसून सत्र के दूसरे दिन सदन में भारी हंगामे के बीच सरकार का बहुप्रतीक्षित अनुपूरक बजट (Supplementary Budget) पेश कर दिया गया।

 

संसदीय कार्यमंत्री सुरेश खन्ना ने सदन में ₹59,019.54 करोड़ का अनुपूरक बजट पेश किया। नए एक्सप्रेसवे, ग्रामीण इलाकों की बुनियादी सुविधाओं और छात्राओं को मुफ्त स्कूटी जैसी योजनाओं पर बजट में विशेष फोकस रखा गया है।

हालांकि, बजट पेश होने के दौरान समाजवादी पार्टी (सपा) के सदस्यों का हंगामा लगातार जारी रहा और उन्होंने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की।

किन विभागों को मिला कितना हिस्सा?

अनुपूरक बजट में राज्य के अलग-अलग सेक्टरों और विभागों के लिए वित्तीय प्रावधान किए गए हैं:

  • औद्योगिक विकास और बुनियादी ढांचा: भारी एवं मध्यम उद्योग विभाग के लिए ₹1,303.01 करोड़ का राजस्व और ₹20,905.88 करोड़ का भारी-भरकम पूंजीगत बजट मंजूर किया गया है।

  • इसके अलावा हथकरघा एवं वस्त्रोद्योग को ₹150.27 करोड़ और मुद्रण कार्यों हेतु ₹23.50 करोड़ की व्यवस्था की गई है।

  • ऊर्जा और समाज कल्याण: ऊर्जा क्षेत्र के लिए ₹4,722 करोड़ और समाज कल्याण के लिए ₹1,655 करोड़ की व्यवस्था प्रस्तावित की गई है।

  • कृषि और संबद्ध क्षेत्र: कृषि विभाग को राजस्व और पूंजीगत विकास के लिए कुल मिलाकर महत्वपूर्ण आवंटन मिला है।

  • इसके अलावा उद्यान एवं खाद्य प्रसंस्करण विभाग को ₹244.80 करोड़ राजस्व, पशुपालन विभाग को पशुधन विकास हेतु, और दुग्ध विकास विभाग के लिए ₹204.25 करोड़ का राजस्व बजट मंजूर हुआ है।

  • स्वास्थ्य सेवाएं: एलोपैथी चिकित्सा प्रभाग को सबसे बड़ा हिस्सा मिला है, जिसमें ₹1,100 करोड़ राजस्व और ₹96 करोड़ पूंजीगत मद में रखे गए हैं। परिवार कल्याण प्रभाग के लिए ₹704.25 करोड़ का प्रावधान किया गया है।

कैबिनेट बैठक में 21 अहम प्रस्तावों पर मुहर

सदन की कार्यवाही के साथ-साथ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंत्रिपरिषद (कैबिनेट) की एक महत्वपूर्ण बैठक भी आयोजित की गई।

इस बैठक में प्रदेश के समग्र विकास, बुनियादी ढांचे (Infrastructure), जन-कल्याण और प्रशासनिक सुधारों से जुड़े 21 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई।

इन फैसलों का उद्देश्य राज्य के ढांचागत विकास को नई गति देना और किसानों-श्रमिकों के जीवन स्तर को सुधारना है।